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Jammu News: क्षेत्रीय संतुलन के लिए कश्मीर के साथ जम्मू में भी खुले लॉ यूनिवर्सिटी
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जम्मू। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बडगाम के ओमपुरा में नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी खोलने का स्वागत किया, लेकिन इसे जम्मू में भी स्थापित करने की मांग उठाई।
ऐसा न किया तो क्षेत्रीय असंतुलन बनेगा। सामाजिक, सांस्कृतिक और भौगोलिक विविधता को देखते हुए लद्दाख में भी नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी खोलने की मांग उठाई।
बुधवार को अध्यक्ष निर्मल कोतवाल ने संविधान में निहित समानता और समावेशी विकास की बात उठाते हुए कहा कि अगर जम्मू और लद्दाख में नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी नहीं खोली जाती तो युवाओं के साथ नाइंसाफी होगी। कानून की उच्च शिक्षा में शैक्षिक संतुलन बनाने की बात होनी चाहिए। उन्होंने लंबित बार काउंसिल चुनाव को तुरंत करवाने की मांग भी की। कहा कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से रिट याचिका में सकारात्मक निर्देश पारित करने के बावजूद ऐसा नहीं हुआ है।
सुप्रीम कोर्ट ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया को चार सप्ताह में नियमों की मंजूरी सहित आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने का निर्देश दिया था। लंबे समय तक देरी से बार की स्वायत्तता खत्म हो रही है और वकीलों के अधिकार छिन रहे हैं। उन्होंने सरकार से इन पहलुओं पर ध्यान देने और मुद्दों का राजनीतिकरण न करके वास्तविक मुद्दों को हल करने का आग्रह किया। यहां उपाध्यक्ष बलदेव सिंह, महासचिव प्रदीप मजोत्रा, संयुक्त सचिव अंशु महाजन, कोषाध्यक्ष राहुल अग्रवाल मौजूद रहे।
दोनों संभागों में दो हाईकोर्ट और एम्स हैं तो दो लॉ यूनिवर्सिटी बनाने में क्या दिक्कत : सत शर्मा
जम्मू। लॉ यूनिवर्सिटी के मुद्दे पर चल रहे विवाद पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सत शर्मा ने जम्मू और कश्मीर दोनों सभागों में लॉ यूनिवर्सिटी बनाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सीएम उमर अब्दुल्ला सिर्फ कश्मीर के नहीं, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री हैं। दोनों संभागों के साथ समानता का व्यवहार हो, यह उनकी जिम्मेदारी है। जब प्रदेश में दो एम्स हैं, दो हाईकोर्ट हैं तो दो लॉ यूनिवर्सिटी बनाने में क्या समस्या है। कई ऐसे प्रदेश हैं, जहां हाईकोर्ट के साथ ही लॉ यूनिवर्सिटी है। जम्मू-कश्मीर में हाईकोर्ट की दो विंग हैं तो लॉ यूनिवर्सिटी भी दो ही होनी चाहिए। इस विषय पर भविष्य में कोई आंदोलन छेड़ने की बात पर उन्होंने कहा कि केंद्र में अब भाजपा सरकार है, जो जनता के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। इसलिए इसकी जरूरत नहीं पड़ेगी। ब्यूरो
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ऐसा न किया तो क्षेत्रीय असंतुलन बनेगा। सामाजिक, सांस्कृतिक और भौगोलिक विविधता को देखते हुए लद्दाख में भी नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी खोलने की मांग उठाई।
बुधवार को अध्यक्ष निर्मल कोतवाल ने संविधान में निहित समानता और समावेशी विकास की बात उठाते हुए कहा कि अगर जम्मू और लद्दाख में नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी नहीं खोली जाती तो युवाओं के साथ नाइंसाफी होगी। कानून की उच्च शिक्षा में शैक्षिक संतुलन बनाने की बात होनी चाहिए। उन्होंने लंबित बार काउंसिल चुनाव को तुरंत करवाने की मांग भी की। कहा कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से रिट याचिका में सकारात्मक निर्देश पारित करने के बावजूद ऐसा नहीं हुआ है।
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सुप्रीम कोर्ट ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया को चार सप्ताह में नियमों की मंजूरी सहित आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने का निर्देश दिया था। लंबे समय तक देरी से बार की स्वायत्तता खत्म हो रही है और वकीलों के अधिकार छिन रहे हैं। उन्होंने सरकार से इन पहलुओं पर ध्यान देने और मुद्दों का राजनीतिकरण न करके वास्तविक मुद्दों को हल करने का आग्रह किया। यहां उपाध्यक्ष बलदेव सिंह, महासचिव प्रदीप मजोत्रा, संयुक्त सचिव अंशु महाजन, कोषाध्यक्ष राहुल अग्रवाल मौजूद रहे।
दोनों संभागों में दो हाईकोर्ट और एम्स हैं तो दो लॉ यूनिवर्सिटी बनाने में क्या दिक्कत : सत शर्मा
जम्मू। लॉ यूनिवर्सिटी के मुद्दे पर चल रहे विवाद पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सत शर्मा ने जम्मू और कश्मीर दोनों सभागों में लॉ यूनिवर्सिटी बनाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सीएम उमर अब्दुल्ला सिर्फ कश्मीर के नहीं, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री हैं। दोनों संभागों के साथ समानता का व्यवहार हो, यह उनकी जिम्मेदारी है। जब प्रदेश में दो एम्स हैं, दो हाईकोर्ट हैं तो दो लॉ यूनिवर्सिटी बनाने में क्या समस्या है। कई ऐसे प्रदेश हैं, जहां हाईकोर्ट के साथ ही लॉ यूनिवर्सिटी है। जम्मू-कश्मीर में हाईकोर्ट की दो विंग हैं तो लॉ यूनिवर्सिटी भी दो ही होनी चाहिए। इस विषय पर भविष्य में कोई आंदोलन छेड़ने की बात पर उन्होंने कहा कि केंद्र में अब भाजपा सरकार है, जो जनता के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। इसलिए इसकी जरूरत नहीं पड़ेगी। ब्यूरो