सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   west bengal tmc political crisis ritabrata banerjee firhad hakim meet

दीदी की पार्टी में खेला: दर्जनों सांसदों के टूटने का दावा, क्यों TMC के भीतर सुलग रही है बगावत की आग?

पीटीआई, कोलकाता। Published by: राकेश कुमार Updated Mon, 08 Jun 2026 04:49 PM IST
विज्ञापन
सार

ममता बनर्जी का अभेद्य किला ढहने के कगार पर है। बंगाल में 58 विधायकों को तोड़कर ऋतब्रत बनर्जी ने नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी छीन ली, तो दिल्ली में भी सांसदों ने बगावत का बिगुल फूंक दिया है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या फिरहाद हकीम का बागी खेमे में जाना टीएमसी के अंत की शुरुआत है? 
 

west bengal tmc political crisis ritabrata banerjee firhad hakim meet
ममता बनर्जी, पूर्व मुख्यमंत्री, पश्चिम बंगाल - फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन

विस्तार

पश्चिम बंगाल चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस बिखरने लगी है। पार्टी के भीतर की बगावत अब पूरी तरह बेकाबू हो चुकी है। सोमवार को विधानसभा के भीतर एक बेहद चौंकाने वाला नजारा दिखा। कोलकाता के पूर्व मेयर और वरिष्ठ टीएमसी नेता फिरहाद हकीम अचानक बागी खेमे में चले गए। बागी विधायक संदीपन साहा उन्हें हाथ पकड़कर सीधे नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी के चैंबर में ले गए। ऋतब्रत  इस समय टीएमसी के बागी गुट के सबसे बड़े नेता हैं। इस मुलाकात के बाद बंगाल के सियासी गलियारों में हड़कंप मच गया है।


विधानसभा में ममता का किला ढहा
यह मुलाकात राजनीतिक हलकों में बहुत बड़ी मानी जा रही है। कुछ हफ्ते पहले तक इसकी कोई कल्पना भी नहीं कर सकता था। चुनावी हार के बाद टीएमसी का अपने विधायकों पर काबू नहीं रहा। हकीम ने शुक्रवार को ही कोलकाता के मेयर पद से इस्तीफा दिया था। उनके इस्तीफे से पार्टी का शहरी किला पहले ही हिल गया था। संकट की शुरुआत ममता बनर्जी के कालीघाट घर पर हुई बैठक से हुई थी। वहां विधायकों ने नेता प्रतिपक्ष चुनने का अधिकार आलाकमान को दिया था। पार्टी ने शोभनदेव चट्टोपाध्याय को नेता प्रतिपक्ष और फिरहाद हकीम को मुख्य सचेतक बनाया था। लेकिन 80 में से 58 विधायकों ने बगावत कर दी। उन्होंने आधिकारिक नाम को खारिज कर ऋतब्रत बनर्जी को अपना नेता चुन लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


दिल्ली तक पहुंची बगावत की आग
कोलकाता की यह आग अब देश की राजधानी दिल्ली तक फैल चुकी है। राज्यसभा के सबसे वरिष्ठ सांसद सुखेंदु शेखर राय ने पार्टी और संसद से इस्तीफा दे दिया है। बागी नेता ऋतब्रत बनर्जी ने इस इस्तीफे को असंतुष्ट नेताओं की एकजुटता बताया है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले दिनों में टीएमसी के कई और सांसद पार्टी छोड़ देंगे। कोलकाता से दिल्ली की दूरी 1,435 किलोमीटर है, लेकिन पार्टी के भीतर की दूरी इससे कहीं ज्यादा बढ़ चुकी है। ऋतब्रत ने कहा कि वह लगातार उन सांसदों के संपर्क में हैं जो पार्टी के तौर-तरीकों से तंग आ चुके हैं।
विज्ञापन
Trending Videos


यह भी पढ़ें: Explainer: मूल से अलग तृणमूल बनाने की कहानी, जिसे छोड़ ममता ने TMC बनाई, अब उसी में विलय की क्यों मिली नसीहत

शीर्ष नेतृत्व पर तीखा हमला
एक तरफ ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी दिल्ली में इंडिया ब्लॉक की बैठक कर रहे थे, वहीं दूसरी तरफ टीएमसी के करीब 12 बागी सांसद भाजपा के चुनाव प्रभारी भूपेंद्र यादव के घर पर गुप्त बैठक कर रहे थे। सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में शुभेंदु अधिकारी और बिप्लव देव भी मौजूद थे। इधर कोलकाता में ऋतब्रत बनर्जी ने टीएमसी के राज्यसभा नेतृत्व पर तीखा हमला बोला। उन्होंने बिना नाम लिए डेरेक ओ ब्रायन पर निशाना साधा। ऋतब्रत ने कहा कि एक क्विजमास्टर, जो सिर्फ फुटबॉल क्लब चलाने में व्यस्त रहता है, उसे संसद की कमान दे दी गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी में सीनियर नेताओं की अनदेखी हो रही है और जूनियरों को आगे बढ़ाया जा रहा है।

क्या टीएमसी के अंत की शुरुआत है हकीम की बगावत?
वहीं, फिरहाद हकीम का बागी खेमे की तरफ कदम बढ़ाना टीएमसी के लिए सबसे बड़ा और आत्मघाती झटका माना जा रहा है। हकीम सिर्फ एक नेता नहीं, बल्कि कोलकाता की जमीनी राजनीति और मुस्लिम वोट बैंक पर ममता बनर्जी की मजबूत पकड़ का सबसे बड़ा चेहरा रहे हैं। उनका मेयर पद छोड़ना और फिर सीधे ऋतब्रत बनर्जी के चैंबर में एंट्री करना साफ दिखाता है कि विद्रोह की यह आग अब सिर्फ कुछ विधायकों तक सीमित नहीं है, बल्कि पार्टी की रीढ़ की हड्डी माने जाने वाले कद्दावर नेता भी अब दीदी का साथ छोड़ रहे हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed