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Rajouri News: काउंसलिंग, हॉटस्पॉट की पहचान और सख्त प्रवर्तन पर दिया जोर
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राजोरी। जिला विकास आयुक्त (डीडीसी) राजोरी अभिषेक शर्मा ने जिला स्तरीय एनसीओआरडी (नार्को कोऑर्डिनेशन) समिति की 45वीं बैठक की अध्यक्षता की। इसमें जिले में नशा दुरुपयोग और तस्करी पर रोक लगाने के लिए उठाए जा रहे कदमों की समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान डीडीसी ने बहुआयामी रणनीति अपनाने पर जोर दिया। इसमें प्रभावित व्यक्तियों की काउंसलिंग, ड्रग हॉटस्पॉट एवं पेरि-हॉटस्पॉट क्षेत्रों की पहचान और जागरूकता गतिविधियों को तेज करना शामिल है। उन्होंने निर्देश दिए कि चिन्हित हॉटस्पॉट और पेरि-हॉटस्पॉट क्षेत्रों में पदयात्राएं आयोजित की जाएं ताकि जनभागीदारी बढ़े और नशा विरोधी जागरूकता का प्रसार हो। बैठक में एसएसपी गौरव सिकरवार, एडीसी रवि कुमार सिहाग, एसीडी औकिल नवेद, जिला समाज कल्याण अधिकारी तथा अन्य जिला एवं क्षेत्रीय अधिकारी उपस्थित रहे।
नशे की गतिविधियों में शामिल कर्मियों की सूची मांगी
शिकायत निवारण और खुफिया जानकारी एकत्र करने को मजबूत बनाने के लिए डीडीसी ने रणनीतिक स्थानों पर शिकायत पेटियां स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी डीडीओ को यह भी निर्देश दिए कि नशे से संबंधित गतिविधियों में संलिप्त पाए गए कर्मचारियों की सूची प्रस्तुत करें और ऐसे मामलों में शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई जाए।
एसएसपी ने बैठक में बताया कि इस वर्ष अब तक नशे से जुड़े मामलों में 34 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। डीडीसी ने नशा तस्करों के खिलाफ संपत्ति कुर्की की कार्यवाही शुरू करने पर विशेष जोर दिया ताकि अवैध व्यापार की आर्थिक कमर तोड़ी जा सके। उन्होंने अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेटों (एडीएम) को भी निर्देश दिए कि वे सब डिवीजन स्तर पर एनसीओआरडी से संबंधित उपायों की नियमित समीक्षा करें ताकि प्रभावी क्रियान्वयन और निगरानी सुनिश्चित हो सके।
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बैठक के दौरान डीडीसी ने बहुआयामी रणनीति अपनाने पर जोर दिया। इसमें प्रभावित व्यक्तियों की काउंसलिंग, ड्रग हॉटस्पॉट एवं पेरि-हॉटस्पॉट क्षेत्रों की पहचान और जागरूकता गतिविधियों को तेज करना शामिल है। उन्होंने निर्देश दिए कि चिन्हित हॉटस्पॉट और पेरि-हॉटस्पॉट क्षेत्रों में पदयात्राएं आयोजित की जाएं ताकि जनभागीदारी बढ़े और नशा विरोधी जागरूकता का प्रसार हो। बैठक में एसएसपी गौरव सिकरवार, एडीसी रवि कुमार सिहाग, एसीडी औकिल नवेद, जिला समाज कल्याण अधिकारी तथा अन्य जिला एवं क्षेत्रीय अधिकारी उपस्थित रहे।
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नशे की गतिविधियों में शामिल कर्मियों की सूची मांगी
शिकायत निवारण और खुफिया जानकारी एकत्र करने को मजबूत बनाने के लिए डीडीसी ने रणनीतिक स्थानों पर शिकायत पेटियां स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी डीडीओ को यह भी निर्देश दिए कि नशे से संबंधित गतिविधियों में संलिप्त पाए गए कर्मचारियों की सूची प्रस्तुत करें और ऐसे मामलों में शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई जाए।
एसएसपी ने बैठक में बताया कि इस वर्ष अब तक नशे से जुड़े मामलों में 34 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। डीडीसी ने नशा तस्करों के खिलाफ संपत्ति कुर्की की कार्यवाही शुरू करने पर विशेष जोर दिया ताकि अवैध व्यापार की आर्थिक कमर तोड़ी जा सके। उन्होंने अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेटों (एडीएम) को भी निर्देश दिए कि वे सब डिवीजन स्तर पर एनसीओआरडी से संबंधित उपायों की नियमित समीक्षा करें ताकि प्रभावी क्रियान्वयन और निगरानी सुनिश्चित हो सके।
