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होर्मुज पर केंद्र की पैनी नजर: ईंधन की आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित, नाविकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: राकेश कुमार Updated Thu, 18 Jun 2026 03:43 PM IST
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सार

पश्चिम एशिया के संकट के बीच भारत में पेट्रोल, डीजल, गैस और खाद की कोई कमी नहीं होगी। सरकार ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। इसके साथ ही, वहां फंसे भारतीय नाविकों और नागरिकों को सुरक्षित निकालने का काम तेजी से जारी है। सरकार ने और क्या नई जानकारी दी है? जानिए...
 

West Asia Crisis Strait of Hormuz Strait of Hormuz LPG Cargo india Fuel Stock updates
अंतर-मंत्रालयी बैठक - फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार

पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारत सरकार पूरी तरह मुस्तैद है। केंद्र सरकार खाड़ी क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही पर लगातार नजर रख रही है। राहत की बात यह है कि देश में कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस और पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। सरकार ने साफ किया है कि इस तनावपूर्ण माहौल में भारतीय जहाजों और नाविकों की सुरक्षा उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। गुरुवार, 18 जून को एक अंतर-मंत्रालयी बैठक में बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय तथा पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों ने इस सुरक्षा और आपूर्ति की समीक्षा की।


सुरक्षित पार हुआ 'दिशा' जहाज, नियंत्रण कक्ष सक्रिय
बैठक में बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय के निदेशक ओपेश कुमार शर्मा ने एक बड़ी कामयाबी की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 'दिशा' नामक एलएनजी टैंकर सुरक्षित तरीके से ओमान के पास के संवेदनशील होर्मुज को पार कर चुका है। माल्टा के झंडे वाला यह जहाज 62,370 मीट्रिक टन एलएनजी लेकर गुरुवार को ही गुजरात के दाहेज बंदरगाह पहुंचने की उम्मीद है। अधिकारी ने बताया कि सरकार हर पल की स्थिति पर नजर रख रही है। महानिदेशक जहाजरानी इस मामले में विदेश मंत्रालय, विदेशों में मौजूद भारतीय दूतावासों और शिपिंग कंपनियों के साथ लगातार संपर्क में हैं। 
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संकट में फंसे नाविकों की मदद
नाविकों की सुरक्षा के लिए बनाए गए नियंत्रण कक्ष ने पिछले 72 घंटों में रिकॉर्ड काम किया है। इस दौरान कंट्रोल रूम को 13,187 फोन कॉल और 29,376 ईमेल मिले हैं। इनमें से 450 कॉल और 1,077 ईमेल सीधे नाविकों और उनके चिंतित परिवारों से मदद के लिए आए थे। सरकार अब तक 3,639 से अधिक भारतीय नाविकों को सुरक्षित स्वदेश वापस ला चुकी है, जिनमें से 47 नाविकों को पिछले तीन दिनों में ही वापस लाया गया है।

देश में ईंधन की कोई कमी नहीं
दूसरी ओर, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने घरेलू मोर्चे पर राहत भरी खबर दी। उन्होंने बताया कि देश में पेट्रोल, डीजल, कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति शृंखला पूरी तरह मजबूत है। देश के किसी भी बंदरगाह पर जहाजों की कोई कतार या भीड़ नहीं है। एलपीजी (रसोई गैस) की डिलीवरी का बैकलॉग घटकर अब महज 3.1 दिन रह गया है। पिछले तीन दिनों में कंपनियों ने 1.36 लाख बुकिंग के मुकाबले 1.47 लाख एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी कर आपूर्ति को और बेहतर किया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों के असर पर उन्होंने कहा कि खुदरा कीमतों पर फैसला वैश्विक परिस्थितियों को देखकर ही लिया जाएगा।

एथेनॉल-ब्लेंडेड ईंधन का बड़ा लक्ष्य
भविष्य में तेल की निर्भरता कम करने के लिए सरकार ने एथेनॉल-ब्लेन्डेड ईंधन कार्यक्रम की प्रगति भी साझा की। मंत्रालय के मुताबिक, वर्तमान में देश के 48 रिटेल आउटलेट्स पर ई-85 (E-85) ईंधन मिल रहा है। सरकार का लक्ष्य इस साल के अंत तक ऐसे आउटलेट्स की संख्या को बढ़ाकर 500 और अगले साल के अंत तक इसे 5,000 तक पहुंचाने का है। पश्चिम एशिया के संकट के बीच सरकार की यह तैयारी देश की दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा को बेहद मजबूत बनाती है।
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