{"_id":"6a778e079c95a166d40cc289","slug":"temple-news-kathua-kathua-news-c-201-1-knt1008-135029-2026-08-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kathua News: हरिहरा मंदिर को मुख्य मार्ग से मिलेगा तोरणद्वार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kathua News: हरिहरा मंदिर को मुख्य मार्ग से मिलेगा तोरणद्वार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। बिलावर के प्रसिद्ध हरिहरा, बिल्केश्वर महादेव मंदिर की राह अब मुख्य सड़क से ही दिखाई दे जाएगी। मुख्य सड़क पर मंदिर के रास्ते पर एक तोरणद्वार बनाए जाने के लिए प्रक्रिया शुरू हो गई है। वहीं मंदिर की फेंसिंग तक जल्द इंटरलॉक टाइल से लेकर अन्य जरूती कार्य भी अंजाम दिए जाएंगे।
प्राचीण शिव मंदिर बिलावर, जिसे प्राचीन काल में बेलापुर या विल्लापुर कहा जाता था, अपनी ऐतिहासिक एवं स्थापत्य कला के लिए प्रसिद्ध है। इसका संरक्षण पुरातत्व विभाग करता है। विभाग की ओर से दी गई जानकारी में परंपरा के अनुसार यह मंदिर महाभारत के वीर अर्जुन के पुत्र बभ्रुवाहन द्वारा निर्मित माना जाता है। नागर शैली में निर्मित यह मंदिर 10वीं-11वीं शताब्दी का है। पश्चिमाभिमुख मंदिर एक ऊंचे मंच पर स्थित है, जिसमें गर्भगृह, अंतराल और मंडप शामिल हैं। दीवारों पर साधारण गढ़न के साथ पार्श्व देवताओं, दिक्पाल मूर्तियों और पुष्पाकृति की सुंदर नक्काशी देखने को मिलती है।
इनसेट--
मंदिर का शिखर दस भूमियों में निर्मति,छत लाटेन शैली की
-- मंदिर का शिखर दस भूमियों में निर्मित है, जिस पर चैत्य-डॉरमर अलंकरण अंकित हैं। छत लालटेन शैली की है। मंडप के केवल आयताकार आधार शेष हैं, किंतु हाल ही में पश्चिमी बरामदा और सीढ़ियां उजागर हुई हैं, जो पहले सड़क के नीचे दबे हुए थे। गर्भगृह में शिवलिंग स्थापित है, साथ ही काले पत्थर की उत्कृष्ट मूर्तियां भी मौजूद हैं, जो इस मंदिर की समृद्ध शिल्प परंपरा का प्रमाण देती हैं। उधर, लोहाई मल्हार के प्रसिद्ध कलैड नाग मंदिर का जीर्णोद्धार और विकास के लिए 50 लाख की राशि खर्च किए जाने के लिए प्रक्रिया शुरू हो गई है। इससे पहले बनी के पांच अन्य मंदिरों के लिए भी सरकार की ओर से 50-50 लाख रूपए राशि जारी की गई है। जिसके लिए दस्तावेजी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
कठुआ। बिलावर के प्रसिद्ध हरिहरा, बिल्केश्वर महादेव मंदिर की राह अब मुख्य सड़क से ही दिखाई दे जाएगी। मुख्य सड़क पर मंदिर के रास्ते पर एक तोरणद्वार बनाए जाने के लिए प्रक्रिया शुरू हो गई है। वहीं मंदिर की फेंसिंग तक जल्द इंटरलॉक टाइल से लेकर अन्य जरूती कार्य भी अंजाम दिए जाएंगे।
प्राचीण शिव मंदिर बिलावर, जिसे प्राचीन काल में बेलापुर या विल्लापुर कहा जाता था, अपनी ऐतिहासिक एवं स्थापत्य कला के लिए प्रसिद्ध है। इसका संरक्षण पुरातत्व विभाग करता है। विभाग की ओर से दी गई जानकारी में परंपरा के अनुसार यह मंदिर महाभारत के वीर अर्जुन के पुत्र बभ्रुवाहन द्वारा निर्मित माना जाता है। नागर शैली में निर्मित यह मंदिर 10वीं-11वीं शताब्दी का है। पश्चिमाभिमुख मंदिर एक ऊंचे मंच पर स्थित है, जिसमें गर्भगृह, अंतराल और मंडप शामिल हैं। दीवारों पर साधारण गढ़न के साथ पार्श्व देवताओं, दिक्पाल मूर्तियों और पुष्पाकृति की सुंदर नक्काशी देखने को मिलती है।
विज्ञापन
इनसेट
मंदिर का शिखर दस भूमियों में निर्मति,छत लाटेन शैली की
विज्ञापन