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Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   CISF jawan shoots four colleagues including company commander amidst dispute involving his wife and children

सीआईएसएफ जवान ने चार साथियों को गोलियों से भूना: एके-47 से फायरिंग, 150 राउंड थे पास; इस बात से नाराज था अवधेश

Wed, 30 Sep 2026 10:42 AM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: Sharukh Khan Updated Wed, 30 Sep 2026 10:42 AM IST
सार

कठुआ जिले के हट्ट माश्का गांव में पत्नी और बच्चे के विवाद में सीआईएसएफ जवान ने कंपनी कमांडर समेत चार साथियों को गोलियों से भून दिया। हिमाचल प्रदेश की सीमा से सटे हट्ट माश्का में सेवा-2 हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट के कैंप में शाम सात बजे घटना हुई। हेड कांस्टेबल अवधेश सिंह के पास एके-47 और 150 राउंड गोलियां थी। आरोपी हिरासत में लिए गए हैं।

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CISF jawan shoots four colleagues including company commander amidst dispute involving his wife and children
CISF jawan - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

हिमाचल प्रदेश की सीमा से सटे कठुआ जिले के हट्ट माश्का गांव में मंगलवार शाम पत्नी व बच्चे को लेकर शुरू हुआ विवाद खूनी वारदात में बदल गया। सेवा-2 हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट की सुरक्षा में तैनात बिहार निवासी सीआईएसएफ के हेड कांस्टेबल अवधेश सिंह ने शाम करीब सात बजे कैंप में सर्विस राइफल से फायरिंग कर दी। 
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गोली लगने से असिस्टेंट कमांडेंट एवं कंपनी कमांडर अंकित कुमार पांडेय, सब इंस्पेक्टर लक्ष्मण सिंह, कांस्टेबल रफीक अहमद और कांस्टेबल संजीव कुमार की मौत हो गई। सीआईएसएफ हेडक्वार्टर ने मामले की कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश दिए हैं। 
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पुलिस के अनुसार अंकित कुमार उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के उदिया गांव के, लक्ष्मण सिंह हिमाचल प्रदेश के सोलन व संजीव जम्मू-कश्मीर के अखनूर एवं रफीक डोडा जिले के गंदोह (भलेसा) तहसील के कंडालो गांव के रहने वाले थे।
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एसएसपी कठुआ मोहिता शर्मा के अनुसार घटना में चार सीआईएसएफ कर्मियों की मौत हुई है। पुलिस ने आरोपी अवधेश सिंह को हिरासत में ले लिया है। सूत्रों के अनुसार अवधेश कुमार सिंह की पत्नी भी सीआईएसएफ में ही कांस्टेबल के पद पर तैनात हैं। 

 

बताया जा रहा है कि वह बच्चे के साथ अवधेश के ड्यूटी पर रहने के दौरान क्वार्टर गार्ड आती थीं। यूनिट प्रशासन ने उन्हें बच्चे के साथ क्वार्टर गार्ड में प्रवेश करने व रहने की अनुमति नहीं दी थी।

 

इसी मामले को लेकर विवाद की शुरुआत हुई थी। इसी दौरान अवधेश कुमार सिंह मंगलवार शाम गेट के पास स्थित ऑपरेशंस सेक्शन के कार्यालय में पहुंचा। वहां कंपनी कमांडर अंकित कुमार पांडेय समेत चार कर्मी मौजूद थे। 
 

आरोप है कि अवधेश ने सभी पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस व सीआईएसएफ की टीम घटना की असल वजह की जांच में जुटी है। मामले में किसी भी अधिकारी ने कुछ भी कहने से इन्कार कर दिया है।
 

चंबा के एनएचपीसी अस्पताल में नहीं बची जान
फायरिंग में घायल असिस्टेंट कमांडेंट अंकित कुमार पांडेय, एसआई लक्ष्मण सिंह, कांस्टेबल रफीक अहमद और कांस्टेबल संजीव कुमार को गंभीर हालत में हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में स्थित एनएचपीसी के अस्पताल ले जाया गया। 

 

वहां डॉक्टरों ने चारों को मृत घोषित कर दिया। बाद में शवों को हट्ट माश्का से सटे हिमाचल प्रदेश स्थित एनएचपीसी की दूसरी परियोजना के खैरी अस्पताल में रखा गया है। बुधवार को सभी का पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा।
 

एके-47 से की फायरिंग, 150 राउंड थे पास
सीआईएसएफ सूत्रों और पुलिस के अनुसार अवधेश सिंह ने एके-47 राइफल से फायरिंग की। उसके पास करीब 150 राउंड गोलियां थीं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार विवाद की शुरुआत असिस्टेंट कमांडेंट एवं कंपनी कमांडर अंकित कुमार पांडेय के साथ हुई थी। इसके बाद अवधेश ने फायरिंग शुरू कर दी। कैंप में अचानक हुई फायरिंग से अफरातफरी मच गई और चार जवान इसकी चपेट में आ गए।

कंपनी कमांडर के मौत ने मामले को बनाया गंभीर
घटना में सीआईएसएफ के असिस्टेंट कमांडेंट एवं कंपनी कमांडर अंकित कुमार पांडेय की मौत ने मामले को और गंभीर बना दिया है। सेवा-2 हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट की सुरक्षा के लिए तैनात बल के कैंप में ही सर्विस हथियार से हुई इस फायरिंग ने सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े सवाल भी खड़े किए हैं। हालांकि, घटना की पूरी परिस्थितियों और फायरिंग के क्रम की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। देर रात तक पुलिस व सीआईएसएफ के अधिकारी कुछ भी कहने से बचते रहे।
 

2009 में सीआईएसएफ में भर्ती हुआ था अवधेश
सूत्रों के अनुसार अवधेश सिंह वर्ष 2009 में सीआईएसएफ में भर्ती हुआ था। घटना के बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। फायरिंग की वजह और घटनाक्रम से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है।

पहले भी हुआ था विवाद
सीआईएसएफ सूत्रों के अनुसार अवधेश सिंह का पहले भी पत्नी व बच्चे को लेकर साथियों के साथ विवाद हुआ था। लेकिन बाद में मामला सुलझ गया। लेकिन मंगलवार शाम को मामला बिगड़ गया।

 

पत्नी को प्रवेश न देने से नाराज था अवधेश
एसएसपी मोहिता शर्मा ने बताया, आरोपी अवधेश की पत्नी भी सीआईएसएफ में कांस्टेबल है। वह अक्सर बच्चे के साथ क्वार्टर गार्ड आ जाती थीं, जबकि यूनिट प्रशासन से इसकी अनुमति नहीं थी। इसी बात पर विवाद बढ़ा और अवधेश ने सर्विस राइफल से फायरिंग शुरू कर दी।

 

120 मेगावाट क्षमता का प्रोजेक्ट, जुलाई 2010 से बिजली उत्पादन
प्रदेश सरकार के अनुसार सेवा -2 का संचालन और रखरखाव एनएचपीसी कर रही है। यहां जुलाई 2010 से बिजली उत्पादन हो रहा है। यह परियोजना कठुआ जिले के अंतिम छोर पर हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले से सटी है। पहुंचने के लिए हिमाचल प्रदेश से होकर जाना पड़ता है। यह परियोजना सेवा नदी पर है। सेवा रावी नदी की सहायक नदी है।
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