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बंगाल चुनाव: मतदाताओं को मिलेंगी ये सुविधाएं, 5.23 लाख मतदाता पहली बार करेंगे मतदान, CEC ने दी जानकारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: अमन तिवारी
Updated Tue, 10 Mar 2026 08:08 PM IST
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सार
पश्चिम बंगाल के आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि राज्य में 6,000 से अधिक 100 वर्ष से ऊपर के मतदाता और 5.23 लाख नए युवा मतदाता 18-19 वर्ष वोट देने के पात्र होंगे। चुनाव आयोग ने युवाओं की भागीदारी और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए विशेष व्यवस्थाएं की हैं।
ज्ञानेश कुमार, मुख्य चुनाव आयुक्त
- फोटो : PTI
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विस्तार
मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आने वाले चुनावों में राज्य के 6,000 से ज्यादा ऐसे वोटर हिस्सा लेंगे जिनकी उम्र 100 साल पार कर चुकी है। इसके साथ ही 18 से 19 साल के 5.23 लाख नए वोटर पहली बार अपने वोट का इस्तेमाल करेंगे। राज्य में 20 से 30 साल के बीच के लगभग 1.31 करोड़ युवा वोटर हैं।
युवाओं की भागीदारी पर जोर
सीईसी एक मीडिया वार्ता में यह जानकारी दी। चुनाव आयोग ने इस बार युवाओं की भागीदारी पर खास जोर दिया है। हर विधानसभा क्षेत्र में विशेष पंजीकरण अधिकारी तैनात होंगे। ये अधिकारी कॉलेजों में जाकर युवाओं को चुनाव से जोड़ने के लिए अभियान चलाएंगे। आयोग का मकसद एक शुद्ध वोटर लिस्ट तैयार करना है ताकि कोई भी योग्य वोटर छूट न जाए और किसी गलत व्यक्ति का नाम शामिल न हो।
बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए खास इंतजाम
बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए भी बड़े इंतजाम किए गए हैं। 85 साल से ज्यादा उम्र के लगभग 3.78 लाख वोटरों को घर से वोट डालने की सुविधा मिलेगी। सभी पोलिंग स्टेशन ग्राउंड फ्लोर पर बनाए जाएंगे ताकि किसी को परेशानी न हो। वहां रैंप और व्हीलचेयर का इंतजाम रहेगा और दिव्यांगों को वोट डालने में प्राथमिकता दी जाएगी।
ये भी पढ़ें: SIR: 'न्यायिक अधिकारियों के काम में बाधा न हो', सुप्रीम कोर्ट ने दिए बंगाल सरकार और चुनाव आयोग को निर्देश
80,000 से ज्यादा पोलिंग स्टेशन होंगे
पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों में से 210 सामान्य हैं, जबकि 68 अनुसूचित जाति और 16 अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं। राज्य में कुल 80,000 से ज्यादा पोलिंग स्टेशन होंगे, जिनमें से 61,000 ग्रामीण इलाकों में हैं। चुनाव में पूरी पारदर्शिता रखने के लिए सभी बूथों पर 100 प्रतिशत वेबकास्टिंग होगी। चुनाव आयोग के अधिकारी इसकी कड़ी निगरानी करेंगे।
महिलाओं के लिए खास इंतजाम
महिलाओं की सुविधा के लिए 8,000 से ज्यादा पोलिंग स्टेशन पूरी तरह महिला स्टाफ मैनेज करेगा। इनमें से 600 को मॉडल पोलिंग स्टेशन बनाया जाएगा। इस बार ईवीएम पर उम्मीदवारों की रंगीन फोटो होगी ताकि वोटर आसानी से अपने पसंदीदा उम्मीदवार को चुन सकें। भीड़ से बचने के लिए एक बूथ पर 1,200 से ज्यादा वोटर नहीं होंगे। पोलिंग स्टेशन के बाहर मोबाइल फोन जमा करने की सुविधा भी मिलेगी।
इस एप पर मिलेगी सारी जानकारी
चुनाव आयोग ने 'ECINET' नाम का एक नया एप भी पेश किया है। पहले के अलग-अलग ऐप्स की जगह अब सारी जानकारी इसी एक ऐप पर मिलेगी। बीएलओ घर-घर जाकर वोटर स्लिप देंगे, जिसमें बूथ की पूरी जानकारी होगी। राज्य में चुनाव अप्रैल में होने की संभावना है।
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युवाओं की भागीदारी पर जोर
सीईसी एक मीडिया वार्ता में यह जानकारी दी। चुनाव आयोग ने इस बार युवाओं की भागीदारी पर खास जोर दिया है। हर विधानसभा क्षेत्र में विशेष पंजीकरण अधिकारी तैनात होंगे। ये अधिकारी कॉलेजों में जाकर युवाओं को चुनाव से जोड़ने के लिए अभियान चलाएंगे। आयोग का मकसद एक शुद्ध वोटर लिस्ट तैयार करना है ताकि कोई भी योग्य वोटर छूट न जाए और किसी गलत व्यक्ति का नाम शामिल न हो।
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बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए खास इंतजाम
बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए भी बड़े इंतजाम किए गए हैं। 85 साल से ज्यादा उम्र के लगभग 3.78 लाख वोटरों को घर से वोट डालने की सुविधा मिलेगी। सभी पोलिंग स्टेशन ग्राउंड फ्लोर पर बनाए जाएंगे ताकि किसी को परेशानी न हो। वहां रैंप और व्हीलचेयर का इंतजाम रहेगा और दिव्यांगों को वोट डालने में प्राथमिकता दी जाएगी।
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80,000 से ज्यादा पोलिंग स्टेशन होंगे
पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों में से 210 सामान्य हैं, जबकि 68 अनुसूचित जाति और 16 अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं। राज्य में कुल 80,000 से ज्यादा पोलिंग स्टेशन होंगे, जिनमें से 61,000 ग्रामीण इलाकों में हैं। चुनाव में पूरी पारदर्शिता रखने के लिए सभी बूथों पर 100 प्रतिशत वेबकास्टिंग होगी। चुनाव आयोग के अधिकारी इसकी कड़ी निगरानी करेंगे।
महिलाओं के लिए खास इंतजाम
महिलाओं की सुविधा के लिए 8,000 से ज्यादा पोलिंग स्टेशन पूरी तरह महिला स्टाफ मैनेज करेगा। इनमें से 600 को मॉडल पोलिंग स्टेशन बनाया जाएगा। इस बार ईवीएम पर उम्मीदवारों की रंगीन फोटो होगी ताकि वोटर आसानी से अपने पसंदीदा उम्मीदवार को चुन सकें। भीड़ से बचने के लिए एक बूथ पर 1,200 से ज्यादा वोटर नहीं होंगे। पोलिंग स्टेशन के बाहर मोबाइल फोन जमा करने की सुविधा भी मिलेगी।
इस एप पर मिलेगी सारी जानकारी
चुनाव आयोग ने 'ECINET' नाम का एक नया एप भी पेश किया है। पहले के अलग-अलग ऐप्स की जगह अब सारी जानकारी इसी एक ऐप पर मिलेगी। बीएलओ घर-घर जाकर वोटर स्लिप देंगे, जिसमें बूथ की पूरी जानकारी होगी। राज्य में चुनाव अप्रैल में होने की संभावना है।
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