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जाति क्या, कोविड टीका कहां लगवाया?: जनगणना में सरकार पूछेगी कौन से 40 सवाल? गृह मंत्रालय ने जारी कर दी सूची

Fri, 14 Aug 2026 11:36 AM IST
प्रशांत तिवारी एएनआई, नई दिल्ली
एएनआई, नई दिल्ली Published by: प्रशांत तिवारी Updated Fri, 14 Aug 2026 11:36 AM IST
सार

जनगणना 2027 में पहली बार जाति से जुड़ी जानकारी भी दर्ज की जाएगी। कुल 40 सवालों के जरिए लोगों की सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक, रोजगार, प्रवास और पारिवारिक स्थिति की जानकारी जुटाई जाएगी। SC/ST और जाति के साथ आधार, वोटर आईडी, पासपोर्ट, मोबाइल नंबर, बैंक खातों और कोविड टीकाकरण जैसी जानकारियां भी सवालों का हिस्सा होंगी। 

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what are 40 questions that will be asked in  Census 2027 Ministry of Home Affairs releases list
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

केंद्र सरकार ने जनगणना 2027 के दौरान जनसंख्या की गणना के चरण में पूछे जाने वाले 40 सवालों की सूची जारी कर दी है। सरकारी आदेश के मुताबिक, इन सवालों में जाति, अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) का दर्जा, धर्म, शिक्षा, रोजगार, प्रवास और परिवार से जुड़ी कई जानकारियां शामिल हैं। कोविड-19 टीकाकरण की जगह से लेकर बैंक खातों की संख्या, मोबाइल नंबर, आधार, वोटर आईडी और पासपोर्ट जैसी जानकारियां भी मांगी जाएंगी। बर्फबारी वाले इलाकों में यह प्रक्रिया 1 सितंबर से शुरू होगी।

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SC-ST से लेकर जाति तक की जानकारी होगी दर्ज
भारत के रजिस्ट्रार जनरल मृत्युंजय कुमार नारायण के आदेश में उन सवालों का जिक्र किया गया है, जिनके तहत लोगों से पूछा जाएगा कि क्या वे अनुसूचित जाति (SC) या अनुसूचित जनजाति (ST) से संबंधित हैं। इसके साथ ही उनकी जाति का नाम भी दर्ज किया जाएगा। इस महीने की शुरुआत में जारी सरकारी अधिसूचना के अनुसार, लद्दाख और जम्मू-कश्मीर के साथ हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के उन बर्फबारी वाले इलाकों में, जहां जनगणना एक साथ नहीं होती, लोगों की गिनती 1 से 30 सितंबर के बीच की जाएगी। आदेश में कहा गया है, 'उपर्युक्त जनगणना के लिए घर-घर जाकर लोगों की गिनती शुरू होने से ठीक पहले, 17 से 31 अगस्त तक स्व-गणना (सेल्फ-एन्यूमरेशन) का विकल्प भी उपलब्ध रहेगा।' देश के बाकी हिस्सों में जनसंख्या गणना अगले साल शुरू होगी।
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पहली बार जनगणना में शामिल होगी जाति की जानकारी
यह पहली बार होगा जब जनगणना के दौरान जाति से जुड़ी जानकारी भी एकत्र की जाएगी। सूत्रों के मुताबिक, सवाल-जवाब वाली सूची में अलग-अलग जातियों की कोई सूची दिए जाने की संभावना नहीं है। लोगों से उनकी जाति पूछी जाएगी और वे जो जवाब देंगे, उसे उसी रूप में दर्ज किया जाएगा। जातिगत जनगणना को शामिल करने का फैसला पिछले साल 30 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट कमेटी ऑन पॉलिटिकल अफेयर्स ने लिया था।
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जनगणना अधिनियम के तहत जुटाई जाएगी जानकारी
भारत के रजिस्ट्रार जनरल की अधिसूचना में कहा गया है,'जनगणना अधिनियम, 1948 (1948 का अधिनियम 37) की धारा 8 की उप-धारा (1) के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए, केंद्र सरकार निर्देश देती है कि जनगणना अधिकारी अपने-अपने नियुक्त इलाकों में रहने वाले सभी लोगों से - नीचे बताई गई बातों के आधार पर - जनगणना 2027 के सिलसिले में 'हाउसहोल्ड शेड्यूल' (परिवार की जानकारी वाली सूची) के जरिए जानकारी इकट्ठा करने के लिए सवाल पूछ सकते हैं।'
जवाब देने वालों से निजी और सामाजिक जानकारी भी मांगी जाएगी। इनमें वैवाहिक स्थिति, शादी के समय उम्र, जीवनसाथी का नाम, राष्ट्रीयता, धर्म, अनुसूचित जाति (SC)/अनुसूचित जनजाति (ST) का दर्जा, जाति, माता-पिता की जानकारी, विकलांगता, मातृभाषा और अन्य ज्ञात भाषाएं, साक्षरता और डिजिटल साक्षरता की स्थिति जैसी जानकारियां शामिल हैं।

