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Hindi News ›   World ›   Who Will Replace Karoline Leavitt? Alina Habba, Scott Jennings many Others in Race for Trumps Press Secretary

US Politics: कैरोलिन लेविट के बाद कौन संभालेगा ट्रंप के प्रेस सचिव की कुर्सी? इन नामों पर सबसे ज्यादा चर्चा

Fri, 14 Aug 2026 12:50 AM IST
हिमांशु सिंह चंदेल वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: हिमांशु सिंह चंदेल Updated Fri, 14 Aug 2026 12:50 AM IST
सार

Who Will Replace Karoline Leavitt?: कैरोलिन लेविट अगस्त के अंत में व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव का पद छोड़ने वाली हैं। 28 साल की उम्र में उन्होंने ट्रंप प्रशासन की सबसे प्रमुख आवाज के रूप में अपनी अलग पहचान बनाई। अब उनकी जगह लेने की दौड़ में अलीना हब्बा, मैथ्यू बॉयल, स्कॉट जेनिंग्स समेत कई नाम सामने आ रहे हैं। ट्रंप किसे अपना नया सार्वजनिक चेहरा बनाएंगे? क्या नया प्रेस सचिव लेविट जैसी आक्रामक भूमिका निभाएगा? आइए, विस्तार से समझते हैं...
 

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Who Will Replace Karoline Leavitt? Alina Habba, Scott Jennings many Others in Race for Trumps Press Secretary
ट्रंप के नए प्रेस सचिव की दौड़ में कौन सबसे मजबूत दावेदार? - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन में जल्द ही एक बड़ा चेहरा बदलने वाला है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट अगस्त के अंत में अपने पद से हट जाएंगी। केवल 28 साल की उम्र में इस पद पर पहुंचीं लेविट ने ट्रंप के सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में जगह बनाई और सरकार की नीतियों का खुलकर बचाव किया। उनके जाने के साथ ही अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि ट्रंप प्रशासन की ओर से मीडिया के सामने अगली आवाज कौन बनेगा। इस पद के लिए कई नामों की चर्चा शुरू हो चुकी है, लेकिन ट्रंप ने अभी किसी नाम पर अंतिम फैसला नहीं किया है।
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कैरोलिन लेविट ने अचानक क्यों छोड़ा पद?

  • लेविट ने पद छोड़ने की घोषणा करते हुए कहा है कि वह अपने दो छोटे बच्चों के साथ ज्यादा समय बिताना चाहती हैं। 
  • उनका जाना इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि उन्होंने ट्रंप प्रशासन में बेहद कम समय में मजबूत राजनीतिक पहचान बनाई। 
  • 27 साल की उम्र में उन्होंने प्रेस सचिव का पद संभाला था और वह इस पद पर पहुंचने वाली सबसे कम उम्र की व्यक्ति बनी थीं। 
  • ट्रंप ने उनके काम की तारीफ करते हुए उन्हें व्हाइट हाउस के इतिहास की बेहतरीन प्रेस सचिवों में से एक बताया है। 
  • लेविट पद छोड़ने के बाद भी प्रशासन से पूरी तरह अलग नहीं होंगी और बाहरी संचार सलाहकार के रूप में ट्रंप के साथ काम करती रहेंगी।

लेविट के जाने से ट्रंप प्रशासन के सामने क्या चुनौती है?

लेविट ऐसे समय पद छोड़ रही हैं, जब ट्रंप प्रशासन के सामने कई राजनीतिक चुनौतियां हैं। ईरान के साथ लंबे समय से चल रहे युद्ध को लेकर राष्ट्रपति पर दबाव है और नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनाव भी प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण परीक्षा माने जा रहे हैं। ऐसे समय में प्रेस सचिव केवल मीडिया से बातचीत करने वाला अधिकारी नहीं होता, बल्कि सरकार की नीतियों और राष्ट्रपति के संदेश को जनता तक पहुंचाने का प्रमुख चेहरा होता है। इसलिए लेविट के उत्तराधिकारी का चुनाव ट्रंप प्रशासन के लिए सामान्य नियुक्ति से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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अलीना हब्बा को क्यों माना जा रहा मजबूत दावेदार?

