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Jammu: आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई, दो सरकारी कर्मचारी बर्खास्त, आतंकी गतिविधियों में शामिल थे दोनों
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: Digvijay Singh
Updated Wed, 08 Apr 2026 02:10 PM IST
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सार
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने दो सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त कर दी है। यह कार्रवाई राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों में की गई है।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने दो सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त कर दी है। यह कार्रवाई राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों में की गई है।
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यह कदम भारत के संविधान के अनुच्छेद 311(2)(c) के तहत उठाया गया है। इस अनुच्छेद के तहत बिना किसी विभागीय जांच के भी कर्मचारियों को हटाया जा सकता है। बर्खास्त किए गए कर्मचारियों में फरहत अली खांडे का नाम सामने आया है। वह रामबन जिले के शिक्षा विभाग में क्लास-IV कर्मचारी था। उस पर आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के लिए काम करने का आरोप है। खांडे पर अपनी नौकरी का इस्तेमाल आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए करने का भी आरोप है। दूसरे कर्मचारी का नाम मोहम्मद सफी डार है। डार बांदीपोरा का निवासी है। दोनों पर लश्कर और हिजबुल जैसे आतंकी संगठनों के लिए काम करने का आरोप है। यह कार्रवाई जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियानों का हिस्सा है।
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बर्खास्तगी का आधार
सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। अनुच्छेद 311(2)(c) सरकार को ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई का अधिकार देता है। इसका उद्देश्य उन तत्वों को हटाना है जो राज्य विरोधी गतिविधियों में शामिल हैं। यह सुनिश्चित किया जाता है कि सरकारी तंत्र में कोई भी आतंकी समर्थक न हो। यह फैसला आतंकवाद के खिलाफ शून्य सहिष्णुता की नीति को दर्शाता है।
आतंकी संगठनों से संबंध
फरहत अली खांडे पर हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े होने का आरोप है। मोहम्मद सफी डार पर लश्कर और हिजबुल दोनों के लिए काम करने का आरोप है। इन कर्मचारियों पर अपनी सरकारी स्थिति का दुरुपयोग करने का भी आरोप है। वे कथित तौर पर आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा दे रहे थे। यह कार्रवाई ऐसे संबंधों को तोड़ने के लिए महत्वपूर्ण है।