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Udhampur News: यात्री किराये में बढ़ोतरी के साथ बढ़ा विरोध, लोग बोले-महंगाई के बीच मासिक बजट को पूरी तरह बिगाड़ दिया
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उधमपुर। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में यात्री किराये में हुई हालिया बढ़ोतरी से आम जनता नाराज है। विशेषकर दिहाड़ी मजदूरों, कम आय वाले परिवारों और रोजमर्रा के कामकाज के लिए सफर करने वाले लोगों के बीच फैसले को लेकर गहरा रोष और चिंता देखी जा रही है।
लोगों का कहना है कि एक तरफ रसोई गैस और अन्य जरूरी वस्तुओं के दाम आसमान छू रहे हैं, वहीं दूसरी ओर किराये में वृद्धि ने मासिक बजट को पूरी तरह बिगाड़ कर रख दिया है। वर्तमान में स्कूलों में दाखिले का समय है, जिससे अभिभावकों पर पहले से ही फीस, यूनिफॉर्म और किताबों का भारी बोझ है। ऐसे में किराये की मार ने गरीब तबके के लिए परिवार चलाना और भी मुश्किल बना दिया है।
राकेश कुमार ने कहा कि एक आदमी दिनभर मेहनत करके परिवार का पालन-पोषण करता है लेकिन अगर रोजमर्रा की सेवाओं के दाम इसी तरह बढ़ते रहे तो गुजर बसर करना असंभव हो जाएगा। रमेश सिंह ने बताया कि कई लोग महीने में मुश्किल से 20 दिन काम कर पाते हैं और उसी सीमित आय में बीमारी और अन्य घरेलू खर्चों को संभालना पड़ता है। अब बढ़े हुए किराये के कारण उनकी आर्थिक स्थिति और भी नाजुक हो जाएगी। अशोक कुमार और जिया लाल ने भी प्रशासन के फैसले पर कड़ा एतराज जताते हुए कहा कि जो लोग काम के लिए रोजाना गाड़ियों का इस्तेमाल करते हैं, उनके परिवहन खर्च में भारी बढ़ोतरी हुई है जिसका सीधा असर रसोई के बजट पर पड़ेगा।
जनहित को सर्वोपरि रखते हुए लिए जाएं फैसले
लोगों ने मांग की है कि लोगों की दयनीय आर्थिक स्थिति और बढ़ती महंगाई को ध्यान में रखते हुए किराये में की गई बढ़ोतरी पर तुरंत पुनर्विचार किया जाए। यदि किराये में कुछ कमी की जाती है तो इससे मध्यम और गरीब वर्ग को बड़ी राहत मिल सकेगी। प्रशासन से अपील है कि जनहित को सर्वोपरि रखते हुए ऐसे फैसले लिए जाएं जिससे आम आदमी की बुनियादी जरूरतों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े।
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लोगों का कहना है कि एक तरफ रसोई गैस और अन्य जरूरी वस्तुओं के दाम आसमान छू रहे हैं, वहीं दूसरी ओर किराये में वृद्धि ने मासिक बजट को पूरी तरह बिगाड़ कर रख दिया है। वर्तमान में स्कूलों में दाखिले का समय है, जिससे अभिभावकों पर पहले से ही फीस, यूनिफॉर्म और किताबों का भारी बोझ है। ऐसे में किराये की मार ने गरीब तबके के लिए परिवार चलाना और भी मुश्किल बना दिया है।
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राकेश कुमार ने कहा कि एक आदमी दिनभर मेहनत करके परिवार का पालन-पोषण करता है लेकिन अगर रोजमर्रा की सेवाओं के दाम इसी तरह बढ़ते रहे तो गुजर बसर करना असंभव हो जाएगा। रमेश सिंह ने बताया कि कई लोग महीने में मुश्किल से 20 दिन काम कर पाते हैं और उसी सीमित आय में बीमारी और अन्य घरेलू खर्चों को संभालना पड़ता है। अब बढ़े हुए किराये के कारण उनकी आर्थिक स्थिति और भी नाजुक हो जाएगी। अशोक कुमार और जिया लाल ने भी प्रशासन के फैसले पर कड़ा एतराज जताते हुए कहा कि जो लोग काम के लिए रोजाना गाड़ियों का इस्तेमाल करते हैं, उनके परिवहन खर्च में भारी बढ़ोतरी हुई है जिसका सीधा असर रसोई के बजट पर पड़ेगा।
जनहित को सर्वोपरि रखते हुए लिए जाएं फैसले
लोगों ने मांग की है कि लोगों की दयनीय आर्थिक स्थिति और बढ़ती महंगाई को ध्यान में रखते हुए किराये में की गई बढ़ोतरी पर तुरंत पुनर्विचार किया जाए। यदि किराये में कुछ कमी की जाती है तो इससे मध्यम और गरीब वर्ग को बड़ी राहत मिल सकेगी। प्रशासन से अपील है कि जनहित को सर्वोपरि रखते हुए ऐसे फैसले लिए जाएं जिससे आम आदमी की बुनियादी जरूरतों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े।