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प. बंगाल: मतगणना से पहले फाल्टा में बवाल, लोगों ने TMC नेताओं पर लगाए धमकाने के आरोप; भारी सुरक्षा बल तैनात
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दक्षिण 24 परगना।
Published by: निर्मल कांत
Updated Sat, 02 May 2026 02:25 PM IST
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सार
मतगणना से पहले दक्षिण 24 परगना के फाल्टा में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। यहां शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सीआरपीएफ और आएएफ के कर्मी तैनात किए गए हैं। इसके अलावा, बख्तरबंद वाहन भी तैनात किया गया। इसी बीच, फाल्टा के लोगों ने आरोप लगाया है कि टीएमसी के कार्यकर्ता उन्हें डरा-धमका रहे हैं। पढ़िए रिपोर्ट...
दक्षिण 24 परगना में पुनर्मतदान जारी
- फोटो : ANI
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विस्तार
दक्षिण 24 परगना जिले के फाल्टा में शनिवार को तनाव फैल गया, जब स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की मतगणना से पहले तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के कार्यकर्ता उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश कर रहे हैं।
लोगों ने टीएमसी नेताओं पर लगाया धमकाने का आरोप
प्रदर्शनकारियों ने फाल्टा में पुनर्मतदान की मांग की। उन्होंने कहा कि टीएमसी समर्थक उन्हें धमका रहे हैं। उन्होंने पूरे क्षेत्र में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की तैनाती की भी मांग की ताकि सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने इलाके में भारी सुरक्षा बल तैनात किए हैं। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) के जवान महत्वपूर्ण स्थानों पर तैनात किए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए सीआरपीएफ का एक बख्तरबंद वाहन भी लगाया गया है।
विरोध कर रहे स्थानीय लोगों में कई महिलाएं भी शामिल हैं। उन्होंने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई और कथित रूप से धमकी देने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। एक महिला ने कहा कि टीएमसी के एक स्थानीय नेता ने उन्हें धमकी दी है कि अगर उनके समर्थक जीतते हैं तो उनके घर जला दिए जाएंगे और हिंसा की जाएगी।
एक अन्य महिला ने आरोप लगाया कि उन्होंने पहले भी सत्तारूढ़ पार्टी को वोट दिया था। फिर भी उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। वहीं, एक अन्य प्रदर्शनकारी ने कहा कि एक स्थानीय टीएमसी नेता मोटरसाइकिल पर कई लोगों के साथ गांव में आया और धमकियां दीं। लोगों को डराया गया कि उन पर हमला भी हो सकता है और उनकी जान को खतरा है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने बताया, हालात नियंत्रण में हैं। लोगों की कुछ खास मांगें हैं। एक मामला धमकी देने का भी है, जिसके संबंध में मामला दर्ज किया गया है। हमने उनकी मांगें सुन ली हैं।
दक्षिण 24 परगना जिले के 15 केंद्रों पर पुनर्मतदान
यह विरोध उस समय हो रहा है, जब चुनाव आयोग के निर्देश पर दक्षिण 24 परगना के मगराहट पश्चिम और डायमंड हार्बर विधानसभा क्षेत्रों में 15 मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान चल रहा है। चुनाव आयोग के अनुसार, दोपहर दो बजे तक मगराहट पश्चिम में 56.33 फीसदी और डायमंड हार्बर में 54.9 फीसदी मतदान दर्ज किया गया। जबकि कुल मतदान प्रतिशत 55.57 रहा।
स्ट्रांग रूम को लेकर सामने आया विवाद
