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Jharkhand: अवैध खनन मामले में सीबीआई की जांच तेज, खनन कार्यालय से जुटाए कई वर्षों पुराने दस्तावेज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, साहिबगंज
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 09 Jan 2026 10:06 AM IST
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सार
साहिबगंज जिले में वर्ष 2022 से चल रहे अवैध खनन मामले की जांच में सीबीआई ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। पांच सदस्यीय टीम ने खनन कार्यालय में कई वर्षों पुराने दस्तावेज जुटाए और क्षेत्रीय खनन स्थलों का निरीक्षण किया।
सीबीआई की सघन जांच
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
साहिबगंज। जिले में वर्ष 2022 से चल रहे अवैध खनन मामले की जांच में सीबीआई ने अपनी कार्रवाई और तेज कर दी है। 7 जनवरी से साहिबगंज में मौजूद सीबीआई की पांच सदस्यीय टीम ने गुरुवार को जिला खनन कार्यालय में कई वर्षों पुराने दस्तावेज खंगाले और क्षेत्र के विभिन्न स्थानों का निरीक्षण किया। इस कार्रवाई ने जिले के खनन कारोबार में हलचल पैदा कर दी है।
कोर्ट से सुपुर्दगी मिलने के बाद गुरुवार को सुबह 11:09 बजे सीबीआई की टीम खनन कार्यालय पहुंची। दस्तावेजों की पड़ताल के दौरान टीम के दो सदस्य कार्यालय में रहे, जबकि एक सदस्य 11:48 बजे वापस सर्किट हाउस लौट गए। दोपहर लगभग 1:46 बजे एक सदस्य डीएमओ कृष्ण कुमार किस्कू के साथ खनन कार्यालय से सर्किट हाउस पहुंचे, हालांकि डीएमओ ने सीधे सर्किट हाउस न जाकर अन्य स्थान की ओर रुख किया।
इस बीच झामुमो के एक नेता 12:30 से 1 बजे के बीच सर्किट हाउस पहुंचे और लगभग 2:30 बजे वहां से बाहर निकल गए। दोपहर 3 बजे सीबीआई का एक वाहन पुनः खनन कार्यालय गया और खबर लिखे जाने तक टीम दस्तावेजों की जांच कर रही थी।
यह भी पढ़ें- Jharkhand: रांची में अपहृत दो मासूमों का तीन दिन बाद अब तक सुराग नहीं, नाराज लोगों ने शहीद चौक पर दिया धरना
ज्ञात हो कि 7 जनवरी बुधवार को सीबीआई की पांच सदस्यीय टीम साहिबगंज पहुंची थी। टीम ने पहले दिन सुबह लगभग 10:55 बजे वाहन संख्या जेएच 18 सी 6947 और एक अन्य वाहन के साथ खनन कार्यालय का दौरा किया। यहां से लगभग 11:44 बजे दस्तावेज जुटाने के बाद टीम ईडी द्वारा जुलाई 2022 में जब्त किए गए पानी के जहाज एमवी इंफ्रा लिंक-3 (डब्ल्यू बी 1809) का निरीक्षण करने सकरीगली के समदा नाला गंगा घाट गई।
इसके बाद दोपहर 12:27 बजे टीम महादेवगंज, चुआ मौजा के नींबू पहाड़ पहुँची और फिर 1:47 बजे बासा स्थित संकट मोचन स्टोन माइंस का मुआयना किया। वहां कर्मियों से पूछताछ की गई और मोबाइल लोकेशन आदि की जांच की गई। दोपहर 2:15 बजे टीम वापस लौट गई। यह मामला वर्ष 2022 से जांचाधीन है। इस दौरान ईडी ने कई पदाधिकारियों, नेताओं और दर्जनों पत्थर व्यवसायियों सहित अन्य लोगों से पूछताछ की और कई को जेल भी भेजा। सीबीआई ने मामले को टेकओवर करने के बाद अपनी स्वतंत्र जांच शुरू की, जिससे साहिबगंज के खनन जगत में खलबली मच गई है।
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कोर्ट से सुपुर्दगी मिलने के बाद गुरुवार को सुबह 11:09 बजे सीबीआई की टीम खनन कार्यालय पहुंची। दस्तावेजों की पड़ताल के दौरान टीम के दो सदस्य कार्यालय में रहे, जबकि एक सदस्य 11:48 बजे वापस सर्किट हाउस लौट गए। दोपहर लगभग 1:46 बजे एक सदस्य डीएमओ कृष्ण कुमार किस्कू के साथ खनन कार्यालय से सर्किट हाउस पहुंचे, हालांकि डीएमओ ने सीधे सर्किट हाउस न जाकर अन्य स्थान की ओर रुख किया।
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इस बीच झामुमो के एक नेता 12:30 से 1 बजे के बीच सर्किट हाउस पहुंचे और लगभग 2:30 बजे वहां से बाहर निकल गए। दोपहर 3 बजे सीबीआई का एक वाहन पुनः खनन कार्यालय गया और खबर लिखे जाने तक टीम दस्तावेजों की जांच कर रही थी।
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ज्ञात हो कि 7 जनवरी बुधवार को सीबीआई की पांच सदस्यीय टीम साहिबगंज पहुंची थी। टीम ने पहले दिन सुबह लगभग 10:55 बजे वाहन संख्या जेएच 18 सी 6947 और एक अन्य वाहन के साथ खनन कार्यालय का दौरा किया। यहां से लगभग 11:44 बजे दस्तावेज जुटाने के बाद टीम ईडी द्वारा जुलाई 2022 में जब्त किए गए पानी के जहाज एमवी इंफ्रा लिंक-3 (डब्ल्यू बी 1809) का निरीक्षण करने सकरीगली के समदा नाला गंगा घाट गई।
इसके बाद दोपहर 12:27 बजे टीम महादेवगंज, चुआ मौजा के नींबू पहाड़ पहुँची और फिर 1:47 बजे बासा स्थित संकट मोचन स्टोन माइंस का मुआयना किया। वहां कर्मियों से पूछताछ की गई और मोबाइल लोकेशन आदि की जांच की गई। दोपहर 2:15 बजे टीम वापस लौट गई। यह मामला वर्ष 2022 से जांचाधीन है। इस दौरान ईडी ने कई पदाधिकारियों, नेताओं और दर्जनों पत्थर व्यवसायियों सहित अन्य लोगों से पूछताछ की और कई को जेल भी भेजा। सीबीआई ने मामले को टेकओवर करने के बाद अपनी स्वतंत्र जांच शुरू की, जिससे साहिबगंज के खनन जगत में खलबली मच गई है।