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Jharkhand : झारखंड में इको टूरिज्म, खेल और कला-संस्कृति को मिलेगी नई रफ्तार; CM हेमंत सोरेन ने दिए अहम निर्देश
Tue, 07 Jul 2026 12:28 PM IST
राँची ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: राँची ब्यूरो
Updated Tue, 07 Jul 2026 12:28 PM IST
सार
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पर्यटन, खेल और कला-संस्कृति विभाग की समीक्षा बैठक में इको टूरिज्म, स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी, खिलाड़ियों और कलाकारों के डेटाबेस, पतरातू व नेतरहाट के विकास तथा पर्यटन परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
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सीएम हेमंत सोरेन ने आधिकारियों को दिए निर्देश
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को मंत्रालय में पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 की उपलब्धियों और चालू वित्तीय वर्ष की प्राथमिकताओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने योजनाओं के समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। साथ ही इको टूरिज्म, खेल अवसंरचना, कलाकारों के सशक्तीकरण और युवाओं के लिए नई योजनाओं को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
इको टूरिज्म को मिलेगी प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड में इको टूरिज्म की अपार संभावनाएं हैं और इसे राज्य के विकास का प्रमुख आधार बनाया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को राज्य के अंडरग्राउंड कोयला खदान क्षेत्रों की पहचान कर वहां पर्यटन विकसित करने की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। इसके अलावा सरायकेला-खरसावां, पूर्वी सिंहभूम, गिरिडीह, लातेहार, हजारीबाग, रांची समेत अन्य जिलों में इको टूरिज्म परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने को कहा। मुख्यमंत्री ने झारखंड की नई पर्यटन नीति तैयार करने और पर्यटन स्थलों के समग्र विकास पर भी जोर दिया।
पतरातू और नेतरहाट के विकास पर विशेष जोर
बैठक में पतरातू घाटी को पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने पतरातू व्यू पॉइंट के निर्माण में तेजी लाने और जरूरत वाले पर्यटन स्थलों पर रोपवे विकसित करने की योजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने लातेहार जिले के नेतरहाट में ग्लास वॉच टावर या ग्लास ब्रिज, कोयल व्यू पॉइंट पर कॉटेज, ट्रैकिंग सुविधा और अन्य पर्यटन सुविधाओं के विकास की कार्ययोजना तैयार करने को भी कहा। साथ ही लोध जलप्रपात क्षेत्र में इको टूरिज्म को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया।
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स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की तैयारी होगी शुरू
खेल विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े। उन्होंने खिलाड़ियों का डेटाबेस तैयार करने और आर्थिक रूप से कमजोर खिलाड़ियों के लिए विशेष प्रोत्साहन योजनाएं बनाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही खेलगांव की मेगा स्पोर्ट्स अवसंरचना के रखरखाव, खिलाड़ियों की सुविधाओं और झारखंड में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की स्थापना के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने को कहा। मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों के लिए दूसरे राज्यों के उत्कृष्ट खेल संस्थानों में एक्सपोजर विजिट कराने पर भी जोर दिया।
ये भी पढ़ें- हाथीपांव पर बिहार को क्या मिली उपलब्धि? UN-WHO को लेकर संजय झा ने नीतीश का योगदान याद किया
12 हजार कलाकारों का होगा सत्यापन
कला एवं संस्कृति विभाग की समीक्षा में मुख्यमंत्री ने राज्य के कलाकारों का व्यापक डेटाबेस तैयार करने के निर्देश दिए। विभाग ने बताया कि अब तक करीब 12 हजार कलाकारों का पंजीकरण हो चुका है। मुख्यमंत्री ने इन सभी कलाकारों का जिला स्तर पर सत्यापन कराने और उन्हें देश के प्रतिष्ठित कला संस्थानों से जोड़ने की योजना तैयार करने को कहा। साथ ही अन्य राज्यों के कलाकारों के साथ सांस्कृतिक आदान-प्रदान और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश भी दिए।
पर्यटन से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन क्षेत्र के विकास से झारखंड की धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक पहचान को नई मजबूती मिलेगी। इसके साथ ही स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। उन्होंने अधिकारियों को सभी पर्यटन परियोजनाओं को तय समयसीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करने का निर्देश दिया। बैठक में पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य मंत्री सुदिव्य कुमार, मुख्य सचिव अविनाश कुमार तथा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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इको टूरिज्म को मिलेगी प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड में इको टूरिज्म की अपार संभावनाएं हैं और इसे राज्य के विकास का प्रमुख आधार बनाया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को राज्य के अंडरग्राउंड कोयला खदान क्षेत्रों की पहचान कर वहां पर्यटन विकसित करने की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। इसके अलावा सरायकेला-खरसावां, पूर्वी सिंहभूम, गिरिडीह, लातेहार, हजारीबाग, रांची समेत अन्य जिलों में इको टूरिज्म परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने को कहा। मुख्यमंत्री ने झारखंड की नई पर्यटन नीति तैयार करने और पर्यटन स्थलों के समग्र विकास पर भी जोर दिया।
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पतरातू और नेतरहाट के विकास पर विशेष जोर
बैठक में पतरातू घाटी को पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने पतरातू व्यू पॉइंट के निर्माण में तेजी लाने और जरूरत वाले पर्यटन स्थलों पर रोपवे विकसित करने की योजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने लातेहार जिले के नेतरहाट में ग्लास वॉच टावर या ग्लास ब्रिज, कोयल व्यू पॉइंट पर कॉटेज, ट्रैकिंग सुविधा और अन्य पर्यटन सुविधाओं के विकास की कार्ययोजना तैयार करने को भी कहा। साथ ही लोध जलप्रपात क्षेत्र में इको टूरिज्म को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया।
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स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की तैयारी होगी शुरू
खेल विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े। उन्होंने खिलाड़ियों का डेटाबेस तैयार करने और आर्थिक रूप से कमजोर खिलाड़ियों के लिए विशेष प्रोत्साहन योजनाएं बनाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही खेलगांव की मेगा स्पोर्ट्स अवसंरचना के रखरखाव, खिलाड़ियों की सुविधाओं और झारखंड में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की स्थापना के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने को कहा। मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों के लिए दूसरे राज्यों के उत्कृष्ट खेल संस्थानों में एक्सपोजर विजिट कराने पर भी जोर दिया।
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12 हजार कलाकारों का होगा सत्यापन
कला एवं संस्कृति विभाग की समीक्षा में मुख्यमंत्री ने राज्य के कलाकारों का व्यापक डेटाबेस तैयार करने के निर्देश दिए। विभाग ने बताया कि अब तक करीब 12 हजार कलाकारों का पंजीकरण हो चुका है। मुख्यमंत्री ने इन सभी कलाकारों का जिला स्तर पर सत्यापन कराने और उन्हें देश के प्रतिष्ठित कला संस्थानों से जोड़ने की योजना तैयार करने को कहा। साथ ही अन्य राज्यों के कलाकारों के साथ सांस्कृतिक आदान-प्रदान और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश भी दिए।
पर्यटन से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन क्षेत्र के विकास से झारखंड की धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक पहचान को नई मजबूती मिलेगी। इसके साथ ही स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। उन्होंने अधिकारियों को सभी पर्यटन परियोजनाओं को तय समयसीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करने का निर्देश दिया। बैठक में पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य मंत्री सुदिव्य कुमार, मुख्य सचिव अविनाश कुमार तथा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।