इस बीच, ईवीएम स्ट्रांग रूम को लेकर भी विवाद सामने आया है। टीएमसी ने खिदिरपुर अनुशीलन केंद्र में तैनात निर्वाचन अधिकारी के खिलाफ शिकायत दर्ज की है, जिसमें डाक मतपत्रों के लिफाफों की अनधिकृत छंटाई का आरोप लगाया गया है। यह केंद्र ईवीएम रखने के लिए स्ट्रांग रूम के रूप में इस्तेमाल हो रहा है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भी आरोप लगाया है कि एक स्ट्रांग रूम बिना अनुमति के खोला गया, जिसके बाद जांच शुरू हुई और कम से कम छह अधिकारियों को निलंबित किए जाने की खबर है। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी है, ताकि पुनर्मतदान शांतिपूर्ण तरीके से हो सके और चार मई को मतगणना प्रक्रिया बिना किसी बाधा के पूरी की जा सके।
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लोगों ने टीएमसी नेताओं पर लगाया धमकाने का आरोप
प्रदर्शनकारियों ने फाल्टा में पुनर्मतदान की मांग की। उन्होंने कहा कि टीएमसी समर्थक उन्हें धमका रहे हैं। उन्होंने पूरे क्षेत्र में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की तैनाती की भी मांग की ताकि सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने इलाके में भारी सुरक्षा बल तैनात किए हैं। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) के जवान महत्वपूर्ण स्थानों पर तैनात किए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए सीआरपीएफ का एक बख्तरबंद वाहन भी लगाया गया है।
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विरोध कर रहे स्थानीय लोगों में कई महिलाएं भी शामिल हैं। उन्होंने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई और कथित रूप से धमकी देने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। एक महिला ने कहा कि टीएमसी के एक स्थानीय नेता ने उन्हें धमकी दी है कि अगर उनके समर्थक जीतते हैं तो उनके घर जला दिए जाएंगे और हिंसा की जाएगी।
#WATCH | West Bengal Elections 2026 | South 24 Parganas: Locals have a heated argument with security personnel in Falta area. They are alleging that TMC leaders are threatening them. pic.twitter.com/tZkariNAwo
— ANI (@ANI) May 2, 2026
एक अन्य महिला ने आरोप लगाया कि उन्होंने पहले भी सत्तारूढ़ पार्टी को वोट दिया था। फिर भी उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। वहीं, एक अन्य प्रदर्शनकारी ने कहा कि एक स्थानीय टीएमसी नेता मोटरसाइकिल पर कई लोगों के साथ गांव में आया और धमकियां दीं। लोगों को डराया गया कि उन पर हमला भी हो सकता है और उनकी जान को खतरा है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने बताया, हालात नियंत्रण में हैं। लोगों की कुछ खास मांगें हैं। एक मामला धमकी देने का भी है, जिसके संबंध में मामला दर्ज किया गया है। हमने उनकी मांगें सुन ली हैं।
दक्षिण 24 परगना जिले के 15 केंद्रों पर पुनर्मतदान
यह विरोध उस समय हो रहा है, जब चुनाव आयोग के निर्देश पर दक्षिण 24 परगना के मगराहट पश्चिम और डायमंड हार्बर विधानसभा क्षेत्रों में 15 मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान चल रहा है। चुनाव आयोग के अनुसार, दोपहर दो बजे तक मगराहट पश्चिम में 56.33 फीसदी और डायमंड हार्बर में 54.9 फीसदी मतदान दर्ज किया गया। जबकि कुल मतदान प्रतिशत 55.57 रहा।
स्ट्रांग रूम को लेकर सामने आया विवाद
इस बीच, ईवीएम स्ट्रांग रूम को लेकर भी विवाद सामने आया है। टीएमसी ने खिदिरपुर अनुशीलन केंद्र में तैनात निर्वाचन अधिकारी के खिलाफ शिकायत दर्ज की है, जिसमें डाक मतपत्रों के लिफाफों की अनधिकृत छंटाई का आरोप लगाया गया है। यह केंद्र ईवीएम रखने के लिए स्ट्रांग रूम के रूप में इस्तेमाल हो रहा है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भी आरोप लगाया है कि एक स्ट्रांग रूम बिना अनुमति के खोला गया, जिसके बाद जांच शुरू हुई और कम से कम छह अधिकारियों को निलंबित किए जाने की खबर है। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी है, ताकि पुनर्मतदान शांतिपूर्ण तरीके से हो सके और चार मई को मतगणना प्रक्रिया बिना किसी बाधा के पूरी की जा सके।
