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जेल जीवन में सबसे पहले समाप्त हो जाती है निजता : वांगचुक
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रीनगर
Updated Thu, 29 Jan 2026 01:49 AM IST
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सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा- अधिकारी को इतनी दूरी पर बैठना चाहिए जहां से बातचीत न सुन सके
लेह एपेक्स बॉडी के विधिक सलाहकार ने हाल में जोधपुर जेल में वांगचुक से की मुलाकात
संवाद न्यूज एजेंसी
लेह। जेल में सबसे पहले निजता समाप्त हो जाती है। यह जेल जीवन की कठोर सच्चाई है। ये बातें जोधपुर जेल में बंद सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने हाल में लेह एपेक्स बॉडी के विधिक सलाहकार मुस्तफा हाजी से चर्चा के दौरान कहीं। सीसीटीवी कैमरे से निगरानी के अलावा एक महिला अधिकारी के पास में बैठे होने पर वांगचुक का कहना था कि जेल मैनुअल के अनुसार अधिकारी को इतनी दूरी पर बैठना चाहिए जहां से वह बातचीत न सुन सके।
सोनम वांगचुक से मिलकर लौटे मुस्तफा हाजी ने बताया कि वांगचुक स्वस्थ हैं और उन्होंने हमेशा की तरह अपनी मुस्कान के साथ उनका अभिवादन किया। अपने स्वास्थ्य के बारे में पूछे जाने पर सोनम वांगचुक ने बताया कि उन्हें हल्की पेट की समस्या थी। अब वह गंभीर नहीं है। उन्होंने उस थर्मामीटर का भी उल्लेख किया जिसकी उन्होंने पहले मांग की थी ताकि वे जेल बैरकों को बेहतर बनाने के लिए पर्यावरण-संवेदी वास्तुकला से जुड़े कुछ सरल प्रयोग कर सकें। यह अब तक उन्हें उपलब्ध नहीं कराया गया है। भीषण गर्मी में यह बुनियादी सुविधा सभी के लिए लाभकारी हो सकती है।
मुलाकात के शेष समय में गृह मंत्रालय के साथ होने वाली आगामी वार्ताओं, लद्दाख के लिए छठी अनुसूची का दर्जा और राज्यत्व की लंबे समय से चली आ रही मांगों तथा इन चर्चाओं के संभावित परिणामों पर विचार-विमर्श हुआ। सोनम वांगचुक ने आशा व्यक्त की कि यदि लोग एकजुट रहें, तो लद्दाख की सुरक्षा लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से सुनिश्चित की जा सकती है।
लद्दाख के लोगों तक अपना जुल्ले संदेश पहुंचाने का किया अनुरोध
मुलाकात के अंत में सोनम वांगचुक ने मुस्तफा हाजी से लद्दाख के लोगों तक अपना जुल्ले संदेश पहुंचाने का अनुरोध किया और उनके लिए की जा रही प्रार्थनाओं तथा निरंतर समर्थन के प्रति आभार व्यक्त किया। इस बीच लेह एपेक्स बॉडी और कारगिल डेमोक्रेटिक एलायंस के सदस्यों ने सांसद के माध्यम से जोधपुर जेल में सोनम वांगचुक से मिलने की अनुमति मांगी थी। हालांकि, एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद इस संबंध में अब तक कोई जवाब नहीं मिला है। दोनों संगठनों ने सांसद से इस विषय पर एक स्मरण पत्र भेजने का भी अनुरोध किया है।
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लेह एपेक्स बॉडी के विधिक सलाहकार ने हाल में जोधपुर जेल में वांगचुक से की मुलाकात
संवाद न्यूज एजेंसी
लेह। जेल में सबसे पहले निजता समाप्त हो जाती है। यह जेल जीवन की कठोर सच्चाई है। ये बातें जोधपुर जेल में बंद सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने हाल में लेह एपेक्स बॉडी के विधिक सलाहकार मुस्तफा हाजी से चर्चा के दौरान कहीं। सीसीटीवी कैमरे से निगरानी के अलावा एक महिला अधिकारी के पास में बैठे होने पर वांगचुक का कहना था कि जेल मैनुअल के अनुसार अधिकारी को इतनी दूरी पर बैठना चाहिए जहां से वह बातचीत न सुन सके।
सोनम वांगचुक से मिलकर लौटे मुस्तफा हाजी ने बताया कि वांगचुक स्वस्थ हैं और उन्होंने हमेशा की तरह अपनी मुस्कान के साथ उनका अभिवादन किया। अपने स्वास्थ्य के बारे में पूछे जाने पर सोनम वांगचुक ने बताया कि उन्हें हल्की पेट की समस्या थी। अब वह गंभीर नहीं है। उन्होंने उस थर्मामीटर का भी उल्लेख किया जिसकी उन्होंने पहले मांग की थी ताकि वे जेल बैरकों को बेहतर बनाने के लिए पर्यावरण-संवेदी वास्तुकला से जुड़े कुछ सरल प्रयोग कर सकें। यह अब तक उन्हें उपलब्ध नहीं कराया गया है। भीषण गर्मी में यह बुनियादी सुविधा सभी के लिए लाभकारी हो सकती है।
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मुलाकात के शेष समय में गृह मंत्रालय के साथ होने वाली आगामी वार्ताओं, लद्दाख के लिए छठी अनुसूची का दर्जा और राज्यत्व की लंबे समय से चली आ रही मांगों तथा इन चर्चाओं के संभावित परिणामों पर विचार-विमर्श हुआ। सोनम वांगचुक ने आशा व्यक्त की कि यदि लोग एकजुट रहें, तो लद्दाख की सुरक्षा लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से सुनिश्चित की जा सकती है।
लद्दाख के लोगों तक अपना जुल्ले संदेश पहुंचाने का किया अनुरोध
मुलाकात के अंत में सोनम वांगचुक ने मुस्तफा हाजी से लद्दाख के लोगों तक अपना जुल्ले संदेश पहुंचाने का अनुरोध किया और उनके लिए की जा रही प्रार्थनाओं तथा निरंतर समर्थन के प्रति आभार व्यक्त किया। इस बीच लेह एपेक्स बॉडी और कारगिल डेमोक्रेटिक एलायंस के सदस्यों ने सांसद के माध्यम से जोधपुर जेल में सोनम वांगचुक से मिलने की अनुमति मांगी थी। हालांकि, एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद इस संबंध में अब तक कोई जवाब नहीं मिला है। दोनों संगठनों ने सांसद से इस विषय पर एक स्मरण पत्र भेजने का भी अनुरोध किया है।