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Udhampur News: बारिश पर आस्था भारी, जय माता दी के जयकारों से गूंजी त्रिकुटा पर्वतमाला
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हेलीकॉप्टर सेवा प्रभावित, रोपवे और बैटरी कार सुचारू, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
कटड़ा। धर्मनगरी में पिछले तीन दिन से मौसम का मिजाज बदला हुआ है। रुक-रुक कर हो रही बारिश और बर्फीली हवाओं के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं आई है। रविवार को भी खराब मौसम की चुनौतियों को दरकिनार कर हजारों भक्त जय माता दी के जयकारों के साथ भवन की ओर प्रस्थान करते रहे।
तड़के से ही त्रिकुटा पर्वत और आसपास के क्षेत्रों में घने बादलों का डेरा लग गया। दृश्यता कम होने और तेज हवाओं के कारण कटड़ा से सांझीछत के बीच चलने वाली हेलीकॉप्टर सेवा अधिकांश समय बाधित रही। हालांकि यात्रियों की सुविधा के लिए अर्धकुंवारी से भवन तक चलने वाली बैटरी कार और भवन से भैरव घाटी के बीच रोपवे सेवा जारी रही, जिससे बुजुर्गों और बच्चों को काफी राहत मिली।
श्राइन बोर्ड प्रशासन और स्थानीय पुलिस ने खराब मौसम को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। आपदा प्रबंधन की टीमें और जवान संवेदनशील स्थानों पर तैनात हैं। बोर्ड ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे केवल निर्धारित मुख्य मार्गों का ही उपयोग करें और फिसलन वाले रास्तों पर सावधानी बरतें।
चैत्र नवरात्र की तैयारियां तेज
आंकड़ों के अनुसार शनिवार को करीब 36 हजार श्रद्धालुओं ने मां के चरणों में हाजिरी लगाई। वहीं मौसम खराब होने के बावजूद शाम 5 बजे तक साढ़े 20 हजार से अधिक यात्री आरएफआईडी कार्ड लेकर भवन की ओर रवाना हो चुके थे। 19 मार्च से शुरू हो रहे पवित्र चैत्र नवरात्र को लेकर धर्मनगरी में उत्सव जैसा माहौल है। श्राइन बोर्ड और जिला प्रशासन व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटा है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए बाजारों में भी रौनक है और स्थानीय व्यापारी आगामी सीजन को लेकर उत्साहित हैं।
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कटड़ा। धर्मनगरी में पिछले तीन दिन से मौसम का मिजाज बदला हुआ है। रुक-रुक कर हो रही बारिश और बर्फीली हवाओं के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं आई है। रविवार को भी खराब मौसम की चुनौतियों को दरकिनार कर हजारों भक्त जय माता दी के जयकारों के साथ भवन की ओर प्रस्थान करते रहे।
तड़के से ही त्रिकुटा पर्वत और आसपास के क्षेत्रों में घने बादलों का डेरा लग गया। दृश्यता कम होने और तेज हवाओं के कारण कटड़ा से सांझीछत के बीच चलने वाली हेलीकॉप्टर सेवा अधिकांश समय बाधित रही। हालांकि यात्रियों की सुविधा के लिए अर्धकुंवारी से भवन तक चलने वाली बैटरी कार और भवन से भैरव घाटी के बीच रोपवे सेवा जारी रही, जिससे बुजुर्गों और बच्चों को काफी राहत मिली।
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श्राइन बोर्ड प्रशासन और स्थानीय पुलिस ने खराब मौसम को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। आपदा प्रबंधन की टीमें और जवान संवेदनशील स्थानों पर तैनात हैं। बोर्ड ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे केवल निर्धारित मुख्य मार्गों का ही उपयोग करें और फिसलन वाले रास्तों पर सावधानी बरतें।
चैत्र नवरात्र की तैयारियां तेज
आंकड़ों के अनुसार शनिवार को करीब 36 हजार श्रद्धालुओं ने मां के चरणों में हाजिरी लगाई। वहीं मौसम खराब होने के बावजूद शाम 5 बजे तक साढ़े 20 हजार से अधिक यात्री आरएफआईडी कार्ड लेकर भवन की ओर रवाना हो चुके थे। 19 मार्च से शुरू हो रहे पवित्र चैत्र नवरात्र को लेकर धर्मनगरी में उत्सव जैसा माहौल है। श्राइन बोर्ड और जिला प्रशासन व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटा है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए बाजारों में भी रौनक है और स्थानीय व्यापारी आगामी सीजन को लेकर उत्साहित हैं।