मचैल यात्रा 2026: चिशोती हादसे से सबक, सुरक्षा के लिए प्रशासन ने तैयार किया नया एक्शन प्लान
मचैल यात्रा 2026 की तैयारी में प्रशासन ने सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आपात योजना और एक्शन प्लान तैयार किया है। भूस्खलन संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान, मौसम अपडेट और आरएफआईडी कार्ड जैसी आधुनिक व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
विस्तार
बीते वर्ष चिशोती में मचैल यात्रा के दौरान हादसे से सबक लेते हुए प्रशासन ने इस बार श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए आपात योजना और एक्शन प्लान तैयार किया है। अप्रैल से शुरू होने वाली यात्रा की तैयारियों को लेकर मंडलायुक्त रमेश कुमार ने समीक्षा बैठक की।
उन्होंने अधिकारियों को भूस्खलन के लिहाज से अति संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान करने के निर्देश दिए। मौसम अपडेट के साथ ही रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन डिवाइस (आरएफआईडी) कार्ड की व्यवस्था पर फोकस करने के लिए कहा। इमरजेंसी प्लान तैयार करने, मॉकड्रिल से तैयारियां परखने के निर्देश दिए।
मंडलायुक्त ने मौसम से जुड़ी जानकारी समय पर जारी करने के लिए एकीकृत सिस्टम तैयार करने के लिए कहा है। यात्रा मार्ग के उन हिस्सों की पहचान करने के लिए कहा गया है जो भूस्खलन के लिहाज से अति संवेदनशील हैं। बैकअप के तौर पर जनरेटर सेट की उपलब्धता के लिए भी कहा गया है। जिला प्रशासन को निर्देश दिया गया कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए योजना तैयार करें। पुलिस की आपातकालीन प्रतिक्रिया टीमों के साथ मिलकर मॉकड्रिल करें।
मंडलायुक्त कार्यालय जम्मू में हुई बैठक में प्रशासन की ओर से यात्रा मार्ग पर की गई तैयारियों की योजना और अन्य इंतजामों से जुड़े पहलुओं पर चर्चा हुई। आरएफआईडी कार्ड सुविधा शुरू करने की संभावनाएं तलाशने के लिए कहा गया है। बैठक में किश्तवाड़ के डीसी, एसएसपी, एसडीआरएफ के कमांडेंट, पर्यटन निदेशक, पीडब्ल्यूडी समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल थे।
भीड़ प्रबंधन और यात्रा के नियम होंगे सख्त
यात्रा के नियम और भीड़ प्रबंधन के नियम सख्त होंगे। बैठक में ठहरने की व्यवस्था, साफ-सफाई, बिजली, पीने के पानी की आपूर्ति, लंगर सुविधा, मेडिकल व आपातकालीन सेवाओं, हेलिकॉप्टर सेवाओं पर मंथन किया गया। साथ ही तय स्थानों पर यात्रा वाहनों की पार्किंग के लिए सही समय स्लॉट के साथ पार्किंग स्थलों, साइनेज, सुरक्षा उपायों, ट्रैफिक प्रबंधन, सुविधाओं को बेहतर बनाने, यात्रा मार्ग व तीर्थस्थल पर विकास परियोजनाओं, पूरी मोबाइल कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने पर भी विचार-विमर्श हुआ।
सुविधाओं और सुरक्षा की योजना इस तरह बनाई गई
- यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस और सुरक्षाबलों की अतिरिक्त तैनाती की जाएगी। सभी संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। सुरक्षा चेकपॉइंट को कड़ा किया जाएगा।
- श्रद्धालुओं के लिए जल आपूर्ति, शौचालय, विश्राम स्थल और प्राथमिक चिकित्सा केंद्रों की व्यवस्था की जाएगी। रास्ते में खाद्य सामग्री और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
- आने-जाने में श्रद्धालुओं को कोई कठिनाई न हो इसके लिए परिवहन व्यवस्था में सुधार किया जाएगा।
- किसी भी आपातकालीन स्थिति का त्वरित समाधान किया जा सके। मेडिकल टीमें तैनात रहेंगी।
- यात्रा मार्गों की समीक्षा की जाएगी जहां जरूरत होगी मार्ग दुरुस्त किए जाएंगे। यात्रा मार्गों पर सफाई अभियान चलाएं और सुनिश्चित करें कि कोई कचरा या अव्यवस्था न हो।
- पर्यटन विभाग की ओर से बनाए जा रहे यात्री निवास व डॉरमेट्री, रास्ते में बने आराम करने के शेड, यात्रियों के लिए सुविधाओं को बेहतर बनाने की परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश।
हर सरकारी आवास पर एक अधिकारी की तैनाती
मंडलायुक्त ने निर्देश दिया कि हर सरकारी आवास पर एक अधिकारी तैनात किया जाए ताकि यात्रियों को सुविधाएं मिल सकें। यात्रा के दौरान डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ, मेडिकल उपकरण, दवाएं व एंबुलेंस 24 घंटे उपलब्ध रहें। भीड़ प्रबंधन के लिए विस्तृत योजना के लिए कहा गया।
अगस्त 2025 में चिशोती हुआ था हादसा:
बीते वर्ष चिशोती में हुए हादसे में 68 लोग मारे गए थे। 31 लापता लोगों को मृत घोषित करने की प्रक्रिया अभी चल रही है।