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Jammu News: स्पीड ब्रेकर बनाने को लेकर विवाद मामले में पुलिस को एफआईआर के निर्देश
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सांबा। अतिरिक्त मुंसिफ कोर्ट सांबा ने एक अहम फैसले में रामगढ़ थाना पुलिस को गांव महाराजपुर में हुए विवाद के मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने यह आदेश अर्जुन कुमार द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया।
शिकायतकर्ता अर्जुन कुमार ने आरोप लगाया कि गांव निवासी ओम प्रकाश ने बिना सरकारी अनुमति के अपने घर के पास स्पीड ब्रेकर बना लिया था। इसी मुद्दे को लेकर एक नवंबर 2025 को गांव में बैठक चल रही थी। तभी आरोपियों प्रेम नाथ, ओम प्रकाश, तरसेम लाल व अन्य ने उन पर और सुनील कुमार पर हॉकी, सरिया, लाठी और बल्लों से हमला कर दिया।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि मारपीट के दौरान आरोपियों ने अर्जुन कुमार की करीब 2.5 ग्राम सोने की चेन छीन ली और जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित का कहना है कि पुलिस ने शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद उन्हें अदालत का सहारा लेना पड़ा।
वहीं पुलिस की ओर से अदालत को दी गई रिपोर्ट में बताया गया कि इसी मामले में पहले से एक एफआइआर अर्जुन कुमार व अन्य के खिलाफ दर्ज है। इस पर अदालत ने स्पष्ट किया कि एक ही घटना के दो पक्ष होने पर दोनों का पक्ष दर्ज कर निष्पक्ष जांच करना आवश्यक है।
अदालत ने पाया कि मामला प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आता है और रामगढ़ पुलिस को तुरंत एफआईआर दर्ज कर कानून के अनुसार जांच करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि यदि जांच में शिकायत झूठी पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
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शिकायतकर्ता अर्जुन कुमार ने आरोप लगाया कि गांव निवासी ओम प्रकाश ने बिना सरकारी अनुमति के अपने घर के पास स्पीड ब्रेकर बना लिया था। इसी मुद्दे को लेकर एक नवंबर 2025 को गांव में बैठक चल रही थी। तभी आरोपियों प्रेम नाथ, ओम प्रकाश, तरसेम लाल व अन्य ने उन पर और सुनील कुमार पर हॉकी, सरिया, लाठी और बल्लों से हमला कर दिया।
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शिकायत में यह भी कहा गया है कि मारपीट के दौरान आरोपियों ने अर्जुन कुमार की करीब 2.5 ग्राम सोने की चेन छीन ली और जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित का कहना है कि पुलिस ने शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद उन्हें अदालत का सहारा लेना पड़ा।
वहीं पुलिस की ओर से अदालत को दी गई रिपोर्ट में बताया गया कि इसी मामले में पहले से एक एफआइआर अर्जुन कुमार व अन्य के खिलाफ दर्ज है। इस पर अदालत ने स्पष्ट किया कि एक ही घटना के दो पक्ष होने पर दोनों का पक्ष दर्ज कर निष्पक्ष जांच करना आवश्यक है।
अदालत ने पाया कि मामला प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आता है और रामगढ़ पुलिस को तुरंत एफआईआर दर्ज कर कानून के अनुसार जांच करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि यदि जांच में शिकायत झूठी पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।