Iran US Ceasefire: यूएस-ईरान युद्ध में सीजफायर के बाद श्रीनगर में जश्न का माहौल, खुशी से झूमे लोग
पश्चिम एशिया में एक महीने से ज्यादा समय से धधक रहे युद्ध के बीच आखिरकार राहत की एक बड़ी खबर सामने आई है। लगातार हमलों, मिसाइलों और तबाही के बीच अब हालात बदलते दिख रहे हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एलान के बाद अब ईरान ने भी दो हफ्ते के युद्धविराम पर मुहर लगा दी है। ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने देश की सभी सैन्य इकाइयों को तुरंत फायरिंग रोकने का आदेश दिया है। दोनों देशों ने आधिकारिक तौर पर दो हफ्तों के युद्धविराम की घोषणा कर दी है। इस खबर के आते ही जम्मू कश्मीर में लोग खुशियां मना रहे हैं। लोगों का हुजूम जश्न मनाने सड़कों पर उतर आया है।
यूएस-इजराइल-ईरान संघर्ष में 15 दिन के सीजफ़ायर की घोषणा के बाद बांदीपुरा में बड़ी संख्या में लोग जश्न मना रहे हैं।#WATCH | Jammu and Kashmir: West Asia conflict | Celebrations underway in Srinagar after the announcement of ceasefire by US President Donald Trump and Iran. pic.twitter.com/50YGk6EOUO
विज्ञापन— ANI (@ANI) April 8, 2026विज्ञापन
#WATCH | J&K | People in large numbers in Bandipora celebrate as 15-day ceasefire is announced in US-Israel-Iran conflict pic.twitter.com/YogUaMTzAA
— ANI (@ANI) April 8, 2026
28 फरवरी को अमेरिका और इस्राइल द्वारा किए गए संयुक्त हमले के बाद शुरू हुए इस संघर्ष में अब तक कई देशों में बड़ी संख्या में लोगों की जान जा चुकी है। सीजफायर की दिशा में अमेरिका ने 15-सूत्रीय प्रस्ताव दिया था, जिसके जवाब में ईरान ने 10-सूत्रीय प्रस्ताव पेश किया। ईरान ने साफ किया है कि इन शर्तों पर सहमति बनने के बाद ही वह युद्ध के अंत को स्वीकार करेगा।
इस युद्धविराम पर भारत की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में इस युद्धविराम का स्वागत किया गया है। विदेश मंत्रालय ने कहा, "हम इस युद्धविराम का स्वागत करते हैं और आशा करते हैं कि इससे पश्चिम एशिया में स्थायी शांति स्थापित होगी। जैसा कि हमने पहले भी कई बार कहा है, मौजूदा संघर्ष को जल्द से जल्द समाप्त करने के लिए तनाव कम करना, संवाद और कूटनीति आवश्यक हैं।''
होर्मुज को लेकर भारतीय विदेश मंत्रालय ने कही ये बात
भारत ने कहा, ''इस संघर्ष ने लोगों को भारी पीड़ा पहुंचाई है और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति एवं व्यापार नेटवर्क को बाधित किया है। हम आशा करते हैं कि होर्मुज जलडमरूमध्य में निर्बाध नौवहन और वैश्विक व्यापार का प्रवाह जारी रहेगा।"