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Srinagar News: लेह में पवित्र अवशेषों के दर्शन के दूसरे दिन उमड़ी भारी भीड़
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पवित्र बुद्ध अवशेषों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के इंतजार में जनता की लंबी कतारस्रोत - सूचना व
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संवाद न्यूज एजेंसी
लेह। भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों के सार्वजनिक दर्शन का दूसरा दिन रविवार को श्रद्धा और उत्साह के बीच संपन्न हुआ। जिवेतसल में हजारों श्रद्धालु अपने सम्मान प्रकट करने और आशीर्वाद लेने के लिए पहुंचे।
इस आध्यात्मिक आयोजन में न्योमा और खरू ब्लॉकों से बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया जो लोगों की गहरी आस्था को दर्शाता है। लद्दाख बौद्ध संघ युवा विंग के अनुसार, दूसरे दिन लगभग 9,000 श्रद्धालुओं ने तथागत के पवित्र अवशेषों के दर्शन किए। सुबह से देर शाम तक श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखी गईं, जो इस अवसर के महत्व को दर्शाती हैं।
दिन के कार्यक्रम में थिकसे मठ के भिक्षुओं द्वारा विशेष प्रार्थनाएं शामिल थीं, जो लद्दाख गोनपा एसोसिएशन के तत्वावधान में आयोजित की गईं। आयोजकों ने बताया कि लद्दाख के 16 प्रमुख मठों के भिक्षु इस आयोजन के दौरान प्रतिदिन बारी-बारी से प्रार्थनाएं करते रहेंगे।
भीड़ प्रबंधन के लिए लद्दाख बौद्ध संघ युवा विंग के स्वयंसेवकों के साथ-साथ इंडो-तिब्बतन बॉर्डर पुलिस और यूटीडीआरएफ के कर्मियों ने भी सहयोग किया। उन्होंने भीड़ नियंत्रण में मदद की और बुजुर्ग तथा दिव्यांग श्रद्धालुओं की सहायता की। कार्यक्रम का समन्वय कर रहे लद्दाख बौद्ध संघ ने लेह जिले के सभी क्षेत्रों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए गांव-वार कार्यक्रम-सूची जारी की है।
कल शाम क्षेत्र के शाम इलाके से लेकर सास्पोल तक के श्रद्धालु जिसमें आर्यन बेल्ट भी शामिल है, जिवेतसल, चोगलमसर में प्रार्थना के लिए जाएंगे।
पवित्र अवशेष 10 मई तक जिवेतसल में सार्वजनिक दर्शन के लिए रखे जाएंगे जिसके बाद 11 मई को उन्हें आध्यात्मिक कार्यक्रम के अगले चरण के लिए जंस्कार ले जाया जाएगा।
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लेह। भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों के सार्वजनिक दर्शन का दूसरा दिन रविवार को श्रद्धा और उत्साह के बीच संपन्न हुआ। जिवेतसल में हजारों श्रद्धालु अपने सम्मान प्रकट करने और आशीर्वाद लेने के लिए पहुंचे।
इस आध्यात्मिक आयोजन में न्योमा और खरू ब्लॉकों से बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया जो लोगों की गहरी आस्था को दर्शाता है। लद्दाख बौद्ध संघ युवा विंग के अनुसार, दूसरे दिन लगभग 9,000 श्रद्धालुओं ने तथागत के पवित्र अवशेषों के दर्शन किए। सुबह से देर शाम तक श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखी गईं, जो इस अवसर के महत्व को दर्शाती हैं।
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दिन के कार्यक्रम में थिकसे मठ के भिक्षुओं द्वारा विशेष प्रार्थनाएं शामिल थीं, जो लद्दाख गोनपा एसोसिएशन के तत्वावधान में आयोजित की गईं। आयोजकों ने बताया कि लद्दाख के 16 प्रमुख मठों के भिक्षु इस आयोजन के दौरान प्रतिदिन बारी-बारी से प्रार्थनाएं करते रहेंगे।
भीड़ प्रबंधन के लिए लद्दाख बौद्ध संघ युवा विंग के स्वयंसेवकों के साथ-साथ इंडो-तिब्बतन बॉर्डर पुलिस और यूटीडीआरएफ के कर्मियों ने भी सहयोग किया। उन्होंने भीड़ नियंत्रण में मदद की और बुजुर्ग तथा दिव्यांग श्रद्धालुओं की सहायता की। कार्यक्रम का समन्वय कर रहे लद्दाख बौद्ध संघ ने लेह जिले के सभी क्षेत्रों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए गांव-वार कार्यक्रम-सूची जारी की है।
कल शाम क्षेत्र के शाम इलाके से लेकर सास्पोल तक के श्रद्धालु जिसमें आर्यन बेल्ट भी शामिल है, जिवेतसल, चोगलमसर में प्रार्थना के लिए जाएंगे।
पवित्र अवशेष 10 मई तक जिवेतसल में सार्वजनिक दर्शन के लिए रखे जाएंगे जिसके बाद 11 मई को उन्हें आध्यात्मिक कार्यक्रम के अगले चरण के लिए जंस्कार ले जाया जाएगा।
