Jammu Kashmir: केवल पर्यटन नहीं, कृषि और बागवानी भी जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था की रीढ़, बोले सीएम उमर
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था केवल पर्यटन पर नहीं, बल्कि कृषि और बागवानी पर भी आधारित है और इन्हें बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
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मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि यह गलतफहमी है कि जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था सिर्फ पर्यटन से चलती है। हमारे सकल राज्य घरेलू उत्पाद (एसजीडीपी) में पर्यटन के साथ-साथ खेती और बागवानी का भी उतना ही योगदान है। किसी को यह अंदाजा भी नहीं है कि हमारी खेती का ईको सिस्टम कितना मजबूत है।
उमर वीरवार को शेर-ए-कश्मीर कृषि विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (स्काॅस्ट) जम्मू में इन्क्यूबेशन व स्टार्टअप कार्यक्रम में बताैर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों में नए स्टार्टअप को बढ़ावा देना, युवाओं को नवाचार व उद्यमिता के लिए प्रेरित करना है। साथ ही किसानों और उद्यमियों को आधुनिक तकनीक और बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।उन्होंने कहा कि कई देशों ने ग्रामीण उद्यमिता और मूल्य संवर्धन में निवेश किया है। इससे छोटे किसान ब्रांडेड उत्पादों का निर्यात करने वाले एग्रो-प्रेन्योर बन गए हैं। स्काॅस्ट कई बेहतर फसलों की किस्में पहले ही जारी हो चुका है जबकि कृषि उत्पादकता और टिकाऊपन को मजबूत करने के लिए कई और आने वाली हैं।
सीएम ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से युवा वर्ग स्वरोजगार अपनाएं। इससे अन्य लोगों को रोजगार मिलेगा। सरकार के पास सभी को सरकारी नौकरियां देने का साधन नहीं है। जम्मू-कश्मीर में अगर आगे बढ़ने का रास्ता है तो वह कृषि पर निर्भर है। प्रदेश को पर्यटन पर निर्भर रहने के बजाय कृषि की ओर विशेष ध्यान देना चाहिए। सरकार इस पर काम कर रही है।
कार्यक्रम में कृषि मंत्री जावेद अहमद राणा ने बजट में भी कृषि की बेहतरी के लिए कहा कि प्रदेश के किसानों की जरूरतों को पूरा किया जाएगा। मुख्यमंत्री के सलाहकार नासिर असलम वानी ने जम्मू-कश्मीर में कृषि, बागवानी और डेयरी सेक्टर की बड़ी संभावनाओं पर जोर दिया। स्टार्टअप को बाजार तक पहुंचने और उनके इनोवेशन को बढ़ाने में मदद करने के लिए अधिक इंस्टीट्यूशनल सपोर्ट की मांग की।
वीसी प्रो. बीएन त्रिपाठी ने स्काॅस्ट में चल रही विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में कृषि-उद्यमिता और नई तकनीक पर फोकस करने वाले जरूरी प्रकाशन का एक सेट भी रिलीज किया गया। इनमें डॉ. पवन के शर्मा और डॉ. अनिल भट के लेख आइडिया टू एम्पायर एग्री स्टार्टअप गाइड फॉर यूथ्स; डॉ. विकास शर्मा, डॉ. स्वीटा मन्हास, मिस्टर अजय ठाकुर, डॉ. सतेंद्र शर्मा और डॉ. विवेक एम. आर्य के लेख 10 डेज रिफ्रेशर ट्रेनिंग ऑन सॉइल हेल्थ मैनेजमेंट फॉर सस्टेनेबल एग्रीकल्चर व डॉ. विकास शर्मा का जीआईसी एंड रिमोट सेंसिंग, हैंड्स-ऑन मैनुअल शामिल हैं।
पांच किसान उत्पादक संगठनों को किया पुरस्कृतपांच किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को पुरस्कार दिया गया। कई स्टार्टअप को कृषि उद्यमिता ईको सिस्टम में उनके इनोवेटिव योगदान के लिए सम्मानित किया गया। जेके सीआईपी स्काॅस्ट जम्मू के नोडल ऑफिसर डॉ. पवन शर्मा, डाॅ. पुनीत चौधरी. डाॅ. अनिल भट, स्काॅस्ट के निदेशक रिसर्च डॉ. एसके गुप्ता सहित छात्रों और उद्यमियों ने कार्यक्रम में भाग लिया।