{"_id":"697a7092f1367c79d700c666","slug":"the-government-has-ordered-an-inquiry-into-the-ruckus-at-gmc-udhampur-srinagar-news-c-10-jmu1054-822643-2026-01-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Srinagar News: जीएमसी उधमपुर में हंगामा मामले में सरकार ने बिठाई जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Srinagar News: जीएमसी उधमपुर में हंगामा मामले में सरकार ने बिठाई जांच
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रीनगर
Updated Thu, 29 Jan 2026 01:54 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
जीएमसी जम्मू के प्रिंसिपल प्रो. आशुतोष गुप्ता को बनाय गया जांच अधिकारी
प्रदेश सरकार ने जारी किया आदेश, 15 दिन में देनी होगी विस्तार से रिपोर्ट
परिस्थितियों, घटनाक्रम, प्रशासनिक एवं सुरक्षा चूक का लगाया जाएगा पता
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। उधमपुर स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) में बीते दिनों हुए भारी हंगामे और विधायक के साथ नोकझोंक के मामले को प्रदेश सरकार ने गंभीरता से लिया है। बुधवार को सरकार ने इस पूरी घटना और सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो की समयबद्ध जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। इस जांच के लिए जीएमसी जम्मू के प्रिंसिपल प्रो. आशुतोष गुप्ता को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। वे 15 दिनों के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपेंगे। उन्हें 27 जनवरी को वीडियो प्रसारित होने से संबंधित घटनाओं की परिस्थितियों, घटनाक्रम और प्रशासनिक एवं सुरक्षा चूक की विस्तृत जांच करने का निर्देश दिया गया है।
इस पूरे विवाद की जड़ 25 जनवरी की रात की वह दुखद घटना है जब आपातकालीन स्थिति में पहुंचे एक मरीज की समय पर इलाज न मिलने के कारण मौत हो गई। परिजन की शिकायत और चिकित्सा व्यवस्था की बदहाली की सूचना मिलते ही स्थानीय विधायक पवन गुप्ता प्रशासनिक अमले के साथ जीएमसी के औचक निरीक्षण पर पहुंचे थे। विधायक को वहां इमरजेंसी वार्ड में रोस्टर के मुताबिक तैनात होने वाले डॉक्टरों के बजाय केवल एक जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर ही ड्यूटी पर मौजूद मिला। विधायक ने मौके पर ही नाराजगी जाहिर की और करीब डेढ़ घंटे तक धरने पर बैठकर अनुपस्थित डॉक्टरों को बुलाने की मांग की लेकिन कोई भी डॉक्टर उपस्थित नहीं हुआ।
मंगलवार को इस घटना के संदर्भ में विधायक पवन गुप्ता ने एडीसी और पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में जीएमसी प्रबंधन और डॉक्टरों के साथ एक समीक्षा बैठक बुलाई। जीएमसी के कॉन्फ्रेंस हाॅल में विधायक ने मरीज की मौत पर जवाब तलब करना चाहा तो डॉक्टर भड़क गए। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में स्पष्ट देखा गया कि डॉक्टरों ने न केवल बहस की बल्कि विधायक के हाथ से माइक छीनने का प्रयास भी किया। हालांकि, बाद में डॉक्टरों ने संस्थान में बुनियादी सुविधाओं और मैनपावर की भारी कमी का हवाला देते हुए अपनी मजबूरियां गिनाईं। हालांकि, विधायक और एक असिस्टेंट प्रोफेसर की ओर से मंगलवार शाम ही सोशल मीडिया के माध्यम से अपने-अपने स्तर पर मामले को लेकर स्पष्टीकरण दे दिया था।
जांच के दायरे में होगी सुरक्षा और प्रशासनिक चूक
स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. सैयद आबिद रशीद शाह द्वारा जारी आदेश के अनुसार जांच अधिकारी प्रो. आशुतोष गुप्ता 27 जनवरी को वीडियो प्रसारित होने की परिस्थितियों, घटनाक्रम और इस दौरान हुई प्रशासनिक व सुरक्षा चूक की गहन जांच करेंगे। यह आदेश ऐसे समय में आया है जब राजनीतिक और सामाजिक हलकों में इस घटना की कड़ी निंदा की जा रही थी। यह जांच न केवल डॉक्टरों के व्यवहार पर केंद्रित होगी बल्कि संस्थान की उस कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाएगी जिसकी वजह से एक कीमती जान चली गई।
-- -- -
जीएमसी प्रशासन ने माफी नहीं मांगी तो केस दर्ज करवाएंगे : विधायक
