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Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Srinagar News ›   Strict oversight on books now heads of institutions to be held responsible for any lapse.

J&K: 'अब हर किताब की होगी जांच, आपत्तिजनक किताबें मिलीं तो सीधे संस्थान प्रमुख होंगे जिम्मेदार', एलजी सिन्हा

Wed, 08 Jul 2026 12:52 PM IST
Nikita Gupta अमर उजाला, नेटवर्क श्रीनगर
अमर उजाला, नेटवर्क श्रीनगर Published by: Nikita Gupta Updated Wed, 08 Jul 2026 12:52 PM IST
सार

जम्मू-कश्मीर के शिक्षण संस्थानों में आपत्तिजनक किताबें मिलने के बाद उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सभी स्कूलों और विश्वविद्यालयों का ऑडिट कराने तथा किताबों की खरीद और जांच के लिए नई एसओपी लागू करने के निर्देश दिए हैं।

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Strict oversight on books now heads of institutions to be held responsible for any lapse.
एलजी मनोज सिन्हा। - फोटो : @OfficeOfLGJandK

विस्तार

जम्मू-कश्मीर के सरकारी स्कूलों और विश्वविद्यालयों में आपत्तिजनक किताबें मिलने के बाद अब किताबों की खरीद और जांच का पूरा सिस्टम बदलने जा रहा है। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने मंगलवार को हुई उच्चस्तरीय बैठक में सभी शिक्षण संस्थानों का ऑडिट कराने, नई एसओपी बनाने और संस्थान प्रमुखों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी संस्थानों के प्रमुखों से तय समय के भीतर लिखित प्रमाणपत्र लिया जाएगा कि उनके यहां देश विरोधी, अलगाववाद को बढ़ावा देने वाली या अन्य आपत्तिजनक सामग्री उपलब्ध नहीं है।

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बैठक में मुख्य सचिव अटल डुल्लू, स्कूल शिक्षा विभाग के आयुक्त सचिव राम निवास शर्मा, एडीजीपी सीआईडी नितीश कुमार मौजूद रहे। अधिकारियों ने उपराज्यपाल को बताया कि अलगाववाद का महिमामंडन करने वाली किताबों की खरीद, मंजूरी और वितरण से जुड़े लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। एलजी ने ऐसी व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए हैं, जिससे भविष्य में शिक्षण संस्थान या लाइब्रेरी में अलगाववाद को बढ़ावा देने वाली सामग्री की खरीद, उपलब्धता या वितरण न हो सके।

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वेबसाइट और डिजिटल पुस्तक संग्रह की भी होगी जांच
एलजी ने विश्वविद्यालयों और अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों की वेबसाइट और डिजिटल पुस्तक संग्रह की भी जांच कराने के निर्देश दिए। जहां कहीं भी ऐसी सामग्री मिले, उसे तुरंत हटाने को कहा गया है। उपराज्यपाल ने कहा कि शिक्षण संस्थानों का काम छात्रों को सही शिक्षा और सही दिशा देना है। उन्हें गुमराह करने वाली किसी भी सामग्री के प्रति सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करेगी। यदि किसी संस्थान में ऐसी सामग्री मिलती है तो उसके लिए संबंधित संस्थान प्रमुख को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार माना जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

किताबों की खरीद के लिए नई एसओपी तैयार करने के निर्देश : उपराज्यपाल ने किताबों की खरीद के लिए नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करने के भी निर्देश दिए। इसमें किताब खरीदने से पहले उसकी जांच और बाद में समय-समय पर समीक्षा का तरीका तय किया जाएगा। शिक्षाविदों, वरिष्ठ अधिकारियों और विशेषज्ञों का पैनल समय-समय पर औचक जांच भी करेगा, ताकि भविष्य में ऐसी कोई किताब या सामग्री शिक्षण संस्थानों तक न पहुंच सके। 

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