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लश्कर का कमांडर ढेर: घर से काम पर निकला और आतंकी बन गया जाकिर; सटीक इनपुट पर दहशतगर्द का खात्मा कर रोका हमला

Thu, 09 Jul 2026 02:38 PM IST
Sharukh Khan अमृतपाल सिंह बाली, अमर उजाला, श्रीनगर
अमृतपाल सिंह बाली, अमर उजाला, श्रीनगर Published by: Sharukh Khan Updated Thu, 09 Jul 2026 02:38 PM IST
सार

दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले आतंकरोधी अभियान के पांचवें दिन बुधवार को सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी हाथ लगी। सुरक्षाबलों ने लश्कर-ए-ताइबा के टॉप कमांडर जाकिर गनी को मार गिराया। उसके साथी लतीफ को मार गिराने के लिए अभियान जारी है।

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Shopian Encounter Zakir left home for work and went on to become a Lashkar commander
शोपियां में सुरक्षा बल - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

श्री अमरनाथ यात्रा के बीच सुरक्षाबलों ने जम्मू-कश्मीर पुलिस के सटीक खुफिया इनपुट के आधार पर बड़ा आतंकी हमला रोका है। सुरक्षाबलों ने शोपियां के छानपोरा और मीमंदर क्षेत्र में पांच दिनों तक चले संयुक्त आतंकवाद विरोधी अभियान में लश्कर-ए-ताइबा (एलईटी) के शीर्ष कमांडर जाकिर अहमद गनई को मार गिराया गया। जाकिर घर से काम पर निकला और फिर लश्कर कमांडर बन गया था।
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सुरक्षाबलों का दावा है कि इस कार्रवाई से अमरनाथ यात्रा को निशाना बनाने की संभावित आतंकी साजिश विफल हुई है। फिलहाल जाकिर के साथी लतीफ की तलाश में अभियान जारी है। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने ऑपरेशन की सफलता पर एक्स पर लिखा, तुम भाग सकते हो, लेकिन छिप नहीं सकते। पुलिस के अनुसार, यह सफलता विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के तालमेल, सटीक खुफिया जानकारी और आधुनिक तकनीक के प्रभावी इस्तेमाल का परिणाम है।
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पुलिस के विशेष इनपुट पर तीन जुलाई को स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (एसओजी), सेना की 44, 55, 20 और 34 राष्ट्रीय राइफल्स तथा सीआरपीएफ ने मीमंदर और छानपोरा के सात गांवों में फैले घने सेब के बागानों में संयुक्त तलाशी अभियान शुरू किया। सर्विलांस कैमरों से दो संदिग्ध आतंकियों की गतिविधियां चिह्नित होने के बाद पूरे इलाके की घेराबंदी की गई।

 

घने बागानों और पेड़ों की वजह से आतंकियों को प्राकृतिक आड़ मिल रही थी। इसे देखते हुए सेना की विक्टर फोर्स ने अतिरिक्त जवानों की तैनाती की और आधुनिक लाइटों की व्यवस्था के जरिए संभावित भागने के सभी रास्तों पर निगरानी बढ़ा दी। पांच दिनों तक रुक-रुककर चली मुठभेड़ के बाद बुधवार को जाकिर अहमद गनई को मार गिराया गया। मुठभेड़ स्थल से हथियार, गोला-बारूद और अन्य सैन्य सामग्री भी बरामद हुई है।
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टीआरएफ के जरिए लश्कर में हुआ था शामिल
कुलगाम के मोतलहामा निवासी खूंखार आतंकी 26 वर्षीय जाकिर अहमद गनई आठवीं तक पढ़ाई करने के बाद शटरिंग का काम करता था। 27 सितंबर 2023 को वह दयालगाम के लिए काम के सिलसिले से घर से निकला और वापस नहीं आया। परिजनों की शिकायत पर तीन अक्तूबर 2023 को कुलगाम थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज की गई।

