सियासत: वंदे मातरम पर आपत्ति का उमर-फारूक ने दिया खड़े होकर जवाब, सवाल- कांग्रेस चाहती है कश्मीरी जेल जाएं?
श्रीनगर में डल झील के किनारे स्थित शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस सेंटर (एसकेआईसीसी) में पहले अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के समापन समारोह में जब राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत बजाया गया तो उमर और फारूक अब्दुल्ला पूरे समय सम्मानपूर्वक खड़े रहे और राष्ट्रगीत का गायन भी किया।
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राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम को लेकर कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के बीच जारी तीखी जुबानी जंग के बीच मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और उनके पिता डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने वीरवार को अपने आचरण से सकारात्मक और प्रेरणादायी संदेश दिया। कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बुधवार को श्रीनगर के अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के उद्घाटन समारोह में पूरे वंदे मातरम के दौरान उमर और फारूक अब्दुल्ला के खड़े रहने का वीडियो साझा कर आपत्ति जताई थी। उन्होंने सहयोगी दलों से कांग्रेस द्वारा अपनाए गए वंदे मातरम के संस्करण के साथ खड़े होने की अपील की थी।
इसके ठीक अगले दिन श्रीनगर में डल झील के किनारे स्थित शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस सेंटर (एसकेआईसीसी) में पहले अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के समापन समारोह में जब राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत बजाया गया तो उमर और फारूक अब्दुल्ला पूरे समय सम्मानपूर्वक खड़े रहे और राष्ट्रगीत का गायन भी किया।
कानून बन चुका है तो पालन जरूरी
इससे पहले मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने वंदे मातरम को लेकर चल रहे विवाद पर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने विवाद को तिल का ताड़ बनाना कहा और बोले कि अगर इस कानून का विरोध था तो इसे संसद में ही रोका जाना चाहिए था। लेकिन अब जब यह कानून बन चुका है तो उसका पालन करना जरूरी है। कांग्रेस शासित राज्यों के सरकारी कार्यक्रमों में भी इसी व्यवस्था का पालन किया जाता है।
क्या कांग्रेस चाहती है कश्मीरी जेल जाएं?
उमर अब्दुल्ला ने कांग्रेस से सवाल करते हुए कहा कि अगर राष्ट्रगीत के दौरान खड़े नहीं होने पर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है, तो क्या कांग्रेस यह चाहती है कि इस बहाने कश्मीरियों को जेल भेज दिया जाए। एक राजनीतिक दल के तौर पर नेशनल कॉन्फ्रेंस ने कभी पूरे वंदे मातरम को नहीं अपनाया है और न ही भविष्य में अपनाएगी। हम प्रार्थना करते हैं कि कांग्रेस जल्द से जल्द केंद्र की सत्ता में आए और संसद के माध्यम से इस कानून को रद्द कर दे। ऐसा होने पर उनकी पार्टी को कोई आपत्ति नहीं होगी।