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Jammu News: चैत्र नवरात्र 19 से, डोली पर सवार होकर आएंगी मां दुर्गा
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- सुबह 06:54 बजे से देवी दुर्गा की साख लगाने व कलश स्थापना, ज्योति प्रज्वलन का शुभ मुहूर्त
- 26 मार्च को श्री दुर्गाष्टमी व श्री रामनवमी का पर्व मनाया जाएगा
- अबकी बार नवरात्र पूरे नौ दिनों का हैं
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। चैत्र नवरात्र इस बार 19 मार्च से शुरू होंगे। मां दुर्गा डोली पर सावार होकर आएंगी। प्रतिपदा तिथि 19 मार्च को सूर्योदय के बाद प्रारंभ होगी और अगले दिन 20 मार्च को सूर्योदय से पहले ही समाप्त होगी। अबकी बार नवरात्र पूरे नौ दिनों के हैं। शास्त्रों में बताया गया है कि जब दोनों दिन चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि सूर्योदय व्यापिनी न हो, तो पहले दिन को ही संवत्सर प्रारंभ मानना चाहिए।
नौ दिनों तक चलने वाले इस महापर्व में मां भगवती के नौ रूप शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री देवी की पूजा की होगी। महंत रोहित शास्त्री ने बताया कि इस वर्ष नवरात्र को लेकर लोगों में असमंजस नहीं होना चाहिए। रविवार और सोमवार को प्रथम पूजा यानी कलश स्थापना होने पर मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर आती हैं। शनिवार और मंगलवार को कलश स्थापना होने पर माता का वाहन घोड़ा होता है। वीरवार और शुक्रवार के दिन कलश स्थापना होने पर माता डोली पर चढ़कर आती हैं।
वीरवार 26 मार्च को श्री दुर्गाष्टमी एवं श्री रामनवमी और 27 मार्च को श्री दुर्गा नवमी का पर्व मनाया जाएगा। भगवान श्रीराम का जन्म चैत्र शुक्ल नवमी तिथि मध्याह्न व्यापिनी तिथि को मनाया जाता है इसलिए 26 मार्च को चैत्र शुक्ल नवमी तिथि मध्याह्न व्यापिनी है। रामनवमी 26 मार्च और महानवमी 27 मार्च को मनाई जाएगी। नवरात्र का समापन 27 मार्च को होगा।
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इस प्रकार हैं चैत्र नवरात्रि 2026 की तिथियां
19 मार्च : प्रतिपदा : मां शैलपुत्री पूजा एवं घटस्थापना
20 मार्च : द्वितीया : मां ब्रह्मचारिणी पूजा
21 मार्च : नवरात्रि तृतीया : मां चंद्रघंटा पूजा
22 मार्च : चतुर्थी : मां कूष्मांडा पूजा
23 मार्च : पंचमी : मां स्कंदमाता पूजा
24 मार्च : षष्ठी : मां कात्यायनी पूजा
25 मार्च : सप्तमी : मां कालरात्रि पूजा
26 मार्च : अष्टमी : मां महागौरी एवं श्री रामनवमी।
27 मार्च : नवमी : मां सिद्धिदात्री एवं श्री दुर्गा नवमी।
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- 26 मार्च को श्री दुर्गाष्टमी व श्री रामनवमी का पर्व मनाया जाएगा
- अबकी बार नवरात्र पूरे नौ दिनों का हैं
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जम्मू। चैत्र नवरात्र इस बार 19 मार्च से शुरू होंगे। मां दुर्गा डोली पर सावार होकर आएंगी। प्रतिपदा तिथि 19 मार्च को सूर्योदय के बाद प्रारंभ होगी और अगले दिन 20 मार्च को सूर्योदय से पहले ही समाप्त होगी। अबकी बार नवरात्र पूरे नौ दिनों के हैं। शास्त्रों में बताया गया है कि जब दोनों दिन चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि सूर्योदय व्यापिनी न हो, तो पहले दिन को ही संवत्सर प्रारंभ मानना चाहिए।
नौ दिनों तक चलने वाले इस महापर्व में मां भगवती के नौ रूप शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री देवी की पूजा की होगी। महंत रोहित शास्त्री ने बताया कि इस वर्ष नवरात्र को लेकर लोगों में असमंजस नहीं होना चाहिए। रविवार और सोमवार को प्रथम पूजा यानी कलश स्थापना होने पर मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर आती हैं। शनिवार और मंगलवार को कलश स्थापना होने पर माता का वाहन घोड़ा होता है। वीरवार और शुक्रवार के दिन कलश स्थापना होने पर माता डोली पर चढ़कर आती हैं।
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वीरवार 26 मार्च को श्री दुर्गाष्टमी एवं श्री रामनवमी और 27 मार्च को श्री दुर्गा नवमी का पर्व मनाया जाएगा। भगवान श्रीराम का जन्म चैत्र शुक्ल नवमी तिथि मध्याह्न व्यापिनी तिथि को मनाया जाता है इसलिए 26 मार्च को चैत्र शुक्ल नवमी तिथि मध्याह्न व्यापिनी है। रामनवमी 26 मार्च और महानवमी 27 मार्च को मनाई जाएगी। नवरात्र का समापन 27 मार्च को होगा।
इस प्रकार हैं चैत्र नवरात्रि 2026 की तिथियां
19 मार्च : प्रतिपदा : मां शैलपुत्री पूजा एवं घटस्थापना
20 मार्च : द्वितीया : मां ब्रह्मचारिणी पूजा
21 मार्च : नवरात्रि तृतीया : मां चंद्रघंटा पूजा
22 मार्च : चतुर्थी : मां कूष्मांडा पूजा
23 मार्च : पंचमी : मां स्कंदमाता पूजा
24 मार्च : षष्ठी : मां कात्यायनी पूजा
25 मार्च : सप्तमी : मां कालरात्रि पूजा
26 मार्च : अष्टमी : मां महागौरी एवं श्री रामनवमी।
27 मार्च : नवमी : मां सिद्धिदात्री एवं श्री दुर्गा नवमी।