जम्मू की गैंगवार का मेरठ कनेक्शन: साढ़े तीन महीने तक पुलिस को नहीं लगी भनक, एसटीएफ ने दबोचे तीन शूटर
जम्मू-कश्मीर के कुख्यात गटारू गैंग के तीन बदमाशों और उन्हें पनाह देने वाले मकान मालिक को मेरठ के सोतीगंज से एसटीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने गिरफ्तार किया। आरोपी पिछले साढ़े तीन महीने से किराये के मकान में छिपे थे स्थानीय पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी।
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जम्मू-कश्मीर के कुख्यात गटारू गैंग के तीन बदमाशों और उन्हें शरण देने वाले एक स्थानीय आरोपी को एसटीएफ मेरठ और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में गिरफ्तार किया है। हरियाणा और मेरठ में अपने पैर पसार रहे इस गैंग के सदस्य मेरठ के सोतीगंज में पिछले साढ़े तीन महीने से माज नाम के व्यक्ति के मकान में किराये पर छिपकर रह रहे थे। लेकिन सदर बाजार थाना और आबूलेन चौकी पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी।
सोमवार को जम्मू-कश्मीर की सांबा पुलिस के इनपुट और एसटीएफ की सटीक सूचना के बाद पुलिस ने सांबा (विजयपुर) निवासी सौरभ गुप्ता, उसके भाई गौरव गुप्ता, रोहित बलोना और सोतीगंज निवासी मकान मालिक माज को दबोच लिया। एएसपी एसटीएफ बृजेश सिंह ने बताया कि जम्मू-कश्मीर पुलिस कुछ दिन पहले भी मेरठ आई थी लेकिन सदर बाजार पुलिस और आबूलेन चौकी से पर्याप्त मदद न मिलने के कारण आरोपी हाथ नहीं आए थे। इसके बाद पुलिस ने एसटीएफ की मदद ली और आरोपियों को दबोच लिया। दबिश के दौरान भी सदर बाजार और आबूलेन चौकी पुलिस को शामिल नहीं किया गया।
जम्मू-कश्मीर के डिप्टी एसपी अतहर बख्शी के नेतृत्व में आई टीम एनडीपीएस, आर्म्स एक्ट, डकैती और रंगदारी के वांछितों की तलाश में जुटी थी। दरअसल, गटारू गैंग की विक्की खौफ और विकास सलाथिया गैंग से पुरानी वर्चस्व की रंजिश (गैंगवार) चल रही है। 21 जनवरी 2025 को जम्मू के व्यस्त ज्वेल चौक इलाके में एक पार्टी के दौरान गटारू गैंग के सरगना सुमित जंडियाल उर्फ गटारू की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड के बाद दोनों गुट एक-दूसरे के खून के प्यासे हो गए। पुलिस ने तब हत्या में शामिल 11 आरोपियों को जेल भेजा था, जिसके बाद इस गैंग ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा में खुद को सक्रिय करना शुरू कर दिया। एएसपी बृजेश सिंह के मुताबिक, 22 अक्तूबर को भी मेरठ में दबिश दी गई थी, लेकिन सफलता अब जाकर हाथ लगी। आबूलेन चौकी पुलिस कार्रवाई पूरी होने के बाद मौके पर पहुंची।
कुरुक्षेत्र से मेरठ तक जुड़े मददगारों के तार
जांच में खुलासा हुआ कि गटारू गैंग के सौरभ गुप्ता ने अपने साथियों हरनीत व रोमिल के साथ मिलकर जून 2025 में कुरुक्षेत्र के शराब कारोबारी शांतनू की गोली मारकर हत्या कर दी थी। बाद में हरियाणा एसटीएफ ने रोमिल को मुठभेड़ में ढेर कर दिया था। कुरुक्षेत्र जेल में बंद रहने के दौरान सौरभ की मुलाकात बागपत के आशू पंडित से हुई। आशू ने ही सौरभ को मेरठ के सुभाषनगर में एक महीना और सुभारती विश्वविद्यालय के पास एक फ्लैट में तीन महीने तक छिपाए रखा। साथ ही, आशू ने सौरभ को तीन अवैध पिस्टल भी मुहैया कराई थीं।
मोहसिन और सोहेल ने दिलाया सोतीगंज में ठिकाना
कुरुक्षेत्र जेल में ही सौरभ और गौरव जंडियाल की मुलाकात मेरठ के मोहसिन से भी हुई थी। जेल से बाहर आने के बाद आरोपियों ने मोहसिन से सुरक्षित ठिकाना मांगा। मोहसिन ने अपने दोस्त सोहेल के जरिए सोतीगंज निवासी माज कुरैशी के यहां इनके रहने का इंतजाम कराया। आरोपी माज ने बिना पुलिस वेरिफिकेशन (सत्यापन) कराए इन शातिर गैंगस्टरों को अपने घर में शरण दी थी।
बचपन की दोस्ती जो बन गई खूनी दुश्मनी
पुलिस पूछताछ में पता चला है कि मुख्य आरोपी सौरभ गुप्ता और विरोधी गैंग का सरगना विक्की खौफ कक्षा 7 से 11वीं तक साथ पढ़े थे। सौरभ के एक दोस्त के साथ हुई मारपीट के बाद दोनों में रंजिश शुरू हुई। 2018 में सौरभ के साथियों रोहित बलोना और अक्षय शर्मा ने विक्की खौफ गैंग के साहिल शर्मा पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया था, जिसके बाद से दोनों गुटों के बीच यह दुश्मनी खूनी जंग में तब्दील हो गई।