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जंगलों में छिपे आतंकियों की शामत: सुरक्षाबलों ने सितंबर में पांच पाकिस्तानी दहशतगर्दों को किया ढेर, 32 की तलाश

Fri, 02 Oct 2026 11:39 AM IST
Nikita Gupta अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: Nikita Gupta Updated Fri, 02 Oct 2026 11:39 AM IST
सार

सितंबर में जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों ने करीब 12 आतंकवाद रोधी अभियानों के दौरान पांच पाकिस्तानी आतंकियों को मार गिराया सुरक्षा एजेंसियां अब भी जम्मू-कश्मीर में सक्रिय करीब 28 से 32 आतंकियों की तलाश कर रही हैं।

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Security forces killed five terrorists in September.
सुरक्षाबल - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

एक तरफ पहाड़ों में आतंकियों की घेराबंदी, दूसरी तरफ पुख्ता खुफिया सूचनाओं पर दबाव और तीसरी तरफ सुरक्षित ठिकाना नहीं मिलने देना व वरिष्ठ अधिकारियों का मौके पर पहुंचकर अभियानों की निगरानी। जम्मू से कश्मीर तक चले आतंकियों के खिलाफ अभियानों में यही रणनीति दिखी।

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इस रणनीति के तहत सितंबर में सेना ने पांच पाकिस्तानी आतंकियों को मार गिराया। इसमें बडगाम के यूसमर्ग में यासिर के बाद लश्कर-ए-ताइबा का आतंकी कमांडर हाशिम मूसा, जबकि जम्मू क्षेत्र में मुस्तफा, सद्दाम मारा गया।
सितंबर सुरक्षाबलों के लिए कामयाबी वाला महीना रहा। इसमें नामी आतंकियों का सफाया किया। बडगाम, पुंछ, राजोरी, कठुआ, उधमपुर, रियासी और डोडा, किश्तवाड़ में आतंकियों की तलाश में करीब 12 एंटी टेरर ऑपरेशन चलाए गए। इनसे आतंकियों को एक जगह घेरने के साथ उनकी आवाजाही के रास्तों पर दबाव बढ़ाना था। दूसरे इलाकों में भी ठिकाना नहीं मिलने देने की रणनीति के साथ सुरक्षाबल आगे बढ़े। दक्षिण पीर पंजाल क्षेत्र में दबाव का असर रहा कि जिन जंगलों को आतंकियों ने पनाहगाह बनाया था वहीं उन्हें माैत दी।

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क्रेडिट लेने की बजाय अब आतंकियों का सफाया लक्ष्य
रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार गृह मंत्रालय की निगरानी में सभी सुरक्षा एजेंसियां काम कर रही हैं। अब सुरक्षा एजेंसियों के बीच क्रेडिट लेने की होड़ की बजाय आतंकियों का सफाया मुख्य लक्ष्य है। यही कारण है सभी एजेंसियां इनपुट साझा करती हैं, जिससे कामयाबी का प्रतिशत बढ़ रहा है।

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सुरक्षा एजेंसियां को 32 आतंकियों की तलाश
सुरक्षा एजेंसियां जम्मू-कश्मीर में सक्रिय या छिपे करीब 28 से 32 आतंकियों की तलाश कर रही हैं। पहले 70 से 100 आतंकियों के आंकड़े सामने आ रहे थे, लेकिन अब एजेंसियां इस संख्या को काफी कम मान रही हैं। अनुमान में चार आतंकियों तक का अंतर हो सकता है। स्थानीय आतंकियों की संख्या करीब पांच बताई जा रही है। इनमें तीन किश्तवाड़, एक डोडा-उधमपुर-कठुआ अक्ष और एक दक्षिण कश्मीर में होने की जानकारी है।

डीजीपी से लेकर सेना तक मैदान में
अभियानों की निगरानी अब वरिष्ठ स्तर पर भी लगातार की जा रही है। डीजीपी नलिन प्रभात अलग-अलग जिलों में पहुंचकर जमीनी स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं। आईजी जम्मू जोन तेजिंदर सिंह राजोरी में चल रहे अभियानों की निगरानी कर रहे हैं, जबकि कश्मीर जोन के आईजी भी लगातार जिलों का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था और आतंकवाद रोधी अभियानों की समीक्षा कर रहे हैं। सेना की उत्तरी कमान, व्हाइट नाइट कोर, टाइगर डिवीजन और डेल्टा फोर्स भी अपने जिम्मेदारी वाले क्षेत्रों में सक्रिय है।

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