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Jammu News: चरस बरामदगी मामले में मुचलके के साथ जमानत
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Thu, 14 May 2026 02:34 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सांबा की अदालत ने चरस बरामदगी मामले में आरोपी सुरिंदर सिंह निवासी रामगढ़ को जमानत दे दी। अदालत ने पाया कि बरामद मादक पदार्थ की मात्रा व्यावसायिक श्रेणी से काफी कम है और मामले में एफएसएल रिपोर्ट भी अभी लंबित है। अभियोजन के अनुसार गत 10 अप्रैल को पुलिस ने रामगढ़ क्षेत्र में एक कार से 171.16 ग्राम चरस जैसी सामग्री बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार किया था।
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि बरामदगी की पुष्टि के लिए एफएसएल रिपोर्ट अभी नहीं आई है और कुल मात्रा व्यावसायिक श्रेणी (1 किलोग्राम) से काफी कम है। वहीं अभियोजन ने जमानत का विरोध करते हुए मामले को गंभीर बताया।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि बरामद मात्रा बहुत कम इंटरमीडिएट श्रेणी में आती है और एनडीपीएस एक्ट की धारा 37 की कठोरता इस मामले में लागू नहीं होती। साथ ही यह भी कहा कि आरोपी को ट्रायल से पहले अनावश्यक रूप से हिरासत में रखना उचित नहीं है।
न्यायाधीश अरविंद शर्मा ने आरोपी को 50 हजार रुपये के मुचलके पर जमानत देने के निर्देश दिए, साथ ही साक्ष्य से छेड़छाड़ न करने और प्रत्येक सुनवाई में उपस्थित रहने की शर्त लगाई।
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सांबा। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सांबा की अदालत ने चरस बरामदगी मामले में आरोपी सुरिंदर सिंह निवासी रामगढ़ को जमानत दे दी। अदालत ने पाया कि बरामद मादक पदार्थ की मात्रा व्यावसायिक श्रेणी से काफी कम है और मामले में एफएसएल रिपोर्ट भी अभी लंबित है। अभियोजन के अनुसार गत 10 अप्रैल को पुलिस ने रामगढ़ क्षेत्र में एक कार से 171.16 ग्राम चरस जैसी सामग्री बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार किया था।
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि बरामदगी की पुष्टि के लिए एफएसएल रिपोर्ट अभी नहीं आई है और कुल मात्रा व्यावसायिक श्रेणी (1 किलोग्राम) से काफी कम है। वहीं अभियोजन ने जमानत का विरोध करते हुए मामले को गंभीर बताया।
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अदालत ने अपने आदेश में कहा कि बरामद मात्रा बहुत कम इंटरमीडिएट श्रेणी में आती है और एनडीपीएस एक्ट की धारा 37 की कठोरता इस मामले में लागू नहीं होती। साथ ही यह भी कहा कि आरोपी को ट्रायल से पहले अनावश्यक रूप से हिरासत में रखना उचित नहीं है।
न्यायाधीश अरविंद शर्मा ने आरोपी को 50 हजार रुपये के मुचलके पर जमानत देने के निर्देश दिए, साथ ही साक्ष्य से छेड़छाड़ न करने और प्रत्येक सुनवाई में उपस्थित रहने की शर्त लगाई।