कश्मीर के अलगाववादी नेता यासीन मलिक गिरफ्तार, मीरवाइज को किया नजरबंद
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घाटी में कश्मीर हिंसा के 125वें दिन तनावपूर्ण शांति रही। अलगाववादियों के शुक्रवार को जामिया मस्जिद चलो आह्वान के मद्देनजर जेके एलएफ के चेयरमैन यासीन मलिक को गिरफ्तार कर सेंट्रल जेल भेज दिया गया। हुर्रियत (एम) के चेयरमैन मीरवाइज उमर फारूक को नगीन स्थित आवास पर नजरबंद किया गया है।
अलगाववादियों के आह्वान को देखते हुए सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। मध्य कश्मीर के बडगाम जिले के नारबल इलाके में उपद्रवियों की गिरफ्तारी के लिए की गई छापेमारी के बाद विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। प्रदर्शन के दौरान पूरे इलाके में भारी सुरक्षाबलों की तैनाती की गई थी।
इस दौरान महिलाओं ने भी सड़क पर उतरकर नारेबाजी शुरू कर दी। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षा बलों को पावा शेल चलाने पड़े। श्रीनगर-बारामुला रोड पर सोजेथ बस स्टाप पर निजी वाहनों पर किए गए पथराव में एक बच्चा घायल हो गया।
हिंसा के दौरान निजी स्कूलों में ट्यूशन फीस माफ करने की मांग
घाटी में हिंसा के दौरान बंद पड़े निजी स्कूलों में ट्यूशन फीस तथा ट्रांसपोर्टेशन चार्ज माफ करने की मांग को लेकर अभिभावकों ने शिक्षा मंत्री नईम अख्तर के आवास के बाहर प्रदर्शन किया। पेरेंट्स एसोसिएशन के बैनर तले मांगों के समर्थन में नारेबाजी की गई। उनका कहना था कि जब चार महीने स्कूल खुले ही नहीं तो जबरन फीस वसूले जाने का औचित्य क्या है।
घाटी में वीरवार को वाहन अधिक संख्या में दिखे। सिविल लाइंस तथा शहर के बाहरी इलाकों में दुकानें खुलीं मिलीं। बसों को छोड़कर अन्य सार्वजनिक वाहन तथा निजी वाहन भी सड़कों पर दिखे। हालांकि, स्कूल तथा अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे।

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