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Jharkhand: सीएम हेमंत सोरेन ने प्रदेश कांग्रेस प्रभारी के साथ की बैठक, आगे की रणनीति पर हुई चर्चा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Sun, 28 Aug 2022 10:10 PM IST
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सार
प्रदेश कांग्रेस प्रभारी और सीएम के बीच बैठक के बाद झारखंड कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि 'यह मुलाकात मुख्यमंत्री और कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे के बीच हुई थी। उन्होंने जो चर्चा की है वह सार्वजनिक करना सही नहीं है।
हेमंत सोरेन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
झारखंड में राजनीतिक अनिश्चितता के बीच रविवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य कांग्रेस प्रभारी अविनाश पांडे से मुलाकात की। दोनों के बीच अगली कार्रवाई के बारे में चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने स्टेट गेस्ट हाउस में बैठक की। इस दौरान उनके बीच एक घंटे से ज्यादा समय तक वार्ता हुई। राज्यपाल के फैसले में देरी पर सीएम सोरेन ने कहा कि इसके बारे में वे ही बेहतर जवाब दे सकते हैं। गौरतलब है कि इससे पहले शनिवार की रात झारखंड में उपजे राजनीतिक संकट पर आगे की कार्रवाई की रणनीति पर विचार करने के लिए कांग्रेस विधायक दल की बैठक हुई थी।
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कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर बोले- कहीं कोई दिक्कत नहीं
प्रदेश कांग्रेस प्रभारी और सीएम के बीच बैठक के बाद झारखंड कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि 'यह मुलाकात मुख्यमंत्री और कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे के बीच हुई थी। उन्होंने जो चर्चा की है वह सार्वजनिक करना सही नहीं है। शनिवार को हुई एक बैठक के बारे में उन्होंने कहा कि कल की बैठक में विधायक, मंत्री, कार्यकर्ता मिले थे। सबने अपने विचार रखे। सरकार के संकट पर कोई बात नहीं हुई। राजेश ठाकुर ने कहा कि कहीं कोई दिक्कत नहीं है। राज्यपाल की ओर से देरी हो रही है। उनसे अविलम्ब निर्णय सार्वजनिक करने का अनुरोध करेंगे।
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कांग्रेस नेता और स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने लगाया आरोप
शनिवार को हुई बैठक के बाद कांग्रेस नेता और स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि राज्य में सरकार को अस्थिर करने की साजिश रची गई है। उन्होंने बिना नाम लिए भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि हमारी राज्य सरकार को अस्थिर करने के लिए एक साजिश रची गई थी। देश भर में, निर्वाचित सरकारों को अस्थिर किया जा रहा है। अब, यह एक आदर्श बन गया है। कांग्रेस इसके खिलाफ मजबूती से खड़ी है और सरकार में कोई संकट नहीं है।
क्यों संकट में है सोरेन सरकार
राज्यपाल रमेश बैस किसी भी समय हेमंत सोरेन की विधानसभा सदस्यता खत्म करने की घोषणा कर सकते हैं। सोरेन पर मुख्यमंत्री रहते अपने नाम से खनन पट्टा लेने का आरोप है। चुनाव आयोग सोरेन की सदस्यता खत्म करने की सिफारिश राज्यपाल को भेज चुका है। सोरेन की विधायकी जाने पर उन्हें मुख्यमंत्री पद छोड़ना होगा। सरकार गिरने से राजनीतिक अनिश्चितता का माहौल बनने का लाभ विपक्षी भाजपा उठा सकती है जिसे सरकार बनाने के लिए 13 विधायकों की जरूरत है।
शनिवार देर रात हुई बैठक
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शनिवार को राज्य के सत्तारूढ़ यूपीए गठबंधन के सदस्यों की एक बैठक बुलाई थी। सोरेन के आवास पर रात में हुई विधायकों की बैठक में कांग्रेस के विधायक भी शामिल हुए। इसमें शामिल होने कांग्रेस विधायक दल के नेता अविनाश पांडे भी पहुंचे। बाद में पांडे ने कहा कि कांग्रेस संकट के समय सोरेन के साथ है। अपने तीन विधायकों को कोलकाता में भारी मात्रा में नकदी के साथ पकड़े जाने के बाद निलंबित कर चुकी है। विधानसभा में पार्टी के पास 16 सदस्य हैं और संख्या बल को देखते हुए भाजपा के लिए झामुमो के मुकाबले कांग्रेस में दलबदल कराना आसान लग रहा है। इसे देखते हुए पार्टी अतिरिक्त सतर्कता बरत रही है।
बन्ना गुप्ता बोले- भाजपा सरकार बर्खास्त कर के देख ले
झारखंड मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि हम विधानसभा में 50 से ऊपर हैं और हमारे पास पूर्ण बहुमत है। बीजेपी को अनुच्छेद 356 का इस्तेमाल करना चाहिए और राज्य सरकार को बर्खास्त करना चाहिए। अगर वे ऐसा नहीं कर सकते हैं, तो उन्हें इस तरह की साजिश रचना बंद कर देना चाहिए। राज्यपाल को अपना फैसला सार्वजनिक करना चाहिए, हम 24 घंटे में इसका जवाब देंगे।
सिर्फ 33 विधायक सोरेन के साथ : भाजपा
झारखंड से भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने यूपीए विधायकों को रिसॉर्ट भेजे जाने के बारे में कहा, हाथ-पैर मारने के बाद भी यूपीए के सिर्फ 33 विधायक रांची में सरकारी जमा हो पाए। झामुमो विधायकों का पहला पड़ाव लतरातू में।
82 सदस्यीय झारखंड विधानसभा में दलगत स्थिति
सरकार के पक्ष में
झामुमो 30
कांग्रेस 16
राजद 1
भाकपा माले 1
राकांपा 1
विपक्ष में
भाजपा 28
आजसू 2
निर्दलीय 2
मनोनीत 1

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