जम्मू विश्वविद्यालय: जिन्ना को सिलेबस से हटाने की एकमत सिफारिश, 24 को बोर्ड बैठक में होगा फैसला
यह समीक्षा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के दिशानिर्देशों के तहत की जा रही है। इसका उद्देश्य आधुनिक शैक्षणिक ढांचे और नीतिगत निर्देशों के अनुरूप पाठ्यक्रम का पुनर्गठन करना है।
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जम्मू यूनिवर्सिटी में सिलेबस को लेकर चल विवाद के बीच पॉलिटिकल साइंस विभाग ने मोहम्मद अली जिन्ना से जुड़े विषयों को हटाने की एकमत से सिफारिश की है। यह फैसला रविवार को विभाग की बैठक में लिया गया। अब इस प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय 24 मार्च को होने वाली बोर्ड की ऑनलाइन बैठक में लिया जाएगा।
रविवार को विभागाध्यक्ष के कार्यालय में हुई बैठक में एमए के एक साल और दो साल के कोर्स के सिलेबस पर चर्चा की गई। इसके बाद एकमत से तय किया गया कि जिन्ना, सर सैयद अहमद खान और अल्लामा इकबाल से जुड़े कुछ हिस्सों को सिलेबस से हटाने की सिफारिश भेजी जाए। ये बदलाव एमए के दोनों कोर्स के कुछ पेपरों में प्रस्तावित हैं। विभाग ने अपनी सिफारिश आगे विचार के लिए बोर्ड ऑफ स्टडीज को भेज दी है। 24 मार्च को होने वाली बैठक में इस पर चर्चा होगी और वहीं अंतिम फैसला लिया जाएगा। बोर्ड की मंजूरी के बाद ही सिलेबस में बदलाव लागू हो सकेंगे।
इस संबंध में अमर उजाला ने वीरवार को खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद शुक्रवार को यूनिवर्सिटी में विवाद शुरू हो गया। मामला बढ़ने पर यूनिवर्सिटी ने शुक्रवार को ही प्रो. नरेश पाधा की अध्यक्षता में एक जांच कमेटी गठित कर दी थी। समिति दर्शनशास्त्र, इतिहास और समाजशास्त्र विभागों के अध्यक्ष, सामरिक एवं क्षेत्रीय अध्ययन विभाग के निदेशक और शैक्षणिक मामलों के सहायक रजिस्ट्रार को सदस्य बनाया गया था। कमेटी को जल्द रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए थे। ऐसे में अब 24 मार्च को होने वाली बोर्ड ऑफ स्टडीज की बैठक में इस पूरे मामले पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। इस बैठक पर सभी की नजरें टिकी हैं।