बाद में वह लश्कर के मुखौटा संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) में शामिल हो गया। जांच एजेंसियों के अनुसार, उसे आतंकी बासित डार और अरबाज अहमद मीर ने संगठन में शामिल होने के लिए प्रेरित किया था। उसके खिलाफ कुलगाम थाने में यूएपीए की धाराओं के तहत मामला भी दर्ज था।

सुरक्षा एजेंसियों के लिए अहम सफलता
सुरक्षाबलों के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, शोपियां दक्षिण कश्मीर को मध्य कश्मीर और पीर पंजाल क्षेत्र से जोड़ने वाला संवेदनशील इलाका है। ऐसे में यहां लश्कर के एक शीर्ष कमांडर का मारा जाना अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

ऑपरेशन की संवेदनशीलता को देखते हुए जम्मू-कश्मीर पुलिस के महानिदेशक (डीजीपी) नलिन प्रभात ने शोपियां पहुंचकर विक्टर फोर्स, सीआरपीएफ और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। खुफिया एजेंसियों के अनुसार, जाकिर के साथ मौजूद आतंकी लतीफ अभी भी इलाके में छिपा हो सकता है। उसे पकड़ने या मार गिराने के लिए सुरक्षा बलों ने घेराबंदी और तलाशी अभियान तेज कर दिया है।

शोपियां मुठभेड़ में लश्कर का कमांडर ढेर
दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले आतंकरोधी अभियान के पांचवें दिन बुधवार को सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी हाथ लगी। सुरक्षाबलों ने लश्कर-ए-ताइबा के टॉप कमांडर जाकिर गनी को मार गिराया। उसके साथी लतीफ को मार गिराने के लिए अभियान जारी है। इन दोनों आतंकियेां की मूवमेंट को सुरक्षाबलों ने सीसीटीवी फुटेज के जरिए बेहद सटीकता से ट्रैक किया था।

 

अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षाबलों को तीन जुलाई को सैदपोरा गांव और मीमंदर इलाके में आतंकियों के छिपे होने के इनपुट मिले थे। चार जुलाई को एक घने बाग में सीसीटीवी कैमरों के जरिए कुलगाम के रहने वाले दो आतंकवादियों को देखा गया। इसके बाद पुलिस, सेना की 44 आरआर और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने अभियान शुरू कर दिया। अगले दिन शाम तक आसपास के चार गांवों को पूरी तरह खंगाल लिया गया। शुरुआत में जब सुरक्षाबल करीब पहुंच तो आतंकियों ने खुद को घिरा देख फायरिंग कर दी। इसके बाद से अब तक मुठभेड़ की स्थिति बनी हुई थी।

रात में भी आतंकियों को घेरे रहे जवान
आतंकी घने बागों के वाले इलाके में छिपे थे। सेना की विशेष आतंकवाद-रोधी इकाई विक्टर फोर्स ने आतंकियों के भागने के सभी रास्ते बंद कर रखे थे। अतिरिक्त जवानों की तैनाती के साथ रात के समय पूरे इलाके में रोशनी की व्यवस्था भी की गई थी। पांच दिनों से चल रहे इस बेहद चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन में जवानों ने दुर्गम रास्तों, बगीचों और रिहाइशी इलाकों में कड़ी घेराबंदी कर रखी थी। खुद को पूरी तरह घिरा पाकर आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर गोलीबारी शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में लतीफ मारा गया।
 

दूसरे आतंकी को मार गिराने के लिए घर-घर तलाशी
दूसरे आतंकी को मार गिराने के लिए सुरक्षाबलों ने छानपोरा और उसके आसपास के तमाम संवेदनशील हिस्सों में तलाशी तेज कर दी है। ड्रोन सर्विलांस, आधुनिक तकनीक और घर-घर जाकर सघन तलाशी ली जा रही है। अभियान की सफलता पर जम्मू-कश्मीर पुलिस ने अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट में कहा, तुम (आतंकी ) भाग सकते हो लेकिन छिप नहीं सकते! आरआर (राष्ट्रीय राइफल्स) और सीआरपीएफ के साथ एक संयुक्त अभियान में एसओजी शोपियां ने एक लश्कर आतंकवादी को ढेर कर दिया।
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