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पार्किंग की खोदाई बनी आफत: निगम की लापरवाही या विकास की कीमत? मुबारक मंडी में भरभराकर गिरी मंदिर की दीवार
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: Nikita Gupta
Updated Fri, 05 Jun 2026 11:24 AM IST
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सार
मुबारक मंडी में बहुमंजिला पार्किंग के लिए चल रही खोदाई के दौरान सुरक्षा उपायों की कमी के चलते गदाधारी मंदिर का एक हिस्सा ढह गया।
मुबारक मंडी में वीरवार को गदाधारी मंदिर की दीवार का ढहा हिस्सा।
- फोटो : संवाद
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विस्तार
मुबारक मंडी में निगम की लापरवाही के कारण वीरवार को मंदिर का बड़ा हिस्सा भरभराकर गिर गया। गनीमत रही कि मंदिर में अधिक लोग नहीं थे और आधे घंटे पहले ही भंडारा संपन्न हुआ था। बहुमंजिला पार्किंग के लिए बेसमेंट की खोदाई के बीच गदाधारी मंदिर का हिस्सा अचानक ढह गया।
दीवार गिरते ही जेसीबी आपरेटर भाग गया। घनी आबादी में चल रहे प्रोजेक्ट में सुरक्षा मानकों की अनदेखी से प्रशासनिक व्यवस्था कटघरे में आ गई है। अब निगम गलती छिपाने के लिए नुकसान की भरपाई व क्षतिग्रस्त हिस्से का निर्माण कराने की बात कह रहा है।
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पुजारी संदीप के अनुसार पार्किंग का कार्य काफी समय से चल रहा है। दो माह पहले पड़ोस में तीन मंजिला इमारत को ध्वस्त किया था। इसके बाद मलबा हटाकर उसी स्थान पर गहरी खोदाई शुरू की गई। मंदिर की सुरक्षा के लिए न तो रिटेनिंग वॉल बनाई गई और न ही ढांचे को सहारा देने के लिए विशेष उपाय किए गए। लगातार खोदाई के कारण मंदिर के आसपास की जमीन कमजोर होती चली गई और अचानक एक दीवार और उससे जुड़ा बड़ा हिस्सा भरभराकर गिर गया। घटना के समय परिसर में श्रद्धालुओं की आवाजाही कम थी जिससे जनहानि नहीं हुई।
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लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा को लेकर कई बार चिंता जताई गई थी लेकिन संबंधित विभाग ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। अब मंदिर का हिस्सा ढहने के बाद लोगों में रोष है और वे जांच की मांग कर रहे हैं।
श्रद्धालुओं का कहना है कि विकास कार्य जरूरी हैं लेकिन उसकी आड़ में ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहरों की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि घटना की जिम्मेदारी तय की जाए और मंदिर की शेष संरचना को सुरक्षित रखने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं। भाजपा विधायक युद्धवीर सेठी ने घटनास्थल पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया।