Amarnath Yatra: 'छड़ी मुबारक' के साथ पारंपरिक अनुष्ठानों की शुरुआत, जम्मू से श्रद्धालुओं का नया जत्था रवाना
अमरनाथ यात्रा से जुड़े पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत 'छड़ी मुबारक' के पहलगाम पहुंचने के साथ हुई, जबकि जम्मू से कड़ी सुरक्षा के बीच 2,051 श्रद्धालुओं का नया जत्था बालटाल मार्ग के लिए रवाना हुआ।
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वार्षिक अमरनाथ यात्रा से जुड़े पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत मंगलवार को छड़ी मुबारक के साथ हो गई। भगवान शिव की चांदी की पवित्र गदा छड़ी मुबारक को श्रीनगर स्थित दशनामी अखाड़ा से अनंतनाग जिले के पहलगाम स्थित गौरी शंकर मंदिर ले जाया गया, जहां भूमि पूजन की रस्म संपन्न की जाएगी।
छड़ी मुबारक के संरक्षक महंत दीपेंद्र गिरि के नेतृत्व में साधु-संतों का जत्था वैदिक मंत्रोच्चार के बीच रवाना हुआ। उन्होंने बताया कि वापसी के दौरान छड़ी मुबारक को मट्टन स्थित ऐतिहासिक मार्तंड मंदिर में पवित्र स्नान भी कराया जाएगा। महंत गिरि ने इस वर्ष अब तक 4.25 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के दर्शन करने पर संतोष जताया।
वहीं, दूसरी ओर जम्मू के भगवती नगर आधार शिविर से मंगलवार तड़के 2,051 श्रद्धालुओं का 22वां जत्था कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अमरनाथ गुफा के लिए रवाना हुआ। यह जत्था 82 वाहनों में बालटाल मार्ग के लिए निकला, जिसमें 369 महिलाएं, दो बच्चे और 30 विदेशी श्रद्धालु भी शामिल हैं।
इस जत्थे के रवाना होने के साथ ही जम्मू आधार शिविर से यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं की कुल संख्या 1,32,406 हो गई है। फिलहाल पहलगाम मार्ग पर मरम्मत कार्य के चलते यात्रा स्थगित है, इसलिए श्रद्धालुओं को केवल बालटाल मार्ग से भेजा जा रहा है।
अब तक 4.36 लाख से अधिक श्रद्धालु 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा में हिम शिवलिंग के दर्शन कर चुके हैं। 57 दिनों तक चलने वाली यह यात्रा 28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन संपन्न होगी। खराब मौसम के कारण 19 से 24 जुलाई तक यात्रा स्थगित रही थी, जिसे 25 जुलाई से फिर शुरू कर दिया गया।