अलीना हब्बा उन नामों में शामिल हैं, जिन पर सबसे ज्यादा नजर है। वह न्यू जर्सी की पूर्व कार्यवाहक अमेरिकी अटॉर्नी रह चुकी हैं और ट्रंप के कानूनी मामलों के दौरान उनकी वकील के रूप में काफी चर्चा में आई थीं। टेलीविजन पर वह कई बार ट्रंप का बचाव करती दिखाई दीं। ट्रंप की ओर से बोलने का उनका अनुभव और सार्वजनिक मंच पर अपनी बात मजबूती से रखने की क्षमता उन्हें प्रेस सचिव के पद के लिए स्वाभाविक दावेदार बनाती है। वह व्हाइट हाउस में ट्रंप की सलाहकार के रूप में भी काम कर चुकी हैं। अगर उन्हें चुना जाता है तो वह ट्रंप के पहले कार्यकाल में प्रेस सचिव रहीं केली मैकएनैनी की तरह वकील से प्रेस सचिव बनने वाली दूसरी प्रमुख शख्सियत होंगी।

मैथ्यू बॉयल के नाम की चर्चा क्यों है?

मैथ्यू बॉयल भी संभावित उत्तराधिकारियों की सूची में हैं। वह ब्राइटबार्ट के वॉशिंगटन ब्यूरो प्रमुख हैं और लंबे समय से ट्रंप तथा रूढ़िवादी राजनीतिक आंदोलन को कवर करते रहे हैं। ट्रंप और बॉयल के बीच पहले से परिचय है और ट्रंप उन्हें कई इंटरव्यू भी दे चुके हैं। इनमें हाल में ओवल ऑफिस में हुआ इंटरव्यू भी शामिल है। बॉयल के पास खोजी पत्रकारिता और ट्रंप के राजनीतिक आधार की गहरी समझ है। अगर व्हाइट हाउस किसी ऐसे व्यक्ति को चुनना चाहता है, जिसे मीडिया की भाषा और ट्रंप समर्थक आधार दोनों की अच्छी समझ हो, तो बॉयल का नाम महत्वपूर्ण हो सकता है।

स्कॉट जेनिंग्स की दावेदारी कितनी मजबूत है?

ट्रंप समर्थक टिप्पणीकार स्कॉट जेनिंग्स भी इस दौड़ में एक महत्वपूर्ण नाम बनकर उभरे हैं। वह सीएनएन पर नियमित रूप से ट्रंप और उनकी नीतियों का बचाव करते हैं। जेनिंग्स के पास व्हाइट हाउस का अनुभव भी है। उन्होंने जॉर्ज डब्ल्यू बुश प्रशासन में राष्ट्रपति के विशेष सहायक और राजनीतिक मामलों के उप निदेशक के तौर पर काम किया था। इसके बाद वह सीनेट में रिपब्लिकन नेता मिच मैककॉनेल के सलाहकार रहे और उनके कई चुनाव अभियानों से जुड़े। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह लेविट की जगह लेने में रुचि रखते हैं, तो उन्होंने सीधा जवाब नहीं दिया। उन्होंने इसके बजाय लेविट के काम की जमकर तारीफ की।

व्हाइट हाउस के अंदर से कौन-कौन दावेदार हैं?

प्रेस सचिव की तलाश केवल टीवी पर नजर आने वाले चेहरों तक सीमित नहीं है। व्हाइट हाउस के संचार निदेशक स्टीवन च्यूंग का नाम भी चर्चा में है। वह पहले से पत्रकारों से बातचीत करते हैं और प्रशासन की खबरों तथा संदेशों को आकार देने में भूमिका निभाते हैं। हालांकि वह आम तौर पर टेलीविजन कैमरों के सामने लेविट की तरह नियमित रूप से नहीं आते। उनके पास प्रशासन की अंदरूनी कार्यप्रणाली और ट्रंप की संचार रणनीति की अच्छी समझ है। इसलिए उन्हें भी संभावित विकल्प माना जा रहा है।

टेलर बुडोविच और अन्ना केली की क्या भूमिका रही है?

टेलर बुडोविच भी इस पद के लिए चर्चा में हैं। वह पहले ट्रंप के उप चीफ ऑफ स्टाफ और संचार तथा कार्मिक मामलों के प्रभारी रह चुके हैं। उन्होंने प्रशासन की शुरुआती संदेश रणनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। व्हाइट हाउस के प्रेस पूल में भी उनके कार्यकाल के दौरान बदलाव किए गए थे, जिससे छोटे मीडिया संस्थानों और नए डिजिटल माध्यमों को ज्यादा पहुंच मिली। दूसरी ओर अन्ना केली भी संभावित नामों में हैं। वह वर्तमान में प्रिंसिपल डिप्टी प्रेस सचिव हैं और इससे पहले रिपब्लिकन नेशनल कमेटी की राष्ट्रीय प्रेस सचिव रह चुकी हैं।

कैटी मिलर का नाम क्यों सामने आया है?

कैटी मिलर भी संभावित दावेदारों में शामिल हैं। वह पहले एलन मस्क के सरकारी दक्षता विभाग में काम कर चुकी हैं। वह व्हाइट हाउस के नीति मामलों के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ स्टीफन मिलर की पत्नी हैं। कैटी मिलर अपना पॉडकास्ट भी चलाती हैं, जिसमें वरिष्ठ अधिकारी शामिल होते हैं। उनके पति से जब उनकी संभावित दावेदारी के बारे में पूछा गया तो उन्होंने मुस्कुराकर सवाल का जवाब देने से इनकार कर दिया। हालांकि उनकी मीडिया पहुंच और प्रशासन से जुड़ाव के कारण उनका नाम भी इस दौड़ में चर्चा में बना हुआ है।

मोनिका क्राउली और कारी लेक कितनी बड़ी दावेदार हैं?

पूर्व पत्रकार मोनिका क्राउली का नाम भी संभावित उम्मीदवारों में शामिल है। वह फिलहाल अमेरिका की मुख्य प्रोटोकॉल अधिकारी के तौर पर काम कर रही हैं। उनके पास पत्रकारिता और प्रशासन दोनों का अनुभव है। दूसरी ओर एरिजोना की पूर्व राजनीतिक उम्मीदवार कारी लेक भी इस पद के लिए चर्चा में हैं। वह पहले वॉयस ऑफ अमेरिका से जुड़े प्रयासों की निगरानी कर चुकी हैं और अमेरिकी सरकार द्वारा वित्तपोषित मीडिया से जुड़े काम में भूमिका निभा चुकी हैं। दोनों नाम ट्रंप प्रशासन की संचार रणनीति के लिहाज से अलग-अलग अनुभव लेकर आते हैं।

और किन नामों पर चल रही है चर्चा?

प्रेस सचिव पद की दौड़ में अभी कई अन्य नाम भी चर्चा में हैं। इनमें रोमा दरावी, लारा ट्रंप और नताली हार्प शामिल हैं। हालांकि इन नामों में से किसी को भी अभी ट्रंप की ओर से आधिकारिक तौर पर चुना नहीं गया है। इस समय सबसे बड़ी स्थिति यही है कि प्रशासन के भीतर और उसके आसपास कई संभावित विकल्पों पर चर्चा चल रही है। अंतिम फैसला ट्रंप को करना है और यह भी संभव है कि वह अभी चर्चा में शामिल किसी नाम के बजाय किसी दूसरे व्यक्ति को जिम्मेदारी दे दें।

लेविट ने ट्रंप प्रशासन की मीडिया रणनीति कैसे बदली?

लेविट ने ट्रंप के 2024 चुनाव अभियान से जुड़कर अपनी भूमिका शुरू की थी। बाद में वह ट्रंप की ट्रांजिशन प्रवक्ता बनीं और फिर उन्हें व्हाइट हाउस का प्रेस सचिव चुना गया। उनके कार्यकाल में संचार निदेशक स्टीवन च्यूंग के साथ मिलकर प्रशासन और मीडिया के संबंधों में कई बदलाव किए गए। व्हाइट हाउस ने पॉडकास्ट, न्यूजलेटर और नए डिजिटल मीडिया माध्यमों को ज्यादा पहुंच दी। इसके साथ ही पारंपरिक प्रेस पूल की व्यवस्था में भी बदलाव किया गया। इस रणनीति ने प्रशासन के संदेश को पारंपरिक मीडिया के बाहर बड़े डिजिटल दर्शक वर्ग तक पहुंचाने में मदद की।

क्या नया प्रेस सचिव भी लेविट जैसी भूमिका निभाएगा?

नए प्रेस सचिव के सामने सबसे बड़ी चुनौती ट्रंप की नीतियों का बचाव करने के साथ-साथ प्रशासन की बात जनता तक साफ तरीके से पहुंचाने की होगी। लेविट ने ट्रंप के समर्थन में बेहद आक्रामक और सीधे अंदाज में जवाब दिए और वह प्रशासन के सबसे चर्चित चेहरों में शामिल हो गईं। उनके उत्तराधिकारी से भी यही अपेक्षा होगी कि वह राष्ट्रपति के संदेश को मजबूती से रखे। हालांकि नया व्यक्ति मीडिया के साथ संबंधों को किस तरीके से संभालेगा, यह ट्रंप के अंतिम चयन और उनकी प्राथमिकताओं पर निर्भर करेगा।

क्या अस्थायी तौर पर दूसरे अधिकारी संभाल सकते हैं ब्रीफिंग?

ट्रंप के पास फिलहाल एक और विकल्प खुला है। अगर अगस्त के बाद तुरंत नए प्रेस सचिव की नियुक्ति नहीं होती है तो वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी अस्थायी या बारी-बारी से व्हाइट हाउस की ब्रीफिंग संभाल सकते हैं। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विदेश मंत्री मार्को रुबियो और वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट पहले भी व्हाइट हाउस की ब्रीफिंग कर चुके हैं। खुद ट्रंप भी कई बार प्रेस के सामने आकर सवालों के जवाब देते रहे हैं। इसलिए स्थायी नियुक्ति में समय लगने की स्थिति में प्रशासन के पास अस्थायी विकल्प मौजूद हैं।

नवंबर चुनाव से पहले ट्रंप किसे चुनेंगे?

अब ट्रंप प्रशासन के सामने सबसे बड़ा सवाल नए प्रेस सचिव का चयन है। नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनाव से पहले प्रशासन को ऐसा चेहरा चाहिए, जो राष्ट्रपति की नीतियों को प्रभावी ढंग से पेश कर सके और राजनीतिक हमलों का जवाब दे सके। लेविट के जाने से ट्रंप अपने सबसे भरोसेमंद और दिखाई देने वाले सहयोगियों में से एक को खो देंगे। फिलहाल अलीना हब्बा, मैथ्यू बॉयल, स्कॉट जेनिंग्स, स्टीवन च्यूंग, टेलर बुडोविच और अन्ना केली समेत कई नाम चर्चा में हैं। लेकिन अंतिम फैसला अभी बाकी है। यही वजह है कि अब पूरी नजर इस बात पर है कि ट्रंप अपनी अगली प्रेस सचिव के तौर पर किसे चुनते हैं।
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