पंचायत चुनाव से पहले सियासी घमासान: संगठन मजबूत करने की होड़, सक्रिय हुए राजनीतिक दल; तेज की तैयारी
जम्मू-कश्मीर में प्रस्तावित पंचायत चुनावों से पहले सभी प्रमुख राजनीतिक दल संगठन को मजबूत करने और जमीनी स्तर पर सक्रियता बढ़ाने में जुट गए हैं।
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पंचायत चुनाव से पहले राजनीतिक दल सभी 20 जिलों में अपने-अपने संगठन को जागृत करने में जुट गए हैं। बैठकें हो रही हैं और बड़े मुद्दों को हवा दी जा रही है। चुनाव की हलचल के बीच पुरानी पार्टियों की एंट्री भी दोबारा प्रदेश में हुई है। नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) ने जमीन मजबूत करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है।
दरबार मूव के बाद जम्मू में जिम्मेदारी संभालने वाले मंत्री भी लगातार बैठकें कर रहे हैं। बीते दिनों जलशक्ति मंत्री जावेद अहमद राणा ने अलग-अलग बैठकें की हैं। इन बैठकों में पंचायत चुनाव को आधार बनाया है। भाजपा विधायक दल की बैठक हो चुकी है। पीडीपी जम्मू में सक्रिय नहीं है, लेकिन कश्मीर में पार्टी लगातार चर्चा में है। कांग्रेस ने हाल में दिल्ली में बैठक के दौरान स्टेट हुड के मसले को साधने की बात कही है।
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जम्मू में एनसी का मुकाबला भाजपा से
एनसी के प्रांतीय अध्यक्ष रतन लाल गुप्ता ने कहा, पंचायत चुनाव अमरनाथ यात्रा के बाद कभी भी हो सकते हैं। उनकी पार्टी पूरी तरह तैयार है। एनसी बीते लंबे समय से अलग-अलग हिस्सों में जाकर लोगों से संपर्क अभियान चला रही है। लोगों को सरकार की योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। उन्होंने कहा, कश्मीर संभाग में एनसी पहले से सक्रिय है। जम्मू संभाग में पार्टी को धरातल पर स्थापित करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। जम्मू में उनका मुकाबला भाजपा से होने वाला है।