विधायक पवन गुप्ता ने कहा कि जीएमसी में डाॅक्टरों की गैर मौजूदगी के मामले पर जबावदेही तय करने के लिए आयोजित समीक्षा बैठक में डाॅक्टरों का रवैया काफी चिंताजनक रहा। इसको लेकर जीएमसी प्रशासन उधमपुर से बिना शर्त लिखित में माफी की मांग की गई है। अगर वे ऐसा नहीं करते हैं तो मजबूरन हमें पुलिस में मामला दर्ज करवाना पडे़गा। विधायक ने दावा किया है कि इस पूरे घटनाक्रम को लेकर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री की तरफ से जीएमसी प्रशासन के खिलाफ जांच के आदेश भी दिए गए हैं।
Trending Videos
प्रदेश सरकार ने जारी किया आदेश, 15 दिन में देनी होगी विस्तार से रिपोर्ट
परिस्थितियों, घटनाक्रम, प्रशासनिक एवं सुरक्षा चूक का लगाया जाएगा पता
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। उधमपुर स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) में बीते दिनों हुए भारी हंगामे और विधायक के साथ नोकझोंक के मामले को प्रदेश सरकार ने गंभीरता से लिया है। बुधवार को सरकार ने इस पूरी घटना और सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो की समयबद्ध जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। इस जांच के लिए जीएमसी जम्मू के प्रिंसिपल प्रो. आशुतोष गुप्ता को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। वे 15 दिनों के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपेंगे। उन्हें 27 जनवरी को वीडियो प्रसारित होने से संबंधित घटनाओं की परिस्थितियों, घटनाक्रम और प्रशासनिक एवं सुरक्षा चूक की विस्तृत जांच करने का निर्देश दिया गया है।
इस पूरे विवाद की जड़ 25 जनवरी की रात की वह दुखद घटना है जब आपातकालीन स्थिति में पहुंचे एक मरीज की समय पर इलाज न मिलने के कारण मौत हो गई। परिजन की शिकायत और चिकित्सा व्यवस्था की बदहाली की सूचना मिलते ही स्थानीय विधायक पवन गुप्ता प्रशासनिक अमले के साथ जीएमसी के औचक निरीक्षण पर पहुंचे थे। विधायक को वहां इमरजेंसी वार्ड में रोस्टर के मुताबिक तैनात होने वाले डॉक्टरों के बजाय केवल एक जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर ही ड्यूटी पर मौजूद मिला। विधायक ने मौके पर ही नाराजगी जाहिर की और करीब डेढ़ घंटे तक धरने पर बैठकर अनुपस्थित डॉक्टरों को बुलाने की मांग की लेकिन कोई भी डॉक्टर उपस्थित नहीं हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन
मंगलवार को इस घटना के संदर्भ में विधायक पवन गुप्ता ने एडीसी और पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में जीएमसी प्रबंधन और डॉक्टरों के साथ एक समीक्षा बैठक बुलाई। जीएमसी के कॉन्फ्रेंस हाॅल में विधायक ने मरीज की मौत पर जवाब तलब करना चाहा तो डॉक्टर भड़क गए। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में स्पष्ट देखा गया कि डॉक्टरों ने न केवल बहस की बल्कि विधायक के हाथ से माइक छीनने का प्रयास भी किया। हालांकि, बाद में डॉक्टरों ने संस्थान में बुनियादी सुविधाओं और मैनपावर की भारी कमी का हवाला देते हुए अपनी मजबूरियां गिनाईं। हालांकि, विधायक और एक असिस्टेंट प्रोफेसर की ओर से मंगलवार शाम ही सोशल मीडिया के माध्यम से अपने-अपने स्तर पर मामले को लेकर स्पष्टीकरण दे दिया था।
जांच के दायरे में होगी सुरक्षा और प्रशासनिक चूक
स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. सैयद आबिद रशीद शाह द्वारा जारी आदेश के अनुसार जांच अधिकारी प्रो. आशुतोष गुप्ता 27 जनवरी को वीडियो प्रसारित होने की परिस्थितियों, घटनाक्रम और इस दौरान हुई प्रशासनिक व सुरक्षा चूक की गहन जांच करेंगे। यह आदेश ऐसे समय में आया है जब राजनीतिक और सामाजिक हलकों में इस घटना की कड़ी निंदा की जा रही थी। यह जांच न केवल डॉक्टरों के व्यवहार पर केंद्रित होगी बल्कि संस्थान की उस कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाएगी जिसकी वजह से एक कीमती जान चली गई।
जीएमसी प्रशासन ने माफी नहीं मांगी तो केस दर्ज करवाएंगे : विधायक
विधायक पवन गुप्ता ने कहा कि जीएमसी में डाॅक्टरों की गैर मौजूदगी के मामले पर जबावदेही तय करने के लिए आयोजित समीक्षा बैठक में डाॅक्टरों का रवैया काफी चिंताजनक रहा। इसको लेकर जीएमसी प्रशासन उधमपुर से बिना शर्त लिखित में माफी की मांग की गई है। अगर वे ऐसा नहीं करते हैं तो मजबूरन हमें पुलिस में मामला दर्ज करवाना पडे़गा। विधायक ने दावा किया है कि इस पूरे घटनाक्रम को लेकर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री की तरफ से जीएमसी प्रशासन के खिलाफ जांच के आदेश भी दिए गए हैं।