Kathua: हाजी लतीफ की गिरफ्तारी से आतंकियों के नेटवर्क का होगा पर्दाफाश? पाकिस्तानी आतंकी उस्मान का करता था मदद
कठुआ पुलिस ने पाकिस्तानी आतंकी उस्मान की मदद करने के आरोप में ओवरग्राउंड वर्कर (ओजीडब्ल्यू) मोहम्मद लतीफ उर्फ हाजी लतीफ को यूएपीए के तहत गिरफ्तार किया है। जेआईसी जम्मू में उससे पूछताछ जारी है और जांच एजेंसियों को आतंकी नेटवर्क व स्थानीय मददगारों से जुड़े अहम खुलासों की उम्मीद है।
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आतंकियों के मददगार मोहम्मद लतीफ उर्फ हाजी की दूसरी बार हुई गिरफ्तारी पाकिस्तानी आतंकी उस्मान की मदद से जुड़ी है। आतंकी उस्मान को सुरक्षाबलों ने इसी साल 23 जनवरी को बिलावर के भटोड़ी-पडेतर इलाके में मुठभेड़ में ढेर किया था।
मारे गए आतंकी उस्मान को लतीफ ने मदद मुहैया कराई थी। जिससे जुड़ा सामान जनवरी के पहले सप्ताह में जिला पुलिस ने कालाबन क्षेत्र में आतंकियों की तलाश के दौरान बरामद किया था।अब छह महीने के बाद जिला पुलिस ने उसी मामले में एक बार फिर आतंकियों के मददगार हाजी को गिरफ्तार किया है। सूत्रों के अनुसार वीरवार को उसे अधिक पूछताछ के लिए जेआईसी जम्मू ले जाया गया। ओवरग्राउंड वर्कर (ओजीडब्लू) मोहम्मद लतीफ उर्फ हाजी लतीफ, अम्बे नाल (सुफैन) का रहने वाला है। सूत्रों ने बताया कि सोमवार को उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। जिसके बाद बिलावर पुलिस ने सात जनवरी को दर्ज एफआईआर में यूएपीए की धारा के तहत उसे गिरफ्तार कर लिया था।
बिलावर क्षेत्र में तीन आतंकी ठिकाने पुलिस ने किए थे ध्वस्त
आतंकियों की बिलावर और लोहाई मल्हार के इलाकों में चल रही तलाश के बीच जिला पुलिस ने अन्य सुरक्षा बलों के साथ समन्वय कर क्षेत्र में तीन आतंकी ठिकानों का जनवरी में पर्दाफाश किया था। पुलिस के अनुसार 7 जनवरी को खुफिया सूचना मिली थी कि बिलावर तहसील के कमाड़ नाला, कलाबन और धन्नू परोल के जंगलों में कुछ असामाजिक तत्वों की गतिविधियां देखी गईं।
सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम ने बड़े स्तर पर तलाशी अभियान शुरू किया। इस दौरान आतंकियों ने सुरक्षा बलों पर अंधाधुंध फायरिंग की, जिसके चलते रातभर मुठभेड़ जारी रही। तलाशी अभियान के दौरान एक आतंकी ठिकाना मिला जहां से 2 एम4 खाली कारतूस, एक प्लास्टिक बॉक्स जिसमें देसी घी था, बादाम से भरा पॉलीथिन पैकेट, दस्ताने, टोपी, कंबल, तिरपाल, छोटा पाउच और अन्य सामान था।
इसके बाद 16 जनवरी को कालीखड्ड और कालाबन क्षेत्रों में दो और आतंकी ठिकाने ध्वस्त किए गए। इन ठिकानों में पुलिस को गैस सिलेंडर और तेल, चार्जर वायर, दस्ताने, खाना बनाने और खाने के बर्तन, खाली तेल का गैलन, बड़े प्लास्टिक बैग, टॉर्च, कंबल, कंटेनर और खाने-पीने की वस्तुओं के रैपर और अन्य सामान मिला था। पुलिस ने बताया कि आतंकियों को जंगल में हाजी लतीफ मदद कर रहा था।
दो बार घेराबंदी से भागे आतंकी को सुरक्षालों ने किया था ढेर
बिलावर के जंगलों में छिपे जैश ए मोहम्मद के पाकिस्तानी आतंकी उस्मान को सुरक्षाबलों ने 23 जनवरी को ढेर किया था। दस मिनट के भीतर ही सुरक्षाबलों ने घेराबंदी कर सटीक आप्रेशन में उसे भटौडी के पडेतर से सटे बरमाली इलाके में मार गिराया था।
अभियान में जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना और सीआरपीएफ शामिल रही। सुरक्षाबलों ने विभिन्न इलाकों से क्षेत्र की घेराबंदी कर आपरेशन शुरू किया था। शाम पांच बजे के लगभग आतंकी की एक ठिकाने पर मौजूदगी पता चलते ही मुठभेड़ शुरू हो गई। जिसके दस मिनट के भीतर ही उसे ढेर कर दिया गया। खूफिया सूत्रों के अनुसार मारा गया आतंकी उस्मान मार्च 2024 में भारत पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से घुसपैठ करके आया था। जिसके बाद से वो लगातार बसंतगढ़ और कठुआ के इलाके में सक्रिय था। ढेर किया गया आतंकी एम4 कारबाइन से लैस था और इलाके में सक्रिय सैफुल्लाह ग्रुप का स्नाइपर भी था।