Amarnath Yatra 2026: अमरनाथ यात्रा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, एलजी मनोज सिन्हा ने दिए सख्त निर्देश
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने अमरनाथ यात्रा की तैयारियों की समीक्षा करते हुए सुरक्षा और व्यवस्थाओं में किसी भी तरह की लापरवाही पर जीरो-टॉलरेंस नीति अपनाने के निर्देश दिए।
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उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि अमरनाथ यात्रा के सुचारू संचालन को लेकर जम्मू-कश्मीर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह मुस्तैद हैं। उन्होंने विभागों को निर्देश दिए कि वे तीर्थ यात्रियों के लिए व्यवस्था, पुख्ता सुरक्षा और यादगार अनुभव सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सुरक्षा और व्यवस्था में लापरवाही पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी।
उपराज्यपाल ने वीरवार को पहलगाम में एक हाई-लेवल मीटिंग में अमरनाथ यात्रा की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने लॉजिस्टिक्स, ठहरने की व्यवस्था, स्वास्थ्य सुविधाओं, स्वच्छता, बिजली और पानी की आपूर्ति, नागरिक सुविधाओं की उपलब्धता, सड़क संपर्क, आरएफआईडी कार्ड, संयुक्त नियंत्रण कक्षों के कामकाज, ट्रैक के रखरखाव और चौड़ीकरण के काम, फुटब्रिज के निर्माण, लंगर लगाने, होल्डिंग एरिया बनाने, ट्रैफिक मैनेजमेंट और सुरक्षा व्यवस्था सहित सभी प्रमुख क्षेत्रों की व्यापक समीक्षा की।
उपराज्यपाल ने स्पष्ट किया कि यात्रा प्रबंधन के लिए एक व्यापक और हाइब्रिड प्लानिंग अप्रोच की आवश्यकता है जिसमें परिचालन संबंधी किसी भी कमी के लिए जीरो-टॉलरेंस पॉलिसी अपनाई जाएगी। उन्होंने खराब मौसम में लोगों को सुरक्षित निकालने के कड़े नियम बनाने और संवेदनशील जगह माउंटेन रिस्पॉन्स टीमों को तैनात करने के निर्देश दिए।
चोक पॉइंट्स की होगी रियल-टाइम निगरानी : सुरक्षा ग्रिड को मजबूत करने के लिए एलजी ने भीड़ का रियल-टाइम एनालिसिस करने के निर्देश दिए। कहा कि भीड़भाड़ वाले संवेदनशील स्थानों (चोक पॉइंट्स) की पहचान कर खाली कराए जाएं। इसके साथ ही रास्तों पर जाम की स्थिति से बचने और आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति के लिए एक मजबूत ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान और निर्धारित पार्किंग जोन कड़ाई से लागू किए जाएंगे।
प्रोजेक्ट हॉक आई : आसमान से जमीन तक पहरा
अमरनाथ यात्रा को सुरक्षित और शांतिपूर्ण बनाने के लिए अनंतनाग पुलिस ने प्रोजेक्ट हॉक आई नाम से एक बड़ी सुरक्षा पहल शुरू की है। इस नए सुरक्षा तंत्र का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक और रणनीतिक जनशक्ति के बेहतरीन तालमेल से यात्रा मार्ग पर चौबीसों घंटे पैनी नजर रखना है। इसके तहत आसमान से लेकर जमीन तक 360 डिग्री का सुरक्षा का एक ऐसा अभेद्य चक्रव्यूह तैयार किया गया है जो किसी भी आपात स्थिति से निपटने में सक्षम है। हवाई निगरानी के लिए पुलिस ने मार्ग पर पांच ड्रोन डिटैचमेंट तैनात किए हैं, जो रीयल-टाइम डेटा देंगे।
जमीनी स्तर पर महत्वपूर्ण पॉइंट पर 28 ऊंचे मचान मोर्चे (ऑब्जर्वेशन पोस्ट) बनाए गए हैं। किसी भी चुनौती का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए 22 प्रशिक्षित स्नाइपर टीमें तैनात हैं। डिजिटल सुरक्षा मजबूत करने के लिए यात्रा मार्ग पर 416 हाई-रेजोल्यूशन सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। ये कैमरे अत्याधुनिक फेशियल रिकग्निशन सिस्टम से लैस हैं जो संदिग्धों और असामाजिक तत्वों की तुरंत पहचान करेंगे।