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Jammu News: डिग्री पूरी करने के लिए क्लस्टर विवि में शुरू होगा समर सेमेस्टर
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जम्मू। अंतिम सेमेस्टर में पढ़ रहे और एक या दो विषयों में री-अपीयर आने के कारण डिग्री पूरी नहीं कर पा रहे छात्रों को राहत मिली है। क्लस्टर यूनिवर्सिटी ने ऐसे विद्यार्थियों के लिए समर सेमेस्टर शुरू करने का फैसला किया है।
डीन अकादमिक अफेयर्स की अधिसूचना के अनुसार योजना बैच-2023 के उन विद्यार्थियों के लिए है जो अंतिम सेमेस्टर में हैं थ्योरी, प्रैक्टिकल या डिसर्टेशन में अधिकतम दो विषयों में री-अपीयर के कारण डिग्री पूरी नहीं कर पा रहे हैं। इच्छुक विद्यार्थी 10 से 17 जून तक संबंधित कॉलेजों और डीन या प्राचार्य के पास आवेदन कर सकेंगे। पंजीकरण के समय निर्धारित शुल्क जमा करना होगा। समर सेमेस्टर की कक्षाएं 22 जून से शुरू होंगी। असाइनमेंट, माइनर और मेजर परीक्षाएं भी शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार होंगी। जिन छात्रों को प्रैक्टिकल विषयों में री-अपीयर है उन्हें प्रयोगशालाओं में निर्धारित प्रैक्टिकल पूरे करने होंगे। तभी परीक्षा में बैठने की अनुमति मिलेगी।
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कम छात्र होने पर भी चलेगी व्यवस्था, पासआउट को भी मौका
अधिसूचना में कहा गया है कि यदि किसी विषय में छात्रों की संख्या 10 से कम है तो भी सेल्फ स्टडी मोड के तहत पंजीकरण की अनुमति दी जा सकती है। हालांकि ऐसे छात्रों को शिक्षकों के साथ नियमित शैक्षणिक संपर्क बनाए रखना होगा और निर्धारित असाइनमेंट पूरे करने होंगे। उपस्थिति से जुड़े नियम भी लागू रहेंगे। विवि ने पासआउट विद्यार्थियों को भी अतिरिक्त शैक्षणिक योग्यता हासिल करने का अवसर दिया है। ऑनर्स और इंटीग्रेटेड कार्यक्रम से पासआउट छात्र पांच वर्ष के भीतर अधिकतम दो अतिरिक्त विषयों में दाखिला लेकर योग्यता बढ़ा सकेंगे।
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डीन अकादमिक अफेयर्स की अधिसूचना के अनुसार योजना बैच-2023 के उन विद्यार्थियों के लिए है जो अंतिम सेमेस्टर में हैं थ्योरी, प्रैक्टिकल या डिसर्टेशन में अधिकतम दो विषयों में री-अपीयर के कारण डिग्री पूरी नहीं कर पा रहे हैं। इच्छुक विद्यार्थी 10 से 17 जून तक संबंधित कॉलेजों और डीन या प्राचार्य के पास आवेदन कर सकेंगे। पंजीकरण के समय निर्धारित शुल्क जमा करना होगा। समर सेमेस्टर की कक्षाएं 22 जून से शुरू होंगी। असाइनमेंट, माइनर और मेजर परीक्षाएं भी शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार होंगी। जिन छात्रों को प्रैक्टिकल विषयों में री-अपीयर है उन्हें प्रयोगशालाओं में निर्धारित प्रैक्टिकल पूरे करने होंगे। तभी परीक्षा में बैठने की अनुमति मिलेगी।
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कम छात्र होने पर भी चलेगी व्यवस्था, पासआउट को भी मौका
अधिसूचना में कहा गया है कि यदि किसी विषय में छात्रों की संख्या 10 से कम है तो भी सेल्फ स्टडी मोड के तहत पंजीकरण की अनुमति दी जा सकती है। हालांकि ऐसे छात्रों को शिक्षकों के साथ नियमित शैक्षणिक संपर्क बनाए रखना होगा और निर्धारित असाइनमेंट पूरे करने होंगे। उपस्थिति से जुड़े नियम भी लागू रहेंगे। विवि ने पासआउट विद्यार्थियों को भी अतिरिक्त शैक्षणिक योग्यता हासिल करने का अवसर दिया है। ऑनर्स और इंटीग्रेटेड कार्यक्रम से पासआउट छात्र पांच वर्ष के भीतर अधिकतम दो अतिरिक्त विषयों में दाखिला लेकर योग्यता बढ़ा सकेंगे।