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Telangana: 'फसल खरीद नहीं हुई तो 15 जून के बाद केंद्र के खिलाफ युद्ध छेड़ेंगे', सीएम रेवंत रेड्डी का बड़ा एलान
पीटीआई, हैदराबाद
Published by: Pavan
Updated Tue, 02 Jun 2026 01:31 AM IST
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सार
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कहा कि यदि 15 जून तक केंद्र सरकार राज्य से धान और अन्य फसलों की खरीद नहीं करती है तो केंद्र के खिलाफ आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने केंद्र पर तेलंगाना की अनदेखी का आरोप लगाया और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री फडणवीस से मुलाकात न होने पर भी नाराजगी जताई है।
रेवंत रेड्डी, सीएम, तेलंगाना
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने केंद्र सरकार पर राज्य के किसानों की फसल खरीद को पर्याप्त महत्व नहीं देने का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी है कि यदि 15 जून तक धान और अन्य फसलों की खरीद नहीं की गई, तो राज्य सरकार केंद्र के खिलाफ 'युद्ध' की घोषणा करेगी। कुमराम भीम आसिफाबाद जिले के कागजनगर में 'इंदिरम्मा' आवास योजना के दूसरे चरण की शुरुआत के बाद आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए रेवंत रेड्डी ने कहा कि राज्य सरकार मौजूदा रबी सीजन में 75 लाख क्विंटल धान खरीदने का लक्ष्य लेकर चल रही है।
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राज्य में अच्छी मात्रा में हुआ फसलों का उत्पादन
उन्होंने कहा कि 15 जून तक धान खरीद प्रक्रिया पूरी हो जाएगी, जबकि इस बार मक्का का उत्पादन भी करीब 40 लाख क्विंटल हुआ है, जो पहले चार से पांच लाख क्विंटल के आसपास रहता था। इसके अलावा ज्वार और सूरजमुखी की फसल का उत्पादन भी अच्छा हुआ है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार के प्रतिनिधियों ने कई बार केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी से मुलाकात की, लेकिन केंद्र सरकार तेलंगाना को वह महत्व नहीं दे रही जो पंजाब, हरियाणा और अन्य राज्यों को फसल खरीद के मामले में दिया जाता है।
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केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी पर साधा निशाना
रेवंत रेड्डी ने केंद्रीय कोयला मंत्री जी. किशन रेड्डी से राज्य की उपज खरीद सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा खरीदे गए धान, मक्का और अन्य फसलों को आखिर कहां रखा जाए। उन्होंने मांग की कि केंद्र सरकार तुरंत धान, यहां तक कि बारिश में भीगे हुए धान और अन्य फसलों की भी खरीद करे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि किशन रेड्डी इस दिशा में जिम्मेदारी नहीं लेते हैं तो 15 जून के बाद खरीदी गई उपज उनके पार्टी कार्यालय या घर के सामने डाल दी जाएगी और केंद्र सरकार के खिलाफ आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि फसल खरीदना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है, जबकि उसे खरीदकर उठाना केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है।
पीएम मोदी और सीएम फडणवीस पर बोला हमला
उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वह गोदावरी नदी पर तेलंगाना द्वारा प्रस्तावित तुम्मिडीहट्टी बैराज की ऊंचाई को लेकर चर्चा करने के लिए फडणवीस से मुलाकात का समय मांग रहे हैं, लेकिन उन्हें जवाब नहीं मिल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि फडणवीस उनकी मांग को नजरअंदाज कर रहे हैं और सामान्य शिष्टाचार भी नहीं दिखा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में सुझाव दिया था कि राज्यों के बीच के विवाद बातचीत से सुलझाए जाने चाहिए। इसी सलाह के अनुसार वह फडणवीस से मुलाकात करना चाहते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बातचीत के लिए समय नहीं दिया गया तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
यह भी पढ़ें- केरल PSC का क्रूर मजाक: 18 साल बाद भेजी सरकारी नौकरी की चिट्ठी, पर तब तक आ चुकी थी रिटायरमेंट की उम्र
तुम्मिडीहट्टी बैराज के निर्माण पर भी बोले सीएम रेड्डी
सीएम रेवंत रेड्डी ने कहा कि तुम्मिडीहट्टी बैराज के निर्माण के बाद महाराष्ट्र की लगभग 2,000 एकड़ भूमि जलमग्न हो सकती है। उन्होंने कहा कि तेलंगाना सरकार इस भूमि के अधिग्रहण का पूरा मुआवजा देने के लिए तैयार है। साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि जब केंद्र सरकार ने पोलावरम परियोजना के लिए तेलंगाना के सात मंडलों को आंध्र प्रदेश को हस्तांतरित किया था, तो अब इस मामले में मदद क्यों नहीं की जा सकती। मुख्यमंत्री ने महाराष्ट्र सरकार से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि तेलंगाना किसी भी तरह के अपमान को बर्दाश्त नहीं करेगा और इस मुद्दे का समाधान बातचीत के जरिए किया जाना चाहिए।
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राज्य में अच्छी मात्रा में हुआ फसलों का उत्पादन
उन्होंने कहा कि 15 जून तक धान खरीद प्रक्रिया पूरी हो जाएगी, जबकि इस बार मक्का का उत्पादन भी करीब 40 लाख क्विंटल हुआ है, जो पहले चार से पांच लाख क्विंटल के आसपास रहता था। इसके अलावा ज्वार और सूरजमुखी की फसल का उत्पादन भी अच्छा हुआ है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार के प्रतिनिधियों ने कई बार केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी से मुलाकात की, लेकिन केंद्र सरकार तेलंगाना को वह महत्व नहीं दे रही जो पंजाब, हरियाणा और अन्य राज्यों को फसल खरीद के मामले में दिया जाता है।
केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी पर साधा निशाना
रेवंत रेड्डी ने केंद्रीय कोयला मंत्री जी. किशन रेड्डी से राज्य की उपज खरीद सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा खरीदे गए धान, मक्का और अन्य फसलों को आखिर कहां रखा जाए। उन्होंने मांग की कि केंद्र सरकार तुरंत धान, यहां तक कि बारिश में भीगे हुए धान और अन्य फसलों की भी खरीद करे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि किशन रेड्डी इस दिशा में जिम्मेदारी नहीं लेते हैं तो 15 जून के बाद खरीदी गई उपज उनके पार्टी कार्यालय या घर के सामने डाल दी जाएगी और केंद्र सरकार के खिलाफ आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि फसल खरीदना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है, जबकि उसे खरीदकर उठाना केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है।
पीएम मोदी और सीएम फडणवीस पर बोला हमला
उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वह गोदावरी नदी पर तेलंगाना द्वारा प्रस्तावित तुम्मिडीहट्टी बैराज की ऊंचाई को लेकर चर्चा करने के लिए फडणवीस से मुलाकात का समय मांग रहे हैं, लेकिन उन्हें जवाब नहीं मिल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि फडणवीस उनकी मांग को नजरअंदाज कर रहे हैं और सामान्य शिष्टाचार भी नहीं दिखा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में सुझाव दिया था कि राज्यों के बीच के विवाद बातचीत से सुलझाए जाने चाहिए। इसी सलाह के अनुसार वह फडणवीस से मुलाकात करना चाहते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बातचीत के लिए समय नहीं दिया गया तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
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तुम्मिडीहट्टी बैराज के निर्माण पर भी बोले सीएम रेड्डी
सीएम रेवंत रेड्डी ने कहा कि तुम्मिडीहट्टी बैराज के निर्माण के बाद महाराष्ट्र की लगभग 2,000 एकड़ भूमि जलमग्न हो सकती है। उन्होंने कहा कि तेलंगाना सरकार इस भूमि के अधिग्रहण का पूरा मुआवजा देने के लिए तैयार है। साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि जब केंद्र सरकार ने पोलावरम परियोजना के लिए तेलंगाना के सात मंडलों को आंध्र प्रदेश को हस्तांतरित किया था, तो अब इस मामले में मदद क्यों नहीं की जा सकती। मुख्यमंत्री ने महाराष्ट्र सरकार से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि तेलंगाना किसी भी तरह के अपमान को बर्दाश्त नहीं करेगा और इस मुद्दे का समाधान बातचीत के जरिए किया जाना चाहिए।