J&K Budget 2026: जम्मू-कश्मीर में ट्रैकिंग-हाइकिंग को बढ़ावा, खेलो इंडिया मिशन और सस्ती विदेश यात्रा का ऐलान
बजट जम्मू-कश्मीर 2026 में ट्रैकिंग-हाइकिंग और एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए माउंटेन ट्रेल्स, लेह पैलेस सहित 15 विरासत स्थलों के विकास की घोषणा की गई है।
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को बजट भाषण के दौरान पर्यटन, खेल, शहरी विकास, कृषि, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़े कई अहम प्रस्तावों की घोषणा की। इन घोषणाओं का उद्देश्य देश के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ रोजगार और विकास को गति देना है।
एडवेंचर टूरिज़्म को बढ़ावा देने के लिए वर्ल्ड ट्रैकिंग एंड हाइकिंग प्रोजेक्ट के तहत हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और आंध्र प्रदेश की अराक्कू घाटी में माउंटेन ट्रेल्स विकसित किए जाएंगे। इस योजना में देशभर के 15 केंद्र शामिल होंगे, जिनमें जम्मू-कश्मीर का ऐतिहासिक लेह पैलेस भी है, जिसे प्रमुख पुरातात्विक स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा।
खेलों के क्षेत्र में सरकार ने खेलो इंडिया मिशन की स्थापना का ऐलान किया है। अगले 10 वर्षों तक चलने वाले इस मिशन के तहत आधुनिक प्रशिक्षण केंद्र बनाए जाएंगे, कोच और सपोर्ट स्टाफ को व्यवस्थित ढंग से प्रशिक्षित किया जाएगा और राष्ट्रीय स्तर पर प्रतियोगिताएं और खेल लीग आयोजित की जाएंगी। प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं के लिए खेल ढांचे को भी मजबूत किया जाएगा।
आम लोगों को राहत देते हुए बजट में विदेश यात्रा को सस्ता करने की घोषणा की गई है। इसके तहत विदेशी यात्रा पर लगने वाला कर 5 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत कर दिया गया है।
शहरी विकास को बढ़ावा देने के लिए वित्त मंत्री ने नगर निगमों द्वारा 1,000 करोड़ से अधिक के एकल बॉन्ड जारी करने पर 100 करोड़ रुपये के प्रोत्साहन का प्रस्ताव रखा है, जिससे शहरों के बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा सके।
कृषि क्षेत्र में सरकार अखरोट, नारियल और चंदन जैसी उच्च-मूल्य वाली फसलों को विशेष समर्थन देगी, ताकि किसानों की आय बढ़ाई जा सके।
स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर वित्त मंत्री ने कहा कि आपात और ट्रॉमा केयर सेंटर स्थापित कर जिला अस्पतालों की क्षमता में 50 प्रतिशत की वृद्धि की जाएगी, जिससे गंभीर मरीजों को बेहतर और समय पर इलाज मिल सके।
शिक्षा और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए सरकार ने देश के हर जिले में एक बालिका छात्रावास स्थापित करने की घोषणा की है। देश में 700 से अधिक जिलों में यह योजना लागू की जाएगी, जिससे छात्राओं को सुरक्षित और बेहतर आवास सुविधा मिल सकेगी।