पढ़ाई और रोजगार से जुड़े सवाल भी होंगे
दुनिया की सबसे बड़ी जनगणना पूरी तरह डिजिटल प्रक्रिया के जरिए कराए जाने की तैयारी है। जवाब देने वालों से यह भी पूछा जाएगा कि क्या वे किसी शिक्षण संस्थान में पढ़ते हैं, उनकी शिक्षा का उच्चतम स्तर क्या है और उन्होंने कौन-सी स्ट्रीम या विषय लिया है। इसके अलावा उनसे यह भी पूछा जाएगा कि क्या उन्होंने पिछले साल कभी काम किया था। उनकी आर्थिक गतिविधि की श्रेणी, पेशा, उद्योग, व्यापार या सेवा का प्रकार और कामगार की श्रेणी जैसी जानकारियां भी दर्ज की जाएंगी।
जो लोग गैर-आर्थिक गतिविधियों में शामिल हैं, उनसे भी संबंधित जानकारी ली जाएगी। इसमें सीमांत, अर्ध-सीमांत और गैर-कामगारों की स्थिति शामिल होगी।

काम के लिए उपलब्ध हैं या नहीं
सीमांत, अर्ध-सीमांत और गैर-कामगारों से यह भी पूछा जाएगा कि वे काम के लिए उपलब्ध हैं या नहीं। इसके साथ ही यह जानकारी भी ली जाएगी कि वे काम की जगह तक आने-जाने के लिए यात्रा करते हैं या नहीं।

जन्मस्थान और प्रवास की पूरी जानकारी
जनगणना में लोगों से उनके जन्मस्थान, पिछली बार रहने की जगह और वहां से मौजूदा गांव या कस्बे में आने का कारण भी पूछा जाएगा। इसके अलावा पिछली बार प्रवास करने के बाद से वे इस गांव या कस्बे में कितने समय से रह रहे हैं और उनका स्थायी आवासीय पता क्या है, इसकी जानकारी भी दर्ज की जाएगी।

महिलाओं से बच्चों से जुड़े सवाल
वर्तमान में विवाहित, विधवा, तलाकशुदा और अलग रह रही महिलाओं से उनके अभी जीवित बच्चों की संख्या पूछी जाएगी। उनसे मौजूदा शादी से हुए बच्चों की संख्या और पिछले एक साल में जीवित पैदा हुए बच्चों की संख्या के बारे में भी जानकारी ली जाएगी।

कोविड वैक्सीन से लेकर बैंक खातों तक सवाल
जवाब देने वालों से यह भी पूछा जाएगा कि उन्होंने कोविड-19 का टीका कहां लगवाया था। इसके अलावा उनके बैंक खातों की कुल संख्या, मोबाइल नंबर, आधार नंबर, वोटर आईडी नंबर और पासपोर्ट नंबर जैसी जानकारियां भी मांगी जाएंगी। उनसे यह भी पूछा जाएगा कि उनके पास ड्राइविंग लाइसेंस है या नहीं।

पहला चरण 30 सितंबर तक चलेगा
जनगणना का पहला चरण हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस (HLO)—30 सितंबर तक चलेगा। कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस के लिए फील्ड विजिट 16 अप्रैल से शुरू हो चुकी हैं। इस चरण के दौरान जनगणना कर्मचारी देशभर में सभी संरचनाओं, घरों और परिवारों की सूची तैयार कर रहे हैं, ताकि आगे होने वाली जनसंख्या गणना के लिए आधार तैयार किया जा सके।

घर-घर जाकर पूछे जा रहे हैं 33 सवाल
हाउस लिस्टिंग के दौरान जनगणना कर्मचारी हर घर और इमारत में जाकर लोगों से 33 सवाल पूछ रहे हैं। इनमें घर में उपलब्ध बुनियादी सुविधाएं, परिवार के मुखिया का नाम और लिंग तथा घर के मालिकाना हक की स्थिति जैसी जानकारियां शामिल हैं।


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2021 की जनगणना कोविड के कारण टली थी
हर दस साल में होने वाली जनगणना वर्ष 2021 में होनी थी, लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण इसे टाल दिया गया था। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अब जनगणना कराने के लिए 11,718 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी है।

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