{"_id":"69f6f3e5f2fb9bbb6c06e690","slug":"cm-of-arunachal-visits-holy-relics-of-lord-buddha-2026-05-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Leh-Ladakh: अरुणाचल के सीएम ने किए भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों के दर्शन, बोले- शांति और भक्ति का अनुभव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Leh-Ladakh: अरुणाचल के सीएम ने किए भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों के दर्शन, बोले- शांति और भक्ति का अनुभव
अमर उजाला नेटवर्क, लेह
Published by: Nikita Gupta
Updated Sun, 03 May 2026 12:39 PM IST
विज्ञापन
सार
अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने लेह में भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों के दर्शन किए और इसे शांति व भक्ति से भरा विशेष अनुभव बताया।
अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू
- फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन
विस्तार
अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने शनिवार को भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों के दर्शन किए। प्रार्थना करने के बाद उन्होंने अपने लेह दौरा को बहुत विशेष बताया। ये अवशेष लगभग 75 वर्षों बाद लद्दाख पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि इस पवित्र प्रदर्शनी ने क्षेत्र में अपार भक्ति और शांति की भावना ला दी है तथा दूरस्थ गांवों के लोगों को आशीर्वाद प्राप्त करने का दुर्लभ अवसर प्रदान किया है। पेमा खांडू ने कहा कि प्रयास किए जा रहे हैं कि इन पवित्र अवशेषों को अरुणाचल प्रदेश भी लाया जाए क्योंकि राज्य में गहरी जड़ें वाली बौद्ध विरासत है।
Trending Videos
उन्होंने कहा कि बुद्ध की शिक्षाएं मानवता को करुणा, बुद्धिमत्ता और एकता की ओर मार्गदर्शन करती रहती हैं। अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ने केंद्रीय बौद्ध अध्ययन संस्थान में दो प्रदर्शनियों का उद्घाटन भी किया। एक प्रदर्शनी गुरु पद्मसंभव को समर्पित थी, जिसमें उनके जीवन, शिक्षाओं और आध्यात्मिक विरासत को प्रदर्शित किया गया जबकि दूसरी प्रदर्शनी डाक टिकटों के माध्यम से बौद्ध धर्म शीर्षक वाली थी। इसमें विश्व भर से 2,500 से अधिक डाक टिकटें प्रदर्शित की गईं जो बौद्ध विरासत को दर्शाती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
पेमा खांडू ने ड्रुक पद्मा कार्पो स्कूल के एक कार्यक्रम में भाग लिया जहां छात्रों ने सांस्कृतिक प्रदर्शनों और कुंगफू प्रदर्शन के माध्यम से उनका स्वागत किया। उन्होंने स्कूल को 25 वर्ष पूरे करने पर बधाई दी और आधुनिक शिक्षा को पारंपरिक मूल्यों के साथ जोड़ने के प्रयासों की सराहना की।
वेसाक पूर्णिमा पर कैंडल पीस मार्च निकाला
वेसाक पूर्णिमा के अवसर पर महाबोधि अंतरराष्ट्रीय ध्यान केंद्र में कैंडल पीस मार्च निकाला। यह अवसर गौतम बुद्ध की जन्म जयंती को समर्पित था। इस मार्च का नेतृत्व केंद्र के संस्थापक अध्यक्ष वेनरेबल भिक्खु संघसेना ने किया जिन्होंने बुद्ध की शिक्षाओं के अनुरूप शांति, करुणा और चिंतन की भावना में समूह को मार्गदर्शन प्रदान किया। अंतरराष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ के भिक्षुओं के साथ-साथ महाबोधि आवासीय विद्यालय के छात्रों, शिक्षकों और स्थानीय निवासियों ने शांति मार्च में सक्रिय रूप से भाग लिया। कार्यक्रम ने बुद्ध द्वारा सिखाए गए अहिंसा, करुणा और सद्भावना के शाश्वत मूल्यों को रेखांकित किया तथा वैश्विक शांति और कल्याण की प्रार्थनाओं के साथ समापन हुआ।
