{"_id":"69b9a2dfbeba2bf5f80f3384","slug":"jammu-kashmir-news-rajouri-news-c-272-1-raj1001-106803-2026-03-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rajouri News: जंगली सूअर के हमले मे चाचा और भतीजा घायल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rajouri News: जंगली सूअर के हमले मे चाचा और भतीजा घायल
विज्ञापन
विज्ञापन
राजोरी। जिले की थन्नामंडी तहसील के अलाल गांव में मंगलवार को जंगली सूअर के हमले में चाचा-भतीजा घायल हो गए। इससे क्षेत्र में दहशत का माहौल है।
जानकारी के अनुसार चाचा और भतीजा अपने मवेशियों के साथ जंगल की ओर गए थे। इसी दौरान जंगली सूअर ने पहले भतीजे पर हमला बोल दिया। भतीजे को बचाने के लिए चाचा आगे आया और सूअर ने उन पर भी हमला बोल दिया। इस हमले में चाचा भतीजा घायल हो गए। दोनों को थन्नामंडी के सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया। यहां से प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को जीएमसी राजोरी रेफर कर दिया गया। यहां चाचा की हालत नाजुक बनी हुई है।
वहीं थन्नामंडी के विभिन्न क्षेत्रों से बार-बार जंगली सुअर के हमले से क्षेत्र में दहशत और खौफ का माहौल है। लोग अपने घरों से बाहर निकलने में भी डर रहे हैं। स्थानीय निवासी दिलशाद अहमद, बशीर खान आदि ने बताया कि उनका गांव जंगल के पास है और हमारे बच्चे स्कूल कॉलेज आते-जाते हैं और उन्हें यह डर सताता रहता है कि न जाने कब जंगली जानवर उनको अपना निशाना बना डालें। वहीं उन्होंने जिला प्रशासन से गुहार लगाते हुए कहा कि प्रशासन वन्य जीव विभाग और वन विभाग को आदेश जारी करे कि वो दूर दराज के गांवों में जंगली जानवरों की गतिविधियों पर नजर रखे और रिहायशी इलाकों के पास आने वाले जानवरों को पकड़ा जाए ताकि वह लोगों को निशाना न बना सकें।
Trending Videos
जानकारी के अनुसार चाचा और भतीजा अपने मवेशियों के साथ जंगल की ओर गए थे। इसी दौरान जंगली सूअर ने पहले भतीजे पर हमला बोल दिया। भतीजे को बचाने के लिए चाचा आगे आया और सूअर ने उन पर भी हमला बोल दिया। इस हमले में चाचा भतीजा घायल हो गए। दोनों को थन्नामंडी के सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया। यहां से प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को जीएमसी राजोरी रेफर कर दिया गया। यहां चाचा की हालत नाजुक बनी हुई है।
वहीं थन्नामंडी के विभिन्न क्षेत्रों से बार-बार जंगली सुअर के हमले से क्षेत्र में दहशत और खौफ का माहौल है। लोग अपने घरों से बाहर निकलने में भी डर रहे हैं। स्थानीय निवासी दिलशाद अहमद, बशीर खान आदि ने बताया कि उनका गांव जंगल के पास है और हमारे बच्चे स्कूल कॉलेज आते-जाते हैं और उन्हें यह डर सताता रहता है कि न जाने कब जंगली जानवर उनको अपना निशाना बना डालें। वहीं उन्होंने जिला प्रशासन से गुहार लगाते हुए कहा कि प्रशासन वन्य जीव विभाग और वन विभाग को आदेश जारी करे कि वो दूर दराज के गांवों में जंगली जानवरों की गतिविधियों पर नजर रखे और रिहायशी इलाकों के पास आने वाले जानवरों को पकड़ा जाए ताकि वह लोगों को निशाना न बना सकें।
विज्ञापन
विज्ञापन