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Udhampur News: रोपवे के विरोध में उतरी संघर्ष समिति
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
Updated Thu, 15 Jan 2026 02:54 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कटड़ा। श्री माता वैष्णो देवी रोपवे परियोजना के खिलाफ पिछले डेढ़ वर्ष से लगातार आंदोलन कर रही श्री माता वैष्णो देवी संघर्ष समिति ने बुधवार को फिर मोर्चा खोला। हालांकि प्रशासन व पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को कटड़ा से ताराकोट मार्ग जाने से रोक लिया।
बुधवार को संघर्ष समिति के सदस्य और स्थानीय लोग शांतिपूर्ण तरीके से ताराकोट मार्ग की ओर कूच करने की तैयारी में थे। प्रशासन ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए उन्हें आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी। जैसे ही संघर्ष समिति के पदाधिकारी और समर्थक कटड़ा के मुख्य बाणगंगा मार्ग पर देवी पार्क पर एकत्रित हुए और नारेबाजी करते हुए मुख्य बस स्टैंड के श्रीधर चौक पहुंचे तो पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें रोक लिया। किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया।
प्रशासन का कहना है कि फिलहाल ताराकोट मार्ग पर किसी भी तरह के प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जा सकती। इससे यात्रा व्यवस्था और श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित हो सकती है। संघर्ष समिति के नेताओं ने प्रशासन के इस कदम पर नाराजगी जताते हुए कहा कि वे पिछले डेढ़ साल से रोपवे परियोजना के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। अब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया है। समिति का कहना है कि रोपवे परियोजना से मां वैष्णो देवी के प्राचीन मार्ग पर मुख्य प्राप्त खत्म हो जाएंगे। इससे सनातन धर्म में आस्था को ठेस पहुंचेगी। साथ ही स्थानीय लोगों के रोजगार, घोड़ा-पिट्ठू, पालकी संचालकों और दुकानदारों पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। इसे लेकर वे लगातार चेताते आ रहे हैं।
मौके पर तहसीलदार कटड़ा ने संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों से बातचीत की और उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी सभी मांगों और आपत्तियों को उच्च अधिकारियों और संबंधित विभागों तक पहुंचाया जाएगा। तहसीलदार ने कहा कि प्रशासन किसी भी पक्ष की बात को नजरअंदाज नहीं कर रहा है। जल्द ही रोपवे परियोजना को लेकर समिति के साथ विस्तृत बैठक आयोजित की जाएगी।
तहसीलदार के आश्वासन के बाद संघर्ष समिति ने फिलहाल अपना मार्च स्थगित कर दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन तेज करेंगे।
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कटड़ा। श्री माता वैष्णो देवी रोपवे परियोजना के खिलाफ पिछले डेढ़ वर्ष से लगातार आंदोलन कर रही श्री माता वैष्णो देवी संघर्ष समिति ने बुधवार को फिर मोर्चा खोला। हालांकि प्रशासन व पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को कटड़ा से ताराकोट मार्ग जाने से रोक लिया।
बुधवार को संघर्ष समिति के सदस्य और स्थानीय लोग शांतिपूर्ण तरीके से ताराकोट मार्ग की ओर कूच करने की तैयारी में थे। प्रशासन ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए उन्हें आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी। जैसे ही संघर्ष समिति के पदाधिकारी और समर्थक कटड़ा के मुख्य बाणगंगा मार्ग पर देवी पार्क पर एकत्रित हुए और नारेबाजी करते हुए मुख्य बस स्टैंड के श्रीधर चौक पहुंचे तो पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें रोक लिया। किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया।
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प्रशासन का कहना है कि फिलहाल ताराकोट मार्ग पर किसी भी तरह के प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जा सकती। इससे यात्रा व्यवस्था और श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित हो सकती है। संघर्ष समिति के नेताओं ने प्रशासन के इस कदम पर नाराजगी जताते हुए कहा कि वे पिछले डेढ़ साल से रोपवे परियोजना के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। अब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया है। समिति का कहना है कि रोपवे परियोजना से मां वैष्णो देवी के प्राचीन मार्ग पर मुख्य प्राप्त खत्म हो जाएंगे। इससे सनातन धर्म में आस्था को ठेस पहुंचेगी। साथ ही स्थानीय लोगों के रोजगार, घोड़ा-पिट्ठू, पालकी संचालकों और दुकानदारों पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। इसे लेकर वे लगातार चेताते आ रहे हैं।
मौके पर तहसीलदार कटड़ा ने संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों से बातचीत की और उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी सभी मांगों और आपत्तियों को उच्च अधिकारियों और संबंधित विभागों तक पहुंचाया जाएगा। तहसीलदार ने कहा कि प्रशासन किसी भी पक्ष की बात को नजरअंदाज नहीं कर रहा है। जल्द ही रोपवे परियोजना को लेकर समिति के साथ विस्तृत बैठक आयोजित की जाएगी।
तहसीलदार के आश्वासन के बाद संघर्ष समिति ने फिलहाल अपना मार्च स्थगित कर दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन तेज करेंगे।