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देहरादून: स्कूलों में शिक्षक नहीं, छात्र खुद कर रहे हैं बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी; 'गुलाबी तस्वीर' की खुली पोल

Wed, 04 Nov 2026 05:46 AM IST
दुष्यंत शर्मा बिशन सिंह बोरा, देहरादून
बिशन सिंह बोरा, देहरादून Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Wed, 04 Nov 2026 05:46 AM IST
सार

शिक्षा गुणवत्ता सुधार के दावों के बीच सामने आई यह स्थिति सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता पर सवाल खड़े कर रही है।

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No teachers in schools: Students in Uttarakhand are preparing for board exams on their own
सांकेतिक तस्वीर

विस्तार

बोर्ड परीक्षाएं नजदीक हैं, लेकिन प्रदेश के 54 उच्चीकृत राजकीय हाईस्कूलों में अब तक प्रवक्ताओं की तैनाती नहीं हो पाई है। इन विद्यालयों में इंटरमीडिएट के छात्र-छात्राएं बिना विषय शिक्षकों के बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। कई स्कूलों में प्रवक्ताओं के सभी पद रिक्त हैं, जबकि कुछ में चुनिंदा विषयों के ही शिक्षक उपलब्ध हैं। शिक्षा गुणवत्ता सुधार के दावों के बीच सामने आई यह स्थिति सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता पर सवाल खड़े कर रही है।

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ऊधमसिंह नगर के राजकीय इंटर कॉलेज मानपुर काशीपुर में कक्षा 11 में 35 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। यहां प्रवक्ताओं के 10 पद सृजित हैं, लेकिन सभी पद खाली हैं। स्कूल में प्रधानाचार्य का पद भी खाली है। देहरादून के जीआईसी बंजारावाला में भी नौ स्वीकृत पदों के सापेक्ष केवल चार प्रवक्ता कार्यरत हैं। खास बात यह है कि चारों प्रवक्ता विज्ञान विषयों के हैं। अन्य विषयों के विद्यार्थियों को संबंधित विषय के शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं।
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सहसपुर ब्लॉक के जीआईसी मिसराज पट्टी में प्रवक्तताओं के पांच और जीआईसी मुंधान सहित कई अन्य स्कूलों में प्रवक्ताओं के कई पद खाली हैं। राजकीय शिक्षक संघ के पूर्व प्रांतीय महामंत्री रमेश पैन्यूली के मुताबिक शिक्षा विभाग ने हाईस्कूलों को इंटर स्तर पर उच्चीकृत किया, लेकिन संबंधित विषयों के प्रवक्ताओं की तैनाती नहीं की। राज्य में 100 से अधिक स्कूल ऐसे हैं, जिनमें प्रवक्ताओं की कमी का सीधा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। इससे कई विद्यालयों में नियमित कक्षाएं संचालित नहीं हो पा रही हैं। विभाग ने फिलहाल एलटी शिक्षकों को विद्यार्थियों को अपने स्तर से पढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
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हाईस्कूल से उच्चीकृत किए गए स्कूल
प्रदेश के पौड़ी जिले में चार, चमोली में चार, रुद्रप्रयाग में तीन, टिहरी में पांच, उत्तरकाशी में दो, देहरादून में तीन, हरिद्वार में छह, अल्मोड़ा में तीन, पिथौरागढ़ में तीन, बागेश्वर में दो, चंपावत में सात, ऊधमसिंह नगर में छह और नैनीताल जिले में भी छह स्कूलों को इंटरमीडिएट स्तर पर उच्चीकृत किया गया है, लेकिन इनमें अब तक प्रवक्ताओं की तैनाती नहीं हुई। जबकि पहले से इंटरमीडिएट स्तर पर संचालित स्कूलों में भी प्रवक्ताओं की कमी बनी है।


राज्य लोक सेवा आयोग से विभाग को कुछ प्रवक्ता मिलने हैं। इनकी तैनाती जरूरत वाले विद्यालयों में की जाएगी। तब तक एलटी शिक्षकों के माध्यम से विद्यार्थियों की पढ़ाई कराने के निर्देश दिए गए हैं, हाईस्कूल से इंटरमीडिएट स्तर पर 54 स्कूलों को सितंबर-अक्तूबर में उच्चीकृत किया गया है, प्रयास किया जा रहा है कि इनमें जल्द प्रवक्ताओं की तैनाती की जाए।
-विनोद सिमल्टी, निदेशक माध्यमिक शिक्षा

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