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Jammu News: अखनूर से जम्मू जाने वाली रणवीर नहर में छोड़ा गया पानी
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अखनूर/जम्मू। जल शक्ति मंत्री जावेद अहमद राणा ने सोमवार को अखनूर स्थित स्टील ब्रिज के पास रणबीर नहर के इंटेक स्ट्रक्चर पर मुख्य नहर में पानी छोड़कर सिंचाई सीजन की औपचारिक शुरुआत की।
उन्होंने कहा कि रणबीर नहर अखनूर से लेकर आरएस पुरा तक के विशाल कृषि क्षेत्र की सिंचाई के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और किसानों को आगामी फसली सीजन में पर्याप्त पानी उपलब्ध कराया जाएगा। कार्यक्रम में विधायक अखनूर मोहन लाल, विधायक नगरोटा देवयानी राणा, मुख्य अभियंता सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग जम्मू मनोज गुप्ता सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
इस मौके पर मंत्री जावेद अहमद राणा ने कहा कि किसानों तक समय पर और पर्याप्त सिंचाई जल पहुंचाने के लिए नहरों की अनिवार्य डी-सिल्टिंग (गाद निकासी) पहले ही पूरी कर ली गई है। इससे नहर की जल वहन क्षमता बढ़ेगी और पानी दूर-दराज तथा टेल एंड (नहर के अंतिम छोर) तक स्थित गांवों तक आसानी से पहुंच सकेगा।
उन्होंने बताया कि हर वर्ष जनवरी से मार्च के बीच नहर बंद रहने की अवधि में डी-सिल्टिंग का कार्य किया जाता है, ताकि कृषि गतिविधियों पर कोई असर न पड़े और आने वाले फसली चक्र के लिए नहर तंत्र पूरी तरह तैयार हो सके। इस प्रक्रिया के तहत नहर के तल और किनारों से जमा गाद, खरपतवार और अन्य अवरोधों को हटाया जाता है, जिससे पानी का प्रवाह सुचारू हो जाता है और सिंचाई व्यवस्था अधिक प्रभावी बनती है।
अधिकारियों ने बताया कि पिछले तीन वर्षों से सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग निर्धारित तीन महीनों के बजाय लगभग दो महीनों में ही डी-सिल्टिंग का कार्य पूरा कर रहा है। इसी का परिणाम है कि इस वर्ष नहर को मार्च महीने में ही चालू कर दिया गया है, जबकि पहले इसे लगभग 13 अप्रैल बैसाखी के आसपास खोला जाता था।
मंत्री ने विभाग के अधिकारियों और फील्ड स्टाफ की सराहना करते हुए कहा कि उनकी मेहनत से कार्य निर्धारित समय से पहले पूरा हुआ है। उन्होंने निर्देश दिए कि जहां भी छोटे-मोटे कार्य शेष हैं, उन्हें जल्द से जल्द पूरा किया जाए ताकि पूरे सिंचाई सीजन के दौरान किसानों को बिना रुकावट पानी मिल सके।
उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र में बाढ़ सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने के लिए कई नई परियोजनाएं भी प्रस्तावित हैं, जिनका उद्देश्य लोगों की जान-माल, कृषि भूमि और सार्वजनिक संपत्ति को संभावित बाढ़ के खतरे से सुरक्षित रखना है।
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उन्होंने कहा कि रणबीर नहर अखनूर से लेकर आरएस पुरा तक के विशाल कृषि क्षेत्र की सिंचाई के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और किसानों को आगामी फसली सीजन में पर्याप्त पानी उपलब्ध कराया जाएगा। कार्यक्रम में विधायक अखनूर मोहन लाल, विधायक नगरोटा देवयानी राणा, मुख्य अभियंता सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग जम्मू मनोज गुप्ता सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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इस मौके पर मंत्री जावेद अहमद राणा ने कहा कि किसानों तक समय पर और पर्याप्त सिंचाई जल पहुंचाने के लिए नहरों की अनिवार्य डी-सिल्टिंग (गाद निकासी) पहले ही पूरी कर ली गई है। इससे नहर की जल वहन क्षमता बढ़ेगी और पानी दूर-दराज तथा टेल एंड (नहर के अंतिम छोर) तक स्थित गांवों तक आसानी से पहुंच सकेगा।
उन्होंने बताया कि हर वर्ष जनवरी से मार्च के बीच नहर बंद रहने की अवधि में डी-सिल्टिंग का कार्य किया जाता है, ताकि कृषि गतिविधियों पर कोई असर न पड़े और आने वाले फसली चक्र के लिए नहर तंत्र पूरी तरह तैयार हो सके। इस प्रक्रिया के तहत नहर के तल और किनारों से जमा गाद, खरपतवार और अन्य अवरोधों को हटाया जाता है, जिससे पानी का प्रवाह सुचारू हो जाता है और सिंचाई व्यवस्था अधिक प्रभावी बनती है।
अधिकारियों ने बताया कि पिछले तीन वर्षों से सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग निर्धारित तीन महीनों के बजाय लगभग दो महीनों में ही डी-सिल्टिंग का कार्य पूरा कर रहा है। इसी का परिणाम है कि इस वर्ष नहर को मार्च महीने में ही चालू कर दिया गया है, जबकि पहले इसे लगभग 13 अप्रैल बैसाखी के आसपास खोला जाता था।
मंत्री ने विभाग के अधिकारियों और फील्ड स्टाफ की सराहना करते हुए कहा कि उनकी मेहनत से कार्य निर्धारित समय से पहले पूरा हुआ है। उन्होंने निर्देश दिए कि जहां भी छोटे-मोटे कार्य शेष हैं, उन्हें जल्द से जल्द पूरा किया जाए ताकि पूरे सिंचाई सीजन के दौरान किसानों को बिना रुकावट पानी मिल सके।
उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र में बाढ़ सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने के लिए कई नई परियोजनाएं भी प्रस्तावित हैं, जिनका उद्देश्य लोगों की जान-माल, कृषि भूमि और सार्वजनिक संपत्ति को संभावित बाढ़ के खतरे से सुरक्षित रखना है।