क्यों गिरा सेना का वाहन?: पाला बना काल, फिसलती चली गई गाड़ी; जबतक ब्रेक लगता तबतक 200 फीट गहराई में जा चुकी थी
सेना का वाहन जब एक मोड़ के पास मोड़ पर पहुंचा तो सड़क पर जमे हुए पानी के कारण वह अनियंत्रित होकर फिसलने लगा। शुरुआती जांच के संकेतों के अनुसार, चालक ने वाहन को नियंत्रित करने के लिए ब्रेक लगाने का पूरा प्रयास किया लेकिन सड़क पर जमे पानी की बर्फ इतनी चिकनी थी कि टायर पकड़ नहीं बना सके।
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जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में प्रकृति की मार और दुर्गम भौगोलिक स्थिति ने वीरवार को सेना के बुलेटप्रूफ वाहन को भीषण सड़क हादसे में धकेल दिया। पहाड़ी चोटी पर निकले सेना के जवानों का वाहन भद्रवाह में फिसलन भरे रास्ते पर अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरा। व्हाइट नाइट कोर ने भी दुर्घटना का कारण खराब दृश्यता और सड़क पर जमे पाला के कारण पैदा हुई अत्यधिक फिसलन बताया है।
माइनस 1.5 डिग्री सेल्सियस तापमान
हादसा भद्रवाह-चंबा मार्ग पर स्थित खन्नी टॉप इलाके में हुआ। पूरा भद्रवाह क्षेत्र इन दिनों भीषण ठंड की चपेट में है। बुधवार की रात में यहां का तापमान माइनस 1.5 डिग्री सेल्सियस था। भद्रवाह के पहाड़ों पर भीषण ठंड में सड़कों पर बहता पानी जम जाता है। सड़कों पर जमी रात की नमी अगले दिन दोपहर तक नहीं पिघलती।
नाले का पानी आ जाता है सड़क पर
एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि जहां पर हादसा हुआ वहां पर एक छोटा से नाला है। इस नाले का कुछ पानी सड़क पर भी आ जाता है। पानी और रात में गिरे पाला ने रास्ते पर कांच जैसी परत बना ली थी। इस कारण से हादसे वाले स्थान पर काफी अधिक फिसलन थी। दोपहर का समय होने के बावजूद ये बर्फीली परत नहीं पिघली थी।
बहुत चिकनी हो चुकी थी सड़क
सेना का वाहन जब एक मोड़ के पास मोड़ पर पहुंचा तो सड़क पर जमे हुए पानी के कारण वह अनियंत्रित होकर फिसलने लगा। शुरुआती जांच के संकेतों के अनुसार, चालक ने वाहन को नियंत्रित करने के लिए ब्रेक लगाने का पूरा प्रयास किया लेकिन सड़क पर जमे पानी की बर्फ इतनी चिकनी थी कि टायर पकड़ नहीं बना सके। जब तक ब्रेक का दबाव काम करता तब तक भारी वाहन सड़क छोड़कर 200 फीट गहरी खाई की ओर जा गिरा।
चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू ऑपरेशन
सफेद चादर ओढ़े पहाड़ों और कम विजिबिलिटी के बीच बचाव कार्य भी बेहद कठिन रहा। खाई की गहराई और मलबे के बीच फंसे जवानों को निकालने के लिए स्थानीय लोगों और आपदा प्रबंधन टीमों को भारी मशक्कत करनी पड़ी। घायलों को तुरंत एयरलिफ्ट कर उधमपुर के सैन्य अस्पताल भेजा गया है।
हादसे में अबतक 10 जवान बलिदान, 11 घायल
हादसे में 4 आरआर के 10 जवानों की मौत हो गई जबकि 11 अन्य घायल हैं। गंभीर रूप से घायल 10 जवानों को एयरलिफ्ट कर उधमपुर सैन्य अस्पताल ले जाया गया। डोडा जिले के भद्रवाह-चंबा अंतरराज्यीय मार्ग पर करीब 9000 फीट की ऊंचाई पर खन्नी टॉप है।
10 जवानों की स्थिति गंभीर
ब्लॉक मेडिकल अफसर भद्रवाह डॉ. वर्षा शर्मा ने बताया कि वाहन में सवार 21 जवानों में से 10 की मौके पर ही मौत हो गई थी जबकि 11 घायल थे। घायलों में 10 जवानों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है जिन्हें हेलिकॉप्टर के माध्यम से उधमपुर स्थित सैन्य अस्पताल ले जाया गया। मामूली रूप से घायल एक जवान का भद्रवाह अस्पताल में इलाज चल रहा है।
जोबन जीत, सुधीर नरवाल, मोनू, मोहित, एचआर कंवर, सिमरन, पी लोरा, सुलिंदर, अजय लोफरा और स्वर्ण नागपाल।
ये हैं घायल
जेपी सिंह, नीरज, अनूप, नागिस, अमन, शंकर, संदीप, जोबनप्रीत, राकेश और अभिमन्यु गंभीर रूप से घायल हैं। साहिल भी घायल हैं, हालांकि उन्हें कम चोटें आई हैं।
10 बहादुर जवानों के बलिदान से मैं बेहद दुखी हूं
डोडा में सड़क हादसे में भारतीय सेना के 10 बहादुर जवानों के बलिदान हो जाने से मैं बेहद दुखी हूं।। मेरी हार्दिक संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं। घायल जवानों को चिकित्सा सहायता दी जा रही है। सर्वोत्तम उपचार सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक निर्देश दे दिए गए हैं। इस कठिन समय में पूरा देश हमारे सशस्त्र बलों और उनके परिवारों के साथ खड़ा है। -राजनाथ सिंह, रक्षामंत्री
सर्वोत्तम उपचार मुहैया कराने के निर्देश
इस गहरे दुख की घड़ी में पूरा देश शोक संतप्त परिवारों के साथ एकजुटता और समर्थन में खड़ा है। 10 घायल जवानों को एयरलिफ्ट करके अस्पताल ले जाया गया है। वरिष्ठ अधिकारियों को सर्वोत्तम संभव उपचार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। उनके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना है। -मनोज सिन्हा, उपराज्यपाल