सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   west bengal 14 year old girl declared dead revived by icu technician before burial

डॉक्टरों ने थमा दी डेड बॉडी, घरवाले दफनाने के लिए ले गए, फिर अचानक जाग उठी 14 साल की बच्ची; कैसे हुआ चमत्कार?

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Published by: नवीन पारमुवाल Updated Wed, 11 Feb 2026 02:11 PM IST
विज्ञापन
सार

पश्चिम बंगाल में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां डॉक्टरों ने 14 साल की एक लड़की को मृत घोषित कर दिया था, लेकिन दफनाने से ठीक पहले वह जिंदा हो गई। एक एंबुलेंस टेक्निशियन की सूझबूझ से लड़की की जान बच गई।

west bengal 14 year old girl declared dead revived by icu technician before burial
डॉक्टरों ने जिसे मृत बताया वह लड़की जिंदा निकली। - फोटो : IANS
विज्ञापन

विस्तार

पश्चिम बंगाल से एक अविश्वसनीय घटना सामने आई है। एक ऐसा चमत्कार जिसे सुनकर हर कोई दंग है। जिस 14 साल की बच्ची को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था, जिसके लिए कब्र खोद ली गई थी, वह मौत के मुंह से वापस लौट आई। जिस बच्ची को मरा समझकर दफनाने ही वाले थे, वो अचानक से जिंदा हो गई। भले ही यह अविश्वसनीय लग रहा है, लेकिन ऐसा ही मामला पूर्वी मिदनापुर जिले के एराफतपुर गांव से सामने आया है। 
Trending Videos


दो-दो डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, एराफतपुर गांव की रहने वाली लड़की ने पढ़ाई को लेकर हुए पारिवारिक विवाद के कारण करीब एक हफ्ता पहले कीटनाशक पी लिया था। उसे कई अस्पतालों में ले जाने के बाद पूर्वी मिदनापुर जिले के तमलुक में एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके बाद परिवार वाले लड़की को कोंटाई ले गए और वहां भी एक डॉक्टर से उसकी मौत की पुष्टि की। घर लौटने पर धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार अजान पढ़ी गई और माइक पर मौत की खबर भी दे दी गई। यहां तक कि लड़की को दफनाने के लिए कब्र खोदने का काम भी पूरा हो चुका था। 

यह भी पढ़ें: मौत की छलांग: मामा की बेटी से शादी की थी जिद, टावर पर चढ़कर युवक ने किया हंगामा, फिर कूदकर दे दी जान

एंबुलेंस टेक्निशियन बना फरिश्ता
जब सब कुछ हो चुका था, तभी आईसीयू एंबुलेंस के टेक्निशियन रबींद्रनाथ मंडल ने लड़की की हल्की नब्ज महसूस की। उनके जोर देने पर लड़की को आखिरी बार कोंटाई सब-डिस्ट्रिक्ट अस्पताल ले जाया गया। वहां उसे आईसीयू में भर्ती किया गया और इलाज शुरू हुआ। चमत्कारिक रूप से लड़की के शरीर में हरकत होने लगी।

सात दिनों तक चले इलाज के बाद लड़की पूरी तरह से ठीक हो गई और उसे बुधवार को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। नई जिंदगी पाकर लड़की ने खुद टेक्निशियन और डॉक्टरों को माला पहनाकर उनका आभार जताया। इस घटना को लेकर इलाके में खूब चर्चा हो रही है। 

अस्पताल ने जांच का भरोसा दिया
अस्पताल के अधीक्षक अरूप रतन करन ने कहा, "अगर हमें लिखित शिकायत मिलती है, तो हम मामले की जांच करेंगे और उन डॉक्टरों के खिलाफ जरूरी कार्रवाई करेंगे जिन्होंने उसे मृत घोषित किया था।" उन्होंने यह भी कहा कि यह हमारे लिए बहुत गर्व का दिन है कि हमारे अस्पताल के टेक्निशियन और डॉक्टरों की वजह से एक बच्ची की जान बच गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed