पहाड़ पर बर्फ, मैदान में बारिश: जम्मू-श्रीनगर हाईवे बंद, हजारों वाहन फंसे; छह जिलों में भारी हिमस्खलन का अलर्ट
जम्मू-कश्मीर के गांदरबल, डोडा, किश्तवाड़, पुंछ, रामबन और कुपवाड़ा के ऊंचाई वाले इलाकों में उच्च खतरे वाले हिमस्खलन की चेतावनी जारी की गई है।
विस्तार
पूरे जम्मू-कश्मीर में वीरवार की रात से शुक्रवार को पूरे दिन भारी बारिश और बर्फबारी का सिलसिला जारी रहा। श्री माता वैष्णो देवी के भवन पर सीजन का पहला हिमपात हुआ। त्रिकुटा पर्वत बर्फ से चमक उठा है। जम्मू संभाग के पटनीटॉप, नत्थाटॉप समेत कश्मीर के सभी पहाड़ों और पर्यटन स्थलों पर भारी बर्फ जमा हो गई है। कई जगह मलबा और पत्थर गिरने और बर्फ जमा होने से श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात बंद कर दिया गया है। मुगल रोड और श्रीनगर-लेह राजमार्ग भी बंद है।
जनजीवन बुरी तरह प्रभावित
बारिश से दो महीने से अधिक समय से चल रहे सूखे का तो अंत हुआ लेकिन मौसम के अचानक बदले रुख से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। जम्मू से लेकर घाटी तक भारी बिजली-पानी संकट रहा। वीरवार रात को जम्मू संभाग के कई हिस्सों में आंधी के साथ ओले गिरे। पूरे प्रदेश में शुक्रवार को तेज हवा के साथ बारिश जारी रही। इससे श्रीनगर हवाई अड्डे पर सभी उड़ानें रद्द रहीं। जम्मू से श्रीनगर जाने वाली पांच उड़ानें नहीं हुईं। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर उधमपुर, राजोरी, पुंछ और कठुआ जिले में स्कूल बंद रखे। शनिवार को मौसम सही रहने पर ही स्कूल खुलेंगे।
सड़कों-गलियों ने ओढ़ी सफेद चादर
15 घंटों के भीतर कश्मीर के कई इलाकों में पांच फीट तक बर्फ गिरी है। अनंतनाग, पहलगाम, कुलगाम, शोपियां, पीर की गली, गुलमर्ग, सोनमर्ग-जोजिला पास, बांदीपोरा-राजदान पास और कुपवाड़ा-साधना पास, डोडा, रामबन, चिनैनी, रियासी, उधमपुर, रियासी, किश्तवाड़ और रामबन सहित पीरपंजाल रेंज में भारी बर्फबारी हुई है। जम्मू संभाग का प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पटनीटॉप और नत्थाटॉप बर्फ से लकदक हो गया है। भद्रवाह में भी सीजन की पहली बर्फबारी से सड़कों और गलियों ने सफेद चादर ओढ़ ली है।
24 घंटे में कटड़ा में सबसे अधिक 79.4 मिलीमीटर बारिश हुई है। जम्मू में 69.4, बनिहाल में 42.7,बटोत में 49.8,कटड़ा में 79.4,भद्रवाह में 27.2 व कठुआ में 45.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है।
पुंछ, उधमपुर, गांदरबल में बर्फबारी में फंसे 112 लोगों को बचाया गया
बर्फबारी वाले क्षेत्रों में फंसे 112 से अधिक लोगों को बचाया गया है। इसमें पुंछ जिले फंसे 70 लोगों को कृष्णा घाटी क्षेत्र में 30 यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया। उधमपुर जिले के बसंतगढ़ बर्फीले तूफान के बीच पुलिस ने अभियान चलाकर महिलाओं और बच्चों सहित 12 लोगों को बचाया। गांदरबल जिले में भी पर्यटकों को बचाया गया।
छह जिलों में भारी हिमस्खलन की चेतावनी
गांदरबल, डोडा, किश्तवाड़, पुंछ, रामबन और कुपवाड़ा के ऊंचाई वाले इलाकों में उच्च खतरे वाले हिमस्खलन की चेतावनी जारी की गई है। अधिकारियों ने इन क्षेत्रों में रहने वालों से सतर्क रहने और हिमस्खलन की आशंका वाले क्षेत्रों में जाने से बचने का आग्रह किया है।
जम्मू-श्रीनगर हाईवे बंद होने से हजारों वाहन फंसे
270 किलोमीटर लंबे जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर फिसलन और मलबा व पत्थर गिरने से यातायात बंद कर दिया गया है। इसके कारण हजारों वाहन फंसे हैं। यातायात अधिकारी के अनुसार राजमार्ग पर बनिहाल-काजीगुंड खंड में नवयुग सुरंग और उसके आसपास भारी बर्फबारी हुई है और ये सिलसिला जारी है। मुगल रोड, श्रीनगर-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग और सिंथन रोड भी बर्फ जमा होने के कारण बंद कर दिया गया है।
रेल सेवा भी प्रभावित
भारी बर्फबारी से जम्मू-कश्मीर के बीच रेल सेवा भी आंशिक रूप से प्रभावित हुई है। बनिहाल के स्टेशन मास्टर अब्दुल बसीर बाली ने बताया कि भारी बर्फबारी के कारण संगलदान और बनिहाल से श्रीनगर की ओर केवल एक-एक ट्रेन चलाई गई। कश्मीर से बनिहाल की ओर कोई भी ट्रेन नहीं चल सकी। रेलवे ट्रैक का बड़ा हिस्सा बर्फ से ढका हुआ है।
बीएसएफ का भर्ती अभियान अब 6 फरवरी को
सीमा सुरक्षा बल ने जम्मू मुख्यालय में होने वाले भर्ती अभियान को 24 जनवरी से बदलकर 6 फरवरी कर दिया है। बीएसएफ के एक प्रवक्ता ने कहा, लगातार भारी बारिश के कारण बीएसएफ जम्मू पलौड़ा कैंप और उसके आसपास जलभराव हो गया है। इससे स्टेडियम और ट्रैक प्रभावित हुए हैं। इसे देखते हुए सीटी/टीएम की भर्ती के लिए शारीरिक मानक परीक्षा अब 6 फरवरी को होगी।
हमारी प्राथमिकता सड़क और बिजली बहाल करना
हमारी प्राथमिकता सड़क और बिजली बहाल करना है। एक-एक कर रोड खोले जा रहे हैं, प्राथमिकता के आधार पर काम हो रहा है। घाटी में बिजली खपत 1700 मेगावाट के मुकाबले शुक्रवार सुबह 100 मेगावाट रह गई। टीमें मरम्मत के काम में लगी हुई हैं, लेकिन लाइनों पर बड़े पैमाने पर पेड़ गिरने और तेज हवाएं बड़ी रुकावटें हैं, जिन्हें दूर करना होगा। नुकसान का आकलन किया जा रहा है, लेकिन मौजूदा मौसम की स्थिति के कारण इसमें कुछ समय लगेगा। -उमर अब्दुल्ला, मुख्यमंत्री