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West Bengal: कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी की सुरक्षा घटाई गई, वाई प्लस से एक्स श्रेणी में लाए गए
Sat, 11 Jul 2026 03:52 AM IST
Devesh Tripathi
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, कोलकाता
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: Devesh Tripathi
Updated Sat, 11 Jul 2026 03:52 AM IST
सार
2024 के लोकसभा चुनाव में अधीर चौधरी को तृणमूल उम्मीदवार यूसुफ पठान के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। इसके बावजूद उनकी सुरक्षा व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया गया था। अब 2026 के विधानसभा चुनाव के दो महीने बाद उनकी सुरक्षा श्रेणी कम किए जाने से राजनीतिक हलकों में चर्चा शुरू हो गई है।
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कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में पूर्व नेता प्रतिपक्ष अधीर रंजन चौधरी की केंद्रीय सुरक्षा घटा दी गई है। अब तक वाई प्लस श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त कर रहे अधीर को अब एक्स श्रेणी की सुरक्षा दी जाएगी। यह फैसला ऐसे समय आया है जब पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के दो महीने बाद राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हैं।
क्यों घटी अधीर रंजन चौधरी की सुरक्षा?
हालांकि, प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों के एक वर्ग का कहना है कि सुरक्षा समीक्षा के बाद यह फैसला स्वाभाविक है। अधीर फिलहाल न तो सांसद हैं और न ही विधायक। वह कांग्रेस में किसी बड़े संगठनात्मक पद पर भी नहीं हैं और केवल कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य हैं। अधीर को सांसद रहते हुए वाई प्लस श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई थी। उनके साथ पांच सुरक्षा कर्मी तैनात रहते थे।
टीएमसी ने लगाए थे भाजपा से सेटिंग के आरोप
वर्ष 2023 में तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने भी उनकी केंद्रीय सुरक्षा पर सवाल उठाए थे। मुर्शिदाबाद दौरे के दौरान अभिषेक ने अधीर और भाजपा के बीच "सेटिंग" होने का आरोप लगाया था। इसके जवाब में अधीर ने उन्हें और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को बहरामपुर से चुनाव लड़ने की चुनौती दी थी।
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2024 में हारे लोकसभा चुनाव, अब विधानसभा में भी हुए परास्त
उल्लेखनीय है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में अधीर चौधरी को तृणमूल उम्मीदवार यूसुफ पठान के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। इसके बावजूद उनकी सुरक्षा व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया गया था। अब 2026 के विधानसभा चुनाव के दो महीने बाद उनकी सुरक्षा श्रेणी कम किए जाने से राजनीतिक हलकों में चर्चा शुरू हो गई है।
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क्यों घटी अधीर रंजन चौधरी की सुरक्षा?
हालांकि, प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों के एक वर्ग का कहना है कि सुरक्षा समीक्षा के बाद यह फैसला स्वाभाविक है। अधीर फिलहाल न तो सांसद हैं और न ही विधायक। वह कांग्रेस में किसी बड़े संगठनात्मक पद पर भी नहीं हैं और केवल कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य हैं। अधीर को सांसद रहते हुए वाई प्लस श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई थी। उनके साथ पांच सुरक्षा कर्मी तैनात रहते थे।
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टीएमसी ने लगाए थे भाजपा से सेटिंग के आरोप
वर्ष 2023 में तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने भी उनकी केंद्रीय सुरक्षा पर सवाल उठाए थे। मुर्शिदाबाद दौरे के दौरान अभिषेक ने अधीर और भाजपा के बीच "सेटिंग" होने का आरोप लगाया था। इसके जवाब में अधीर ने उन्हें और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को बहरामपुर से चुनाव लड़ने की चुनौती दी थी।
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2024 में हारे लोकसभा चुनाव, अब विधानसभा में भी हुए परास्त
उल्लेखनीय है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में अधीर चौधरी को तृणमूल उम्मीदवार यूसुफ पठान के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। इसके बावजूद उनकी सुरक्षा व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया गया था। अब 2026 के विधानसभा चुनाव के दो महीने बाद उनकी सुरक्षा श्रेणी कम किए जाने से राजनीतिक हलकों में चर्चा शुरू हो गई है।