{"_id":"6a84b87c6e4876d8d4099e3f","slug":"adc-meetimg-with-drivers-kathua-news-c-201-1-knt1008-135383-2026-08-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kathua News: ट्रैक्टर मालिकों और चालकों का शिष्टमंडल एडीसी से मिला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kathua News: ट्रैक्टर मालिकों और चालकों का शिष्टमंडल एडीसी से मिला
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संवाद न्यूज़ एजेंसी।
बिलावर। ट्रैक्टर ट्राली चालकों और मालिकों का शिष्टमंडल मंगलवार को एडीसी बिलावर विश्वजीत सिंह से वैध तरीके से निर्माण सामग्री निकालने की मांग को लेकर अधिकारी से मिला।
शिष्ट मंडल में शामिल बिलावर के अलग-अलग इलाकों के लगभग 30 ट्रैक्टर चालकों और मालिकों ने अधिकारी को बताया कि पिछले कई दिनों से उन्हें नदी और नालों से निर्माण सामग्री नहीं निकलने दिया जा रहा और पुलिस की ओर से उनके खिलाफ जो कार्रवाई की जा रही है वह सही नहीं है। उन्होंने अधिकारी को बताया कि उन्होंने कई लाखों रुपए के लोन लेकर ट्रैक्टर खरीदे थे और इसी काम पर वह पूरी तरह से निर्भर है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि स्थानीय कुछ स्टोन क्रशर मालिकों की ओर से उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारी से नदी नालों से रेत और बजरी जैसी सामग्री निकालने की अनुमति देने की मांग की ताकि उनका रोजगार चल सके।
विज्ञापन
बिलावर। ट्रैक्टर ट्राली चालकों और मालिकों का शिष्टमंडल मंगलवार को एडीसी बिलावर विश्वजीत सिंह से वैध तरीके से निर्माण सामग्री निकालने की मांग को लेकर अधिकारी से मिला।
शिष्ट मंडल में शामिल बिलावर के अलग-अलग इलाकों के लगभग 30 ट्रैक्टर चालकों और मालिकों ने अधिकारी को बताया कि पिछले कई दिनों से उन्हें नदी और नालों से निर्माण सामग्री नहीं निकलने दिया जा रहा और पुलिस की ओर से उनके खिलाफ जो कार्रवाई की जा रही है वह सही नहीं है। उन्होंने अधिकारी को बताया कि उन्होंने कई लाखों रुपए के लोन लेकर ट्रैक्टर खरीदे थे और इसी काम पर वह पूरी तरह से निर्भर है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि स्थानीय कुछ स्टोन क्रशर मालिकों की ओर से उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारी से नदी नालों से रेत और बजरी जैसी सामग्री निकालने की अनुमति देने की मांग की ताकि उनका रोजगार चल सके।
विज्